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बिना पढ़ाए प्रधानाध्यापक ने लिया पांच माह का वेतन
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:33 AM IST
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बिना पढ़ाए प्रधानाध्यापक ने लिया पांच माह का वेतन
क्रासर
ट्रांसफर होने के बाद नए स्कूल में नहीं कर पाए जॉइन
साढे़ छह माह बाद पुराने विद्यालय का लिया कार्यभार
रायबरेली। एक प्रधानाध्यापक ने बीईओ सरेनी की मिलीभगत से बिना पढ़ाए ही पांच माह का वेतन ले लिया। इस मामले को रिटायर्ड शिक्षक अजय पाल ने कई बार उठाया, मगर अधिकारियों की सांठगांठ होने के कारण अब तक लीपापोती ही हो रही है। तत्कालीन लेखाधिकारी नागेंद्र कुमार त्रिपाठी ने इस संबंध में बीईओ सरेनी रमेश चंद्र चौधरी से जवाब तलब किया। जवाब नहीं मिलने पर जून का वेतन रोक दिया। अब प्रधानाध्यापक ने 15 जुलाई को पुराने ही स्कूल में जॉइन कर लिया। उधर, बीएसए संजय कुमार शुक्ल का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
सरेनी ब्लॉक क्षेत्र में उच्च प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर में तैनात प्रधानाध्यापक तेज बहादुर सिंह का तबादला दिसंबर 2016 को उच्च प्राथमिक विद्यालय भोजपुर किया गया, जबकि भोजपुर स्कूल के प्रधानाध्यापक दुर्गाबक्श सिंह का तबादला भवानीपुर किया गया। ये आदेश तत्कालीन बीएसए गुरुशरण सिंह निरंजन ने किया था। तबादले को पारस्परिक स्थानांतरण बताया गया, मगर प्रधानाध्यापक दुर्गाबक्श सिंह से इस पर सहमति नहीं ली गई। इस वजह से उन्होंने भवानीपुर स्कूल में जॉइन नहीं किया। वे 31 मार्च 2017 को रिटायर्ड हो गए।
उधर, भवानीपुर में तैनात प्रधानाध्यापक तेज बहादुर सिंह बीएसए के आदेश पर रिलीव तो हो गए, मगर दुर्गाबक्श सिंह के चार्ज नहीं देने पर वे जॉइन नहीं कर पाए। रिटायर्ड शिक्षक का आरोप है कि इसके बाद तेज बहादुर वापस भवानीपुर भी नहीं गए। बीती 15 जुलाई को उन्होंने भवानीपुर जॉइन करना दिखाया है। रिटायर्ड शिक्षक ने सवाल उठाया कि जब रिलीव होने के बाद तेज बहादुर ने किसी स्कूल में बच्चों को नहीं पढ़ाया तो पांच महीने का वेतन कैसे रिलीज कर दिया गया। उनका वेतन जून में तब रोका गया, जब रिटायर्ड शिक्षक अजय पाल सिंह ने तत्कालीन लेखाधिकारी नागेंद्र कुमार त्रिपाठी से मामले की शिकायत की।
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इनसेट
तबादले के बाद मैं उच्च प्राथमिक विद्यालय भोजपुर में जॉइन करने गया मगर वहां के प्रधानाध्यापक दुर्गाबक्श सिंह ने जॉइन कराने से इंकार कर दिया। इसके बावजूद मैं विद्यालय में अपनी सेवाएं देता रहा। अधिकारियों का आदेश होने पर पुराने स्कूल में भवानीपुर में जॉइन कर लिया। इसकी जानकारी पत्राचार के माध्यम से विभागीय अधिकारियों को बराबर दी जाती रही।
- तेज बहादुर सिंह
प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर, सरेनी
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ट्रांसफर होने के बाद नए स्कूल में नहीं कर पाए जॉइन
साढे़ छह माह बाद पुराने विद्यालय का लिया कार्यभार
रायबरेली। एक प्रधानाध्यापक ने बीईओ सरेनी की मिलीभगत से बिना पढ़ाए ही पांच माह का वेतन ले लिया। इस मामले को रिटायर्ड शिक्षक अजय पाल ने कई बार उठाया, मगर अधिकारियों की सांठगांठ होने के कारण अब तक लीपापोती ही हो रही है। तत्कालीन लेखाधिकारी नागेंद्र कुमार त्रिपाठी ने इस संबंध में बीईओ सरेनी रमेश चंद्र चौधरी से जवाब तलब किया। जवाब नहीं मिलने पर जून का वेतन रोक दिया। अब प्रधानाध्यापक ने 15 जुलाई को पुराने ही स्कूल में जॉइन कर लिया। उधर, बीएसए संजय कुमार शुक्ल का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
सरेनी ब्लॉक क्षेत्र में उच्च प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर में तैनात प्रधानाध्यापक तेज बहादुर सिंह का तबादला दिसंबर 2016 को उच्च प्राथमिक विद्यालय भोजपुर किया गया, जबकि भोजपुर स्कूल के प्रधानाध्यापक दुर्गाबक्श सिंह का तबादला भवानीपुर किया गया। ये आदेश तत्कालीन बीएसए गुरुशरण सिंह निरंजन ने किया था। तबादले को पारस्परिक स्थानांतरण बताया गया, मगर प्रधानाध्यापक दुर्गाबक्श सिंह से इस पर सहमति नहीं ली गई। इस वजह से उन्होंने भवानीपुर स्कूल में जॉइन नहीं किया। वे 31 मार्च 2017 को रिटायर्ड हो गए।
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उधर, भवानीपुर में तैनात प्रधानाध्यापक तेज बहादुर सिंह बीएसए के आदेश पर रिलीव तो हो गए, मगर दुर्गाबक्श सिंह के चार्ज नहीं देने पर वे जॉइन नहीं कर पाए। रिटायर्ड शिक्षक का आरोप है कि इसके बाद तेज बहादुर वापस भवानीपुर भी नहीं गए। बीती 15 जुलाई को उन्होंने भवानीपुर जॉइन करना दिखाया है। रिटायर्ड शिक्षक ने सवाल उठाया कि जब रिलीव होने के बाद तेज बहादुर ने किसी स्कूल में बच्चों को नहीं पढ़ाया तो पांच महीने का वेतन कैसे रिलीज कर दिया गया। उनका वेतन जून में तब रोका गया, जब रिटायर्ड शिक्षक अजय पाल सिंह ने तत्कालीन लेखाधिकारी नागेंद्र कुमार त्रिपाठी से मामले की शिकायत की।
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तबादले के बाद मैं उच्च प्राथमिक विद्यालय भोजपुर में जॉइन करने गया मगर वहां के प्रधानाध्यापक दुर्गाबक्श सिंह ने जॉइन कराने से इंकार कर दिया। इसके बावजूद मैं विद्यालय में अपनी सेवाएं देता रहा। अधिकारियों का आदेश होने पर पुराने स्कूल में भवानीपुर में जॉइन कर लिया। इसकी जानकारी पत्राचार के माध्यम से विभागीय अधिकारियों को बराबर दी जाती रही।
- तेज बहादुर सिंह
प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर, सरेनी