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छुट्टी पर आए सिपाही को जहरीला जंतु ने काटा, मौत
Updated Mon, 25 Jun 2018 12:33 AM IST
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छुट्टी पर आए सिपाही को जहरीले जंतु ने काटा, मौत
अमावां। मिल एरिया क्षेत्र में शनिवार रात छुट्टी लेकर घर आए सिपाही रामराज (26) की जहरीले जंतु के काटने से मौत हो गई। घटना के बाद उसे जिला अस्पताल भी पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सिपाही ने नौकरी मिलने पर मंदिर में रामचरित मानस पाठ कराने की मन्नत मांगी थी। मुराद पूरी होने पर वह रामचरित मानस पाठ कराने के लिए घर आया था।
पूरे कुमेदान गांव निवासी जगन्नाथ का छोटे बेटा रामराज दो साल पहले पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। वर्तमान में वह वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर पुलिस चौकी पर सिपाही के पद पर तैनात था।
रामराज ने आस्तिक मंदिर में नौकरी पाने की मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने पर वह मंदिर में रामचरित मानस पाठ कराने की तैयारी में लगा था। 21 जून को ही वह छुट्टी लेकर घर आया था।
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शनिवार को बड़े भाई रामबरन के साथ पूजा पाठ के लिए बाजार से सामान खरीदने गया था। देर रात घर वापस आया था। घर के सामने दोनों भाई बैठ कर बातें कर रहे थे।
इसी दौरान रामराज को किसी जहरीले जंतु ने काट लिया। बेहोशी की हालत में पहले तो रामराज को आस्तिक देव मंदिर ले जाया, जहां हालत में सुधार नहीं होने पर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
मां रामरती पर तो मानो पहाड़ ही टूट पड़ा। उसकी जुबान से बस यही शब्द निकल रहे थे। पूजा कराने घर आया था, जिसके लिए आया था। उसी ने उसे हमसे छीन लिया। एसओ अतुल सिंह ने बताया कि जहरीले जंतु के काटने से सिपाही की मौत हुई है।
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अमावां। मिल एरिया क्षेत्र में शनिवार रात छुट्टी लेकर घर आए सिपाही रामराज (26) की जहरीले जंतु के काटने से मौत हो गई। घटना के बाद उसे जिला अस्पताल भी पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सिपाही ने नौकरी मिलने पर मंदिर में रामचरित मानस पाठ कराने की मन्नत मांगी थी। मुराद पूरी होने पर वह रामचरित मानस पाठ कराने के लिए घर आया था।
पूरे कुमेदान गांव निवासी जगन्नाथ का छोटे बेटा रामराज दो साल पहले पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। वर्तमान में वह वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर पुलिस चौकी पर सिपाही के पद पर तैनात था।
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रामराज ने आस्तिक मंदिर में नौकरी पाने की मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने पर वह मंदिर में रामचरित मानस पाठ कराने की तैयारी में लगा था। 21 जून को ही वह छुट्टी लेकर घर आया था।
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शनिवार को बड़े भाई रामबरन के साथ पूजा पाठ के लिए बाजार से सामान खरीदने गया था। देर रात घर वापस आया था। घर के सामने दोनों भाई बैठ कर बातें कर रहे थे।
इसी दौरान रामराज को किसी जहरीले जंतु ने काट लिया। बेहोशी की हालत में पहले तो रामराज को आस्तिक देव मंदिर ले जाया, जहां हालत में सुधार नहीं होने पर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
मां रामरती पर तो मानो पहाड़ ही टूट पड़ा। उसकी जुबान से बस यही शब्द निकल रहे थे। पूजा कराने घर आया था, जिसके लिए आया था। उसी ने उसे हमसे छीन लिया। एसओ अतुल सिंह ने बताया कि जहरीले जंतु के काटने से सिपाही की मौत हुई है।