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खुशी मिली ऐसी कि मन में न समाए...
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:33 AM IST
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रायबरेली। जिला मुख्यालय से पांच किमी दूर दरियापुर स्थित एम्स, जहां का नजारा बदला-बदला नजर आ रहा था। चंद रोज पहले जहां सिर्फ अटकलें थीं, वहां सपने हकीकत में बदल रहे थे। सुबह का वक्त था, लेकिन वहां का नजारा किसी उत्सव की तरह लग रहा था। वर्ष 1978 की यादें एक बार फिर तरोताजा हो रही थीं, जब चीनी मिल का हूटर बजना शुरू हुआ था।
वहां मौजूद हर शख्स के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। एक-दूसरे को लड्डू खिलाए जा रहे थे। जो भी उधर मार्ग से गुजरता, उसके कदम कुछ देर के लिए वहां पर ठिठक जाते। जुबां से सिर्फ एक ही बात निकल रही थी कि खुशी मिली ऐसी कि मन में न समाए...। सोमवार को एम्स की ओपीडी शुरू होने पर ऐसा नजारा दिख रहा था, जैसे चार दशक पहले चीनी मिल खुलने पर दिखा था।
एम्स के सामने धर्मेंद्र त्रिवेदी मेडिकल स्टोर चलाते हैं। धर्मेंद्र के सपने हिलोरें मार रहे थे। एम्स शुरू होने से वे इतने खुश थे कि 11 किलो लड्डू मंगवाकर लोगों को खिलाए। कहते हैं कि आज सपना हकीकत में बदल गया। इस क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे जिले का एम्स की वजह से विकास होगा।
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मधुपुरी गांव के दो बार प्रधान रह चुके रमाशंकर भी इस दिन को ऐतिहासिक बताया। 78 साल के रमाशंकर कहते हैं कि उन्हें जब चीनी मिल शुरू हुई थी, तब का समय याद है। कुछ ऐसा ही माहौल तब देखा था। चीनी मिल की बंदी के बाद क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि पूरे जिले के लोग खफा थे। आज एम्स की ओपीडी शुरू होने से अरसे से मन में चीनी मिल बंदी की टीस खत्म हो गई। बस यही चाहिए कि एम्स पूरी तरह से संचालित हो।
सुल्तानपुर आइमा के विनोदचंद्र पांडेय के चेहरे पर भी खुशी झलक रही थी। 55 वर्षीय विनोद चंद्र कहते हैं कि यादगर पल हैं। इससे रायबरेली के अलावा पूरे प्रदेश के रोगियों का हित होगा। पासापुर निवासी अंजनी कुमार भी सुबह से ही एम्स पहुंच गए थे।
कहते हैं कि एम्स की ओपीडी बनकर तैयार थी। उहापोह की स्थिति थी कि ओपीडी चलेगी या नहीं, पर आज ओपीडी शुरू हो गई, जिससे बहुत खुशी मिली। कमोवेश यही नजारा एम्स ओपीडी के बाहर दिख रहा था। लड्डू बांटे जा रहे थे। एक-दूसरे को खिलाकर खुशी का इजहार किया जा रहा था। हो भी क्यों न, 11 साल के लंबे अरसे के बाद एम्स की ओपीडी शुरू होने का यह दिन गवाह बन रहा था।
आम लोगों के साथ ही कांग्रेसियों की ओर से एम्स की ओपीडी के बाहर मिठाई बांटी गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीके शुक्ला, सुनील श्रीवास्तव, आशीष द्विवेदी, निर्मल शुक्ला, पंकज तिवारी, सईदुल हसन आदि नेताओं ने वहां पहुंचकर एम्स की ओपीडी शुरू होने पर खुशी जताई। एक-दूसरे का मुंह मीठा किया। अक्षीक्षक को बुकें भेंटकर स्वागत किया। सभी ने पार्टी की उपलब्धि बताते हुए खुशी का इजहार किया।
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वहां मौजूद हर शख्स के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। एक-दूसरे को लड्डू खिलाए जा रहे थे। जो भी उधर मार्ग से गुजरता, उसके कदम कुछ देर के लिए वहां पर ठिठक जाते। जुबां से सिर्फ एक ही बात निकल रही थी कि खुशी मिली ऐसी कि मन में न समाए...। सोमवार को एम्स की ओपीडी शुरू होने पर ऐसा नजारा दिख रहा था, जैसे चार दशक पहले चीनी मिल खुलने पर दिखा था।
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एम्स के सामने धर्मेंद्र त्रिवेदी मेडिकल स्टोर चलाते हैं। धर्मेंद्र के सपने हिलोरें मार रहे थे। एम्स शुरू होने से वे इतने खुश थे कि 11 किलो लड्डू मंगवाकर लोगों को खिलाए। कहते हैं कि आज सपना हकीकत में बदल गया। इस क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे जिले का एम्स की वजह से विकास होगा।
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मधुपुरी गांव के दो बार प्रधान रह चुके रमाशंकर भी इस दिन को ऐतिहासिक बताया। 78 साल के रमाशंकर कहते हैं कि उन्हें जब चीनी मिल शुरू हुई थी, तब का समय याद है। कुछ ऐसा ही माहौल तब देखा था। चीनी मिल की बंदी के बाद क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि पूरे जिले के लोग खफा थे। आज एम्स की ओपीडी शुरू होने से अरसे से मन में चीनी मिल बंदी की टीस खत्म हो गई। बस यही चाहिए कि एम्स पूरी तरह से संचालित हो।
सुल्तानपुर आइमा के विनोदचंद्र पांडेय के चेहरे पर भी खुशी झलक रही थी। 55 वर्षीय विनोद चंद्र कहते हैं कि यादगर पल हैं। इससे रायबरेली के अलावा पूरे प्रदेश के रोगियों का हित होगा। पासापुर निवासी अंजनी कुमार भी सुबह से ही एम्स पहुंच गए थे।
कहते हैं कि एम्स की ओपीडी बनकर तैयार थी। उहापोह की स्थिति थी कि ओपीडी चलेगी या नहीं, पर आज ओपीडी शुरू हो गई, जिससे बहुत खुशी मिली। कमोवेश यही नजारा एम्स ओपीडी के बाहर दिख रहा था। लड्डू बांटे जा रहे थे। एक-दूसरे को खिलाकर खुशी का इजहार किया जा रहा था। हो भी क्यों न, 11 साल के लंबे अरसे के बाद एम्स की ओपीडी शुरू होने का यह दिन गवाह बन रहा था।
आम लोगों के साथ ही कांग्रेसियों की ओर से एम्स की ओपीडी के बाहर मिठाई बांटी गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीके शुक्ला, सुनील श्रीवास्तव, आशीष द्विवेदी, निर्मल शुक्ला, पंकज तिवारी, सईदुल हसन आदि नेताओं ने वहां पहुंचकर एम्स की ओपीडी शुरू होने पर खुशी जताई। एक-दूसरे का मुंह मीठा किया। अक्षीक्षक को बुकें भेंटकर स्वागत किया। सभी ने पार्टी की उपलब्धि बताते हुए खुशी का इजहार किया।