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हर दिन दो स्कूलों में जाकर जांच करके सौैंपनी होगी रिपोर्ट
Updated Wed, 23 Aug 2017 11:15 PM IST
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एमडीएम की गुणवत्ता परखने में नहीं चलेगी मनमानी
रायबरेली। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को परोसे जाने वाले एमडीएम की गुणवत्ता परखने में अब किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। एफएसडीए के अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को हर दिन दो स्कूलों में जाकर एमडीएम चेक करने, नमूने लेने और इसकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद बच्चों को शुद्ध भोजन उपलब्ध कराना है।
जिले में 2600 सरकारी स्कूल हैं, जिसमें ढाई लाख से ज्यादा बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दोपहर का भोजन दिया जाता है। उच्चाधिकारियों के आए आदेश के बाद अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को एमडीएम की गुणवत्ता जांच करने में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त न करने की बात कही है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को हर दिन दो स्कूलों का निरीक्षण करके एमडीएम को चेक करके नमूने लेने के निर्देश दिए है। साथ ही इसकी रिपोर्ट भी देने की बात कही है। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों का प्रयास है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को शुद्ध एमडीएम मिले। इस पर भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए कड़ाई से इस कार्य पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई खाद्य सुरक्षा अधिकारी लापरवाही बरतेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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रायबरेली। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को परोसे जाने वाले एमडीएम की गुणवत्ता परखने में अब किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। एफएसडीए के अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को हर दिन दो स्कूलों में जाकर एमडीएम चेक करने, नमूने लेने और इसकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद बच्चों को शुद्ध भोजन उपलब्ध कराना है।
जिले में 2600 सरकारी स्कूल हैं, जिसमें ढाई लाख से ज्यादा बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दोपहर का भोजन दिया जाता है। उच्चाधिकारियों के आए आदेश के बाद अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को एमडीएम की गुणवत्ता जांच करने में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त न करने की बात कही है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को हर दिन दो स्कूलों का निरीक्षण करके एमडीएम को चेक करके नमूने लेने के निर्देश दिए है। साथ ही इसकी रिपोर्ट भी देने की बात कही है। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों का प्रयास है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को शुद्ध एमडीएम मिले। इस पर भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए कड़ाई से इस कार्य पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई खाद्य सुरक्षा अधिकारी लापरवाही बरतेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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