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दो साल में ही ध्वस्त हो गया लाखों की लागत से बना पुल
Updated Sun, 01 Jul 2018 11:48 PM IST
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दो साल में ही ध्वस्त हो गया लाखों की लागत से बना पुल
डलमऊ (रायबरेली)। तहसील क्षेत्र में डलमऊ और जगतपुर को जोड़ने वाले राज्यमार्ग पर शिवपुरी गांव के निकट बना पुल ध्वस्त हो गया है।
करीब छह साल पहले लाखों रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण कराया गया। दो पहले ही इस पुल से आवागमन शुरू हुआ। निर्माण कार्य में जमकर खामियां बरती गई।
यही वजह है पुल इतनी जल्दी ध्वस्त हो गया। बीच पुल में करीब एक मीटर चौड़ा छेद हो गया। सिंचाई विभाग ने भारी वाहन को रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगा दिया है। इसके बावजूद भारी वाहन निकल रहे हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 10 हजार लोग प्रतिदिन आते-जाते हैं।
डलमऊ से जगतपुर होते हुए सलोन जाने वाले मार्ग पर शिवपुरी गांव के पास सिंचाई विभाग का पुल बना है। यहां पर पुराना पुल था, जो जर्जर था।
इसी के बगल में करीब छह साल पहले नया पुल बनाया गया। पुल के निर्माण में करीब तीन साल लग गए। तब तक वाहन पुराने पुल से निकल रहे थे।
बाद में पुराना पुल ध्वस्त हो गया। दो साल से नए पुल से वाहन निकलने लगे। छह महीने पहले पुल का बीच का हिस्सा धंस गया।
इसके बावजूद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। एक महीने पहले बीच पुल में छेद हो गया।
इतना सब होने के बाद भी पुल की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
कोई हादसा न हो इसके लिए पुल के दोनों तरफ भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित का चेतावनी बोर्ड लगा दिया। इसके बावजूद भारी वाहन निकल रहे हैं।
यदि यही हाल रहा तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। हाल में राजमार्ग का चौड़ीकरण हुआ है। इससे भारी वाहनों का आवागमन ज्यादा रहता है।
राकेश कुमार यादव, संदीप कुमार चौधरी, आशीष कुमार, रामनरेश, अनिल कुमार ने बताया कि यदि पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी दिन अनहोनी हो सकती है। विभागीय अभियंता भी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
वर्जन :
पुल की मरम्मत के लिए शासन की ओर से ढाई लाख रुपये का बजट मांगा गया है। बजट मिलते ही पुल की मरम्मत का काम शुरू कराया गया है। दोनों तरफ चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई।
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- सिद्धार्थ कुमार सिंह, एक्सईएन सिंचाई खंड दक्षिणी
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डलमऊ (रायबरेली)। तहसील क्षेत्र में डलमऊ और जगतपुर को जोड़ने वाले राज्यमार्ग पर शिवपुरी गांव के निकट बना पुल ध्वस्त हो गया है।
करीब छह साल पहले लाखों रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण कराया गया। दो पहले ही इस पुल से आवागमन शुरू हुआ। निर्माण कार्य में जमकर खामियां बरती गई।
यही वजह है पुल इतनी जल्दी ध्वस्त हो गया। बीच पुल में करीब एक मीटर चौड़ा छेद हो गया। सिंचाई विभाग ने भारी वाहन को रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगा दिया है। इसके बावजूद भारी वाहन निकल रहे हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 10 हजार लोग प्रतिदिन आते-जाते हैं।
डलमऊ से जगतपुर होते हुए सलोन जाने वाले मार्ग पर शिवपुरी गांव के पास सिंचाई विभाग का पुल बना है। यहां पर पुराना पुल था, जो जर्जर था।
इसी के बगल में करीब छह साल पहले नया पुल बनाया गया। पुल के निर्माण में करीब तीन साल लग गए। तब तक वाहन पुराने पुल से निकल रहे थे।
बाद में पुराना पुल ध्वस्त हो गया। दो साल से नए पुल से वाहन निकलने लगे। छह महीने पहले पुल का बीच का हिस्सा धंस गया।
इसके बावजूद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। एक महीने पहले बीच पुल में छेद हो गया।
इतना सब होने के बाद भी पुल की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
कोई हादसा न हो इसके लिए पुल के दोनों तरफ भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित का चेतावनी बोर्ड लगा दिया। इसके बावजूद भारी वाहन निकल रहे हैं।
यदि यही हाल रहा तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। हाल में राजमार्ग का चौड़ीकरण हुआ है। इससे भारी वाहनों का आवागमन ज्यादा रहता है।
राकेश कुमार यादव, संदीप कुमार चौधरी, आशीष कुमार, रामनरेश, अनिल कुमार ने बताया कि यदि पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी दिन अनहोनी हो सकती है। विभागीय अभियंता भी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
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वर्जन :
पुल की मरम्मत के लिए शासन की ओर से ढाई लाख रुपये का बजट मांगा गया है। बजट मिलते ही पुल की मरम्मत का काम शुरू कराया गया है। दोनों तरफ चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई।
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- सिद्धार्थ कुमार सिंह, एक्सईएन सिंचाई खंड दक्षिणी