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ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे हैं 40 हजार उपभोक्ता
Updated Fri, 23 Jun 2017 03:19 AM IST
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ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे 40 हजार उपभोक्ता
जर्जर तारों पर रखी पेड़ की डालें, आपूर्ति में रोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। नगरी क्षेत्र के करीब 40 हजार उपभोक्ता बिजली की ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। दिन हो या रात हर घंटे ट्रिपिंग होती है। यह हाल तब जब शहर क्षेत्र में 26 करोड़ रुपये की लागत सुधार कार्य कराया और चल भी रहा है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली है। नागरिकों ने बताया कि अभियंताओं की खाऊ कमाऊ नीति से जर्जर तार नहीं बदले जा रहे हैं। जगह-जगह तारों पर पेड़ की डालें रखी हुई है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर क्षेत्र में पांच विद्युत उपकेंद्र इंदिरा नगर, गोराबाजार, प्रगतिपुरम, आईटीआई, तिलियाकोट हैं। सभी उपकेंद्रों की हालत दयनीय है। शहर में जर्जर तारों का मकड़जाल फैला है। जो लाइनलॉस के अलावा आपूर्ति में बाधा बने हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए शहर में आरएपीडीआरपी योजना के तहत 26 करोड़ से सुधार कार्य चल रहा है। करीब 70 फीसदी कार्य पूरा भी हो गया है, लेकिन उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। हर घंटे ट्रिपिंग की समस्या से उपभोक्ता बेहाल है।
उपभोक्ता शरद मेहरोत्रा, अभिषेक तिवारी, जय कुमार त्रिवेदी ने बताया कि एक घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं मिलती है। हर घंटे बिजली कटौती की जाती है। बिजली सुधार के नाम पर खनापूरी की गई है। सभी ने इसकी जांच कराए जाने की मांग की है। एसडीओ टाउन अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि फॉल्ट आने पर आपूर्ति बंद की जाती है।
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जर्जर तारों पर रखी पेड़ की डालें, आपूर्ति में रोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। नगरी क्षेत्र के करीब 40 हजार उपभोक्ता बिजली की ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। दिन हो या रात हर घंटे ट्रिपिंग होती है। यह हाल तब जब शहर क्षेत्र में 26 करोड़ रुपये की लागत सुधार कार्य कराया और चल भी रहा है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली है। नागरिकों ने बताया कि अभियंताओं की खाऊ कमाऊ नीति से जर्जर तार नहीं बदले जा रहे हैं। जगह-जगह तारों पर पेड़ की डालें रखी हुई है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर क्षेत्र में पांच विद्युत उपकेंद्र इंदिरा नगर, गोराबाजार, प्रगतिपुरम, आईटीआई, तिलियाकोट हैं। सभी उपकेंद्रों की हालत दयनीय है। शहर में जर्जर तारों का मकड़जाल फैला है। जो लाइनलॉस के अलावा आपूर्ति में बाधा बने हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए शहर में आरएपीडीआरपी योजना के तहत 26 करोड़ से सुधार कार्य चल रहा है। करीब 70 फीसदी कार्य पूरा भी हो गया है, लेकिन उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। हर घंटे ट्रिपिंग की समस्या से उपभोक्ता बेहाल है।
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उपभोक्ता शरद मेहरोत्रा, अभिषेक तिवारी, जय कुमार त्रिवेदी ने बताया कि एक घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं मिलती है। हर घंटे बिजली कटौती की जाती है। बिजली सुधार के नाम पर खनापूरी की गई है। सभी ने इसकी जांच कराए जाने की मांग की है। एसडीओ टाउन अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि फॉल्ट आने पर आपूर्ति बंद की जाती है।
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