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एनटीपीसी हादसा - धमाके के खौफ को नहीं भुला पा रहे झुलसे श्रमिक
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Fri, 03 Nov 2017 12:12 AM IST
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ऊंचाहार स्थित नेशनल थर्मल पॉवर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) के 500 मेगावाट की छठवीं यूनिट के स्टीम पाइप में धमाके में झुलसे श्रमिक खौफ के मंजर को भुला नहीं पा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती श्रमिकों की आंखों के सामने हादसे का मंजर नजर आ रहा है। श्रमिकों ने तौबा भी बोल दी है कि अब वे एनटीपीसी में काम करने नहीं जाएंगे भले ही खेत में काम करने के परिवार के लोगों का पेट पाल लेंगे।
श्रमिक बोले, तेज धमाका हुआ और चारो ओर अंधेरा छा गया। कुछ देर तक किसी को कुछ दिखाई तक नहीं पड़ा। क्यों हुआ, कैसे हुआ और होश आया तो अस्पताल में भर्ती मिले। कोई 60 मीटर तो कोई 90 मीटर ऊंचाई पर हादसे के दौरान काम कर रहा था। हादसे के जानकारी देते हुए श्रमिकों की रूह तक कांप रही है।
जिला अस्पताल में भर्ती रोहनियां क्षेत्र के तरैया मजरे हनुमानगंज निवासी हंसराज ने बताया कि यूनिट में करीब 90 मीटर की ऊंचाहार पर वह छह-सात श्रमिकों के साथ काम कर रहा था। अचानक तेज धमाका हुआ और ऊपर तक धुंआ आ गया। कुछ देर तक समझ में नहीं आया कि क्या हो गया। बचाओ-बचाओ चिल्लाते हुए किसी तरह नीचे आया और बेहोश होकर गिर पड़ा।
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चिल्लाने के बाद भी कोई भी बचाने के लिए मौके पर नजर नहीं आया। अब एनटीपीसी में काम करने के लिए नहीं जाएंगे। किसी तरह जान बच गई है। मध्य प्रदेश के उड़ैसर गांव से यहां आकर एनटीपीसी में काम कर रहे इंद्रपाल का इलाज जिला अस्पताल में हो रहा है। उसका कहना है कि 80 फिट के ऊपर काम कर रहे थे।
धमाके के बाद अचानक धुंध छा गई। हल्की साइड दिखाई पड़ने पर कोयले के पट्टे के सहारे किसी तरह नीचे आया लेकिन तब तक हालत खराब हो गई। सपने में भी नहीं सोचा था कि कभी ऐसा हादसा होगा। अब काम करने के लिए कभी नहीं आएंगे। एनटीपीसी में हादसे के दौरान बसुवई रोहनियां निवासी एक कंपनी का सुपरवाइजर अनिल कुमार सिंह 70 फिट की ऊंचाई पर था।
उसने बताया कि धमाके के बाद झटका इतना अधिक था कि वह नीचे गिरा और एक पाइप पर गिरने के बाद दूसरे पाइप पर जा गिरा। कब और किस तरह नीचे आ गया, पता ही नहीं चला। अस्पताल में आने के बाद होश आया है। खौफ अब भी नजर के सामने घूम रहा है। अनिल कुमार का एक्स-रे कराया गया है। उसकी कई हड्डी टूटने की उम्मीद है। इसके अलावा शहर के निजी अस्पतालों में भर्ती श्रमिकों में भी खौफ है। कोई भी हादसे को भुला नहीं पा रहा है।
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श्रमिक बोले, तेज धमाका हुआ और चारो ओर अंधेरा छा गया। कुछ देर तक किसी को कुछ दिखाई तक नहीं पड़ा। क्यों हुआ, कैसे हुआ और होश आया तो अस्पताल में भर्ती मिले। कोई 60 मीटर तो कोई 90 मीटर ऊंचाई पर हादसे के दौरान काम कर रहा था। हादसे के जानकारी देते हुए श्रमिकों की रूह तक कांप रही है।
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जिला अस्पताल में भर्ती रोहनियां क्षेत्र के तरैया मजरे हनुमानगंज निवासी हंसराज ने बताया कि यूनिट में करीब 90 मीटर की ऊंचाहार पर वह छह-सात श्रमिकों के साथ काम कर रहा था। अचानक तेज धमाका हुआ और ऊपर तक धुंआ आ गया। कुछ देर तक समझ में नहीं आया कि क्या हो गया। बचाओ-बचाओ चिल्लाते हुए किसी तरह नीचे आया और बेहोश होकर गिर पड़ा।
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चिल्लाने के बाद भी कोई भी बचाने के लिए मौके पर नजर नहीं आया। अब एनटीपीसी में काम करने के लिए नहीं जाएंगे। किसी तरह जान बच गई है। मध्य प्रदेश के उड़ैसर गांव से यहां आकर एनटीपीसी में काम कर रहे इंद्रपाल का इलाज जिला अस्पताल में हो रहा है। उसका कहना है कि 80 फिट के ऊपर काम कर रहे थे।
धमाके के बाद अचानक धुंध छा गई। हल्की साइड दिखाई पड़ने पर कोयले के पट्टे के सहारे किसी तरह नीचे आया लेकिन तब तक हालत खराब हो गई। सपने में भी नहीं सोचा था कि कभी ऐसा हादसा होगा। अब काम करने के लिए कभी नहीं आएंगे। एनटीपीसी में हादसे के दौरान बसुवई रोहनियां निवासी एक कंपनी का सुपरवाइजर अनिल कुमार सिंह 70 फिट की ऊंचाई पर था।
उसने बताया कि धमाके के बाद झटका इतना अधिक था कि वह नीचे गिरा और एक पाइप पर गिरने के बाद दूसरे पाइप पर जा गिरा। कब और किस तरह नीचे आ गया, पता ही नहीं चला। अस्पताल में आने के बाद होश आया है। खौफ अब भी नजर के सामने घूम रहा है। अनिल कुमार का एक्स-रे कराया गया है। उसकी कई हड्डी टूटने की उम्मीद है। इसके अलावा शहर के निजी अस्पतालों में भर्ती श्रमिकों में भी खौफ है। कोई भी हादसे को भुला नहीं पा रहा है।