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2597 परिषदीय स्कूलों को 1.60 करोड़ रुपये से मिलेगी खेल सामग्री
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रायबरेली। कबड्डी, खो-खो और एथलेटिक्स में ही नहीं, बल्कि अब वालीबॉल, हैंडबाल, बास्केटबाल, क्रिकेट जैसी अन्य खेल प्रतियोगिताओं में भी परिषदीय विद्यालयों के नौनिहालों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिल सकेगा। इसमें खेल सामग्री या संसाधनों की कमी रोड़ा नहीं बनेगी, क्योंकि जिले के 2597 परिषदीय विद्यालयों को 1.60 करोड़ रुपये से खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। जिले के 1985 प्राथमिक विद्यालयों को पांच-पांच हजार रुपये और 612 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 10-10 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।
फिलहाल जिले को अभी 50 फीसदी रकम यानी 80 लाख 22 हजार 500 रुपये मिले हैं। खेल सामग्री उपलब्ध हो जाने से इसका लाभ जिले के लगभग ढाई लाख बच्चों को मिल सकेगा। समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2018-19 में स्पोर्ट्स अनुदान उपलब्ध कराया गया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मिले दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए खेल सामग्री खरीदी जाएगी।
विद्यालय स्तर पर रोजाना बच्चों को खेल सामग्री देकर खेलकूद कराने, हर महीने के प्रथम और तृतीय शनिवार को प्रतियोगिता कराने के निर्देश मिले हैं। हर महीने के अंतिम शनिवार को ग्राम पंचायत स्तर और हर तीन महीने में न्याय पंचायत स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं होंगी। इससे छात्र-छात्राओं में खेल प्रतिभाएं निखरेंगी। खेलकूद के दौरान बच्चों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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खंड शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) और जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) को जिला व्यायाम शिक्षिका एवं संबंधित बीईओ के माध्यम से खेल सामग्री और खेलकूद के अनुश्रवण की जिम्मेदारी दी गई है।
विद्यालय स्तर पर होगा चयन, बनेगी समिति
खेल सामग्री खरीदने के लिए विद्यालय स्तर पर ही समिति का गठन करके चयन किया जाएगा। समिति में विद्यालय के प्रधानाध्यापक, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष, दो जागरूक अभिभावक (जिनके बच्चों की उपस्थिति बेहतर होगी), व्यायाम शिक्षक/शारीरिक शिक्षक शामिल होंगे।
राष्ट्रीय स्तर तक दिखा चुके हैं अपनी प्रतिभा
जिले के खिलाड़ियों ने संसाधनों की कमी के बावजूद राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। जिला व्यायाम शिक्षिका रेनू शुक्ला बताती हैं कि खिलाड़ियों ने इसी वर्ष खो-खो और कुश्ती में राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान बनाया। पिछले साल राज्य स्तर पर जीतने वाली टीमों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना दमखम दिखाया। इस साल पीटी की टीम ने पहली बार मंडलीय स्तर पर तृतीय स्थान बनाया। एथलेटिक्स के मुकाबलों में भी जिले के खिलाड़ियों ने मंडल और राज्य स्तर पर पदक अर्जित किए हैं। विद्यालयों को खेल सामग्री मिलने से जिले के खिलाड़ी हर स्तर पर सफलता का परचम फहराएंगे।
खेलों की जरूरत देखते हुए खरीदेंगे खेल सामग्री
खेल सामग्री खरीदने में स्थानीय स्तर के पारंपरिक खेलों पर ध्यान देना होगा। उपलब्ध मैदान के अनुसार खेल सामग्री का चयन करना होगा। खेल मैदान नहीं है तो इंडोर गेम्स की सामग्री खरीदी जाएगी। जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) नीतू गुप्ता ने बताया कि प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल के लिए अलग-अलग खेल सामग्री की सूची उपलब्ध कराई गई है। इसमें प्रमुख रूप से प्लास्टिक और लकड़ी के बैट, क्रिकेट स्टंप, टेनिस बॉल, सॉफ्ट बॉल, प्लास्टिक बॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल, सिक्स एवं नाइन स्टेप हर्डल, शॉटपुट, डिस्कस, फुटपंप, ज्वैलिन, वालीबॉल नेट, फर्स्ट एड किट समेत अन्य खेल सामग्रियां शामिल हैं।
वर्जन
अभी मिली है सिर्फ 50 फीसदी धनराशि
स्पोर्ट्स अनुदान के तहत अभी 50 फीसदी धनराशि मिली है, जिसे विद्यालय प्रबंध समितियों के खातों में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। विद्यालय स्तर पर गठित समिति ही खेल सामग्री का चयन और क्रय करेगी। निश्चित ही इससे बच्चों की खेल प्रतिभाओं में निखार आएगा ।
-पीएन सिंह, बीएसए
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फिलहाल जिले को अभी 50 फीसदी रकम यानी 80 लाख 22 हजार 500 रुपये मिले हैं। खेल सामग्री उपलब्ध हो जाने से इसका लाभ जिले के लगभग ढाई लाख बच्चों को मिल सकेगा। समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2018-19 में स्पोर्ट्स अनुदान उपलब्ध कराया गया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मिले दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए खेल सामग्री खरीदी जाएगी।
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विद्यालय स्तर पर रोजाना बच्चों को खेल सामग्री देकर खेलकूद कराने, हर महीने के प्रथम और तृतीय शनिवार को प्रतियोगिता कराने के निर्देश मिले हैं। हर महीने के अंतिम शनिवार को ग्राम पंचायत स्तर और हर तीन महीने में न्याय पंचायत स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं होंगी। इससे छात्र-छात्राओं में खेल प्रतिभाएं निखरेंगी। खेलकूद के दौरान बच्चों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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खंड शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) और जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) को जिला व्यायाम शिक्षिका एवं संबंधित बीईओ के माध्यम से खेल सामग्री और खेलकूद के अनुश्रवण की जिम्मेदारी दी गई है।
विद्यालय स्तर पर होगा चयन, बनेगी समिति
खेल सामग्री खरीदने के लिए विद्यालय स्तर पर ही समिति का गठन करके चयन किया जाएगा। समिति में विद्यालय के प्रधानाध्यापक, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष, दो जागरूक अभिभावक (जिनके बच्चों की उपस्थिति बेहतर होगी), व्यायाम शिक्षक/शारीरिक शिक्षक शामिल होंगे।
राष्ट्रीय स्तर तक दिखा चुके हैं अपनी प्रतिभा
जिले के खिलाड़ियों ने संसाधनों की कमी के बावजूद राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। जिला व्यायाम शिक्षिका रेनू शुक्ला बताती हैं कि खिलाड़ियों ने इसी वर्ष खो-खो और कुश्ती में राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान बनाया। पिछले साल राज्य स्तर पर जीतने वाली टीमों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना दमखम दिखाया। इस साल पीटी की टीम ने पहली बार मंडलीय स्तर पर तृतीय स्थान बनाया। एथलेटिक्स के मुकाबलों में भी जिले के खिलाड़ियों ने मंडल और राज्य स्तर पर पदक अर्जित किए हैं। विद्यालयों को खेल सामग्री मिलने से जिले के खिलाड़ी हर स्तर पर सफलता का परचम फहराएंगे।
खेलों की जरूरत देखते हुए खरीदेंगे खेल सामग्री
खेल सामग्री खरीदने में स्थानीय स्तर के पारंपरिक खेलों पर ध्यान देना होगा। उपलब्ध मैदान के अनुसार खेल सामग्री का चयन करना होगा। खेल मैदान नहीं है तो इंडोर गेम्स की सामग्री खरीदी जाएगी। जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) नीतू गुप्ता ने बताया कि प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल के लिए अलग-अलग खेल सामग्री की सूची उपलब्ध कराई गई है। इसमें प्रमुख रूप से प्लास्टिक और लकड़ी के बैट, क्रिकेट स्टंप, टेनिस बॉल, सॉफ्ट बॉल, प्लास्टिक बॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल, सिक्स एवं नाइन स्टेप हर्डल, शॉटपुट, डिस्कस, फुटपंप, ज्वैलिन, वालीबॉल नेट, फर्स्ट एड किट समेत अन्य खेल सामग्रियां शामिल हैं।
वर्जन
अभी मिली है सिर्फ 50 फीसदी धनराशि
स्पोर्ट्स अनुदान के तहत अभी 50 फीसदी धनराशि मिली है, जिसे विद्यालय प्रबंध समितियों के खातों में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। विद्यालय स्तर पर गठित समिति ही खेल सामग्री का चयन और क्रय करेगी। निश्चित ही इससे बच्चों की खेल प्रतिभाओं में निखार आएगा ।
-पीएन सिंह, बीएसए