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डीआईओएस, तत्कालीन व वर्तमान
Updated Fri, 23 Jun 2017 03:19 AM IST
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डीआईओएस व बीएसए पर 25-25 हजार का जुर्माना
- सूचना आयुक्त ने बचत भवन में दूसरे दिन की जनसुनवाई
- कहा कि, सूचना देेने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह विष्ट ने गुरुवार को बचत भवन सभागार में जनसुनवाई की। सूचना न देने पर डीआईओएस, तत्कालीन और वर्तमान बीएसए पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। उन्होंने कहा कि सूचना देेेने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दूसरे दिन जनसुनवाई में तत्कालीन बीएसए गुरूशरण निरंजन पर 25000 अर्थदंड लगाया। शिक्षक अनिल सिंह का इंक्रीमेंट चार साल से नहीं दिया था। शिक्षक की दोनों किडनी खराब होने एवं आर्थिक तंगी की बात उनकी पत्नी प्रर्मिला सिंह ने रखी। इसी तरह वर्तमान बीएसए राजेंद्र सिंह पर सूचना न देने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इंद्रपाल सिंह ने बाउंड्रीवाल पुरानी की मरम्मत करके नये का पैसा वसूला गया की सूचना मांगी थी, लेकिन सूचना नहीं दी गई। इसी तरह सूचना न देेने पर जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार श्रीवास्तव पर भी 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
सूचना आयुक्त ने बार-बार अधिकारियों को सूचना समय पर न देने, अपर्याप्त सूचना देने तथा गलत सूचना देने पर हिदायत दी। उन्होंने कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों पर नाराजगी भी व्यक्त की। सूचना आयुक्त ने जन सुनवाई के दौरान अधिकारियों से स्पष्ट सटीक एवं समय पर सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि न्यायिक कार्य एवं जनहित सर्वोपरि है। सरकार द्वारा समय पर जन सुनवाई, निस्तारित करने पर बहुत जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जन सुनवाई के मामलों में यदि कोई भी अधिकारी लापरवाही करता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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- सूचना आयुक्त ने बचत भवन में दूसरे दिन की जनसुनवाई
- कहा कि, सूचना देेने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह विष्ट ने गुरुवार को बचत भवन सभागार में जनसुनवाई की। सूचना न देने पर डीआईओएस, तत्कालीन और वर्तमान बीएसए पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। उन्होंने कहा कि सूचना देेेने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दूसरे दिन जनसुनवाई में तत्कालीन बीएसए गुरूशरण निरंजन पर 25000 अर्थदंड लगाया। शिक्षक अनिल सिंह का इंक्रीमेंट चार साल से नहीं दिया था। शिक्षक की दोनों किडनी खराब होने एवं आर्थिक तंगी की बात उनकी पत्नी प्रर्मिला सिंह ने रखी। इसी तरह वर्तमान बीएसए राजेंद्र सिंह पर सूचना न देने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इंद्रपाल सिंह ने बाउंड्रीवाल पुरानी की मरम्मत करके नये का पैसा वसूला गया की सूचना मांगी थी, लेकिन सूचना नहीं दी गई। इसी तरह सूचना न देेने पर जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार श्रीवास्तव पर भी 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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सूचना आयुक्त ने बार-बार अधिकारियों को सूचना समय पर न देने, अपर्याप्त सूचना देने तथा गलत सूचना देने पर हिदायत दी। उन्होंने कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों पर नाराजगी भी व्यक्त की। सूचना आयुक्त ने जन सुनवाई के दौरान अधिकारियों से स्पष्ट सटीक एवं समय पर सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि न्यायिक कार्य एवं जनहित सर्वोपरि है। सरकार द्वारा समय पर जन सुनवाई, निस्तारित करने पर बहुत जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जन सुनवाई के मामलों में यदि कोई भी अधिकारी लापरवाही करता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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