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सशक्त बनें महिलाएं, अधिकारों की लड़ाई को आगे आएं

Wed, 27 Feb 2019 02:03 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 27 Feb 2019 02:03 AM IST
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सशक्त बनें महिलाएं, अधिकारों की लड़ाई को आगे आएं
अमावां (रायबरेली)। चाहे प्राचीनकाल का दौर रहा हो या फिर वर्तमान समय। महिलाओं ने हमेशा देश को तरक्की की ओर ले जाने का कार्य किया है। महिलाएं पीछे नहीं हैं, लेकिन उन्हें आज भी अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है।
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इसके लिए महिलाओं को शिक्षित होना जरूरी है। जरूरत है कि महिलाएं सशक्त बनें और अधिकारों की लड़ाई के लिए आगे आएं। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत मंगलवार को अमावां ब्लॉक क्षेत्र के केवीआर पब्लिक स्कूल डेडया में आयोजित परिचर्चा के दौरान कुछ इसी अंदाज में छात्राओं व अन्य लोगों ने अपनी बात रखी। कहा गया कि महिलाओं की बेहतरी से ही देश की तरक्की संभव है।
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बेटियां कभी भी अपने आप को कमजोर न समझें। बेटियों से आह्वान है कि आप भी अपने दृढ़ विश्वास को मजबूत कर तरक्की की राह पर आगे बढ़ें।
- राजकुमार सिंह, प्रबंधक


बेटियां अपने को कभी कमजोर न समझें। वे अपने अधिकारों को जानें और उन्हें पाने के लिए मेहनत करें। राह चलते कोई छींटाकसी करता है तो चुप होकर न बैठें। - विनोद मौर्य, प्रधानाचार्य
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बेटियों को आज खुद को पहचानने की जरूरत है। बेटियां देश में विभिन्न क्षेत्रों में सफलता का परचम लहरा रही हैं। खुद को पहचान कर अपनी सफलता का मार्ग चुनें। - योगेश सिंह, रिटायर्ड फौजी


देश में आज से नहीं, बल्कि प्राचीनकाल से ही बेटियों ने तरक्की की इबारत लिखी है। बेटियों को अपने अधिकारों की जानकारी करनी चाहिए।
- राम गजेंद्र सिंह, रिटायर्ड फौजी


बेटियों के साथ भेदभाव हो रहा है। उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया जाता। बेटों को शिक्षित किया जाता है, जबकि बेटियों को स्कूल नहीं भेजा जाता है। अभिभावकों को यह सोच बदलनी चाहिए। - सादिया बानो, छात्रा


बेटियों की पढ़ाई के लिए परिवारीजन आगे नहीं आते हैं, यह ठीक नहीं है। बेटियां शिक्षित होंगी, तभी अपने अधिकारों की जानकारी करके स्वयं के पैरों पर खड़ी हो सकेंगी।- कोमल राजे सिंह, छात्रा


बेटियों की तरक्की से देश का विकास संभव है। बेटियों अपने को कमजोर न समझें और आत्मनिर्भर बनने के लिए शिक्षित हों।
- स्नेहा सिंह, छात्रा


अभिभावकों को अपनी बेटियों को जरूर पढ़ाना चाहिए। बेटियां शिक्षित होंगी, तभी आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में सहयोग करेंगी।
- शहनाज बानो, छात्रा


बेटियों का सम्मान करने में ही समाज की बेहतरी होगी। बेटियों का अपमान हमें किसी कीमत पर नहीं करना चाहिए। बेटियां आत्मनिर्भर बनें।
- पल्लवी सिंह, छात्रा


समाज के निर्माण और देश के विकास में बेटियों का बहुत बड़ा योगदान है। बेटियां आज किसी से पीछे नहीं हैं। बस उन्हें अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। - सबीना बानो, छात्रा



बेटियों पर जुल्म किए जाते हैं। बेटियां जुल्म सह लेती हैं, लेकिन कहीं पर शिकायत नहीं करती हैं। बेटियां इस मिथक को तोड़ें और जुल्म के खिलाफ आवाज उठाएं। - अवंतिका सोनी, छात्रा


बेटियां किसी से कमजोर नहीं हैं। बस उन्हें अपनी शक्ति पहचाननी चाहिए और तरक्की की दिशा में कार्य करना चाहिए। - पल्लवी मिश्रा, छात्रा


बेटियां अपने आप को कमजोर न समझे। अपने ऊपर होने वाले जुल्म के खिलाफ बिना किसी भय के आवाज उठाएं। - स्नेहा, छात्रा


बेटियां अपने पैरों पर खड़ी हों तो समाज को मजबूरन उनका सम्मान करना पड़ेगा। बेटियां आज किसी से पीछे नहीं हैं। - खुशी यादव, छात्रा
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