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400 दंपतियों में एचआईवी, एक साल में 28 नए दंपती संक्रमित
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:30 AM IST
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एक साल में 28 दंपती एचआईवी संक्रमित
रायबरेली। जिले में एचआईवी का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। 14 साल में करीब 400 दंपती एचआईवी की चपेट में आ चुके हैं। एक साल के अंदर एचआईवी संक्रमण के 96 नए केस सामने आए हैं। इसमें 28 नए दंपती शामिल हैं। अब तक जिले में 146 लोगों की एड्स की चपेट में आने से मौत हो गई है। 2.95 लाख लोगों की जांच में 1180 लोगों में एचआईवी पॉजिटिव पाया गया है। विभाग के तमाम प्रयासों के और जागरूकता के बाद भी एचआईवी का संक्रमण कम होने का नाम नहीं ने रहा है। लालगंज क्षेत्र में सबसे अधिक एचआईवी संक्रमित रोगी हैं, जबकि बछरावां क्षेत्र दूसरे स्थान पर कायम है।
वर्ष 2004 से जिले में लोगों को एचआईवी संक्रमण से बचाने का काम शुरू हुआ है। 14 साल में स्वास्थ्य विभाग ने इस संक्रमण से लोगों को बचाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन रोगियों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। लगातार एचआईवी संक्रमित रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल के साथ ही लालगंज, बछरावां और ऊंचाहार में एचआईवी की जांच के लिए सेंटर खोले गए हैं। अकेले लालगंज क्षेत्र में सबसे अधिक से एचआईवी संक्रमित मिले हैं। जिले में लगातार एचआईवी संक्रमण की बढ़ रही संख्या खतरनाक संदेश रही है।
तीन साल में मिले रोगियों में 90 फीसदी युवा
युवाओं में एचआईवी संक्रमण का कहर तेजी से बढ़ा है। तीन साल में मिले नए केस में 90 फीसदी युवा ही शामिल हैं। इंजेक्शन की लत रखने वालों में भी एचआईवी संक्रमण होने की आशंका होती है। तमाम जागरूकता कार्यक्रमों के बाद भी युवाओं को संक्रमण से नहीं रोका जा पा रहा है। दंपतियों में संक्रमण के कारण नवजात में भी इसका असर पड़ना शुरू हो गया है।
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लोगों को एचआईवी संक्रमण से बचाने और जांच के लिए जिले में पांच सेंटर खोले गए हैं। जांच में एचआईवी पॉजिटिव मिलने के बाद संबंधित रोगी के परिचय को गुप्त रखा जाता है। इलाज कराने का भी प्रयास किया जाता है। एक दिसंबर को जागरूकता के लिए कार्यक्रम होंगे।-डॉ. डीके सिंह, सीएमओ
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रायबरेली। जिले में एचआईवी का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। 14 साल में करीब 400 दंपती एचआईवी की चपेट में आ चुके हैं। एक साल के अंदर एचआईवी संक्रमण के 96 नए केस सामने आए हैं। इसमें 28 नए दंपती शामिल हैं। अब तक जिले में 146 लोगों की एड्स की चपेट में आने से मौत हो गई है। 2.95 लाख लोगों की जांच में 1180 लोगों में एचआईवी पॉजिटिव पाया गया है। विभाग के तमाम प्रयासों के और जागरूकता के बाद भी एचआईवी का संक्रमण कम होने का नाम नहीं ने रहा है। लालगंज क्षेत्र में सबसे अधिक एचआईवी संक्रमित रोगी हैं, जबकि बछरावां क्षेत्र दूसरे स्थान पर कायम है।
वर्ष 2004 से जिले में लोगों को एचआईवी संक्रमण से बचाने का काम शुरू हुआ है। 14 साल में स्वास्थ्य विभाग ने इस संक्रमण से लोगों को बचाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन रोगियों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। लगातार एचआईवी संक्रमित रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल के साथ ही लालगंज, बछरावां और ऊंचाहार में एचआईवी की जांच के लिए सेंटर खोले गए हैं। अकेले लालगंज क्षेत्र में सबसे अधिक से एचआईवी संक्रमित मिले हैं। जिले में लगातार एचआईवी संक्रमण की बढ़ रही संख्या खतरनाक संदेश रही है।
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तीन साल में मिले रोगियों में 90 फीसदी युवा
युवाओं में एचआईवी संक्रमण का कहर तेजी से बढ़ा है। तीन साल में मिले नए केस में 90 फीसदी युवा ही शामिल हैं। इंजेक्शन की लत रखने वालों में भी एचआईवी संक्रमण होने की आशंका होती है। तमाम जागरूकता कार्यक्रमों के बाद भी युवाओं को संक्रमण से नहीं रोका जा पा रहा है। दंपतियों में संक्रमण के कारण नवजात में भी इसका असर पड़ना शुरू हो गया है।
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लोगों को एचआईवी संक्रमण से बचाने और जांच के लिए जिले में पांच सेंटर खोले गए हैं। जांच में एचआईवी पॉजिटिव मिलने के बाद संबंधित रोगी के परिचय को गुप्त रखा जाता है। इलाज कराने का भी प्रयास किया जाता है। एक दिसंबर को जागरूकता के लिए कार्यक्रम होंगे।-डॉ. डीके सिंह, सीएमओ