{"_id":"5c86aec2bdec222aaf37b278","slug":"121552330434-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुणवता की पोल खोल रही दरकी सड़क, लोगों में गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुणवता की पोल खोल रही दरकी सड़क, लोगों में गुस्सा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। आखिरकार अर्से से बदहाल शहर का सबसे व्यस्ततम हाईवे का निर्माण शुरू हो गया है, लेकिन घटिया निर्माण होने के कारण आगे काम चल रहा है, तो पीछे से हाईवे उखड़ रहा है। सिविल लाइंस के पास कई जगह उखड़ा हाईवे खुद मनमानी की पोल खोल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह निर्माण हुआ तो कुछ दिनों में फिर यह हाईवे बदहाल हो जाएगा। नागरिकों ने गुणवत्ता की जांच कराकर निर्माण कराने वाली एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
शहर के बीच से होकर सिविल लाइंस चौराहे से राजघाट तक जाने वाला हाईवे का निर्माण एक सप्ताह पहले शुरू हुआ है। सिविल लाइंस स्थित ओवरब्रिज होते हुए डिग्री कॉलेज चौराहे तक निर्माण कार्य भी हो चुका है। ओवरब्रिज पर चढ़ाई गई पहली लेयर कई जगह उखड़ गई है।
करीब तीन किलोमीटर इस हाईवे की मरम्मत में आठ करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इस हाईवे से प्रतिदिन 50 हजार लोग आते-जाते हैं। इसके बावजूद निर्माण कार्य में मनमानी की जा रही है। रामसुचित, अखिलेश बाजपेयी, महेश त्रिपाठी, शिवबालक, अश्वनी कुमार ने बताया कि कई सालों से बदहाल हाईवे के निर्माण में खुलेआम धन का बंदरबांट किया जा रहा है। हाईवे से प्रतिदिन अधिकारी भी निकलते हैं, लेकिन लोगों को यह सब दिखाई नहीं देता।
विज्ञापन
उधर, एनएचएआई के परियोजना निदेशक अब्दुल बासिद ने बताया कि निर्माण कार्य में कोई कमी नहीं है। गुणवत्ता पूर्ण कार्य कराया जा रहा है। ट्रैफिक अधिक होने के चलते निर्माण में बाधा आ रही है। काम कराने के दौरान हाईवे से भारी वाहन निकाल दिए गए। इस वजह से हाईवे उखड़ गया। दुबारा फिर से मरम्मत कराई जाएगी।
विज्ञापन
शहर के बीच से होकर सिविल लाइंस चौराहे से राजघाट तक जाने वाला हाईवे का निर्माण एक सप्ताह पहले शुरू हुआ है। सिविल लाइंस स्थित ओवरब्रिज होते हुए डिग्री कॉलेज चौराहे तक निर्माण कार्य भी हो चुका है। ओवरब्रिज पर चढ़ाई गई पहली लेयर कई जगह उखड़ गई है।
विज्ञापन
करीब तीन किलोमीटर इस हाईवे की मरम्मत में आठ करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इस हाईवे से प्रतिदिन 50 हजार लोग आते-जाते हैं। इसके बावजूद निर्माण कार्य में मनमानी की जा रही है। रामसुचित, अखिलेश बाजपेयी, महेश त्रिपाठी, शिवबालक, अश्वनी कुमार ने बताया कि कई सालों से बदहाल हाईवे के निर्माण में खुलेआम धन का बंदरबांट किया जा रहा है। हाईवे से प्रतिदिन अधिकारी भी निकलते हैं, लेकिन लोगों को यह सब दिखाई नहीं देता।
विज्ञापन
उधर, एनएचएआई के परियोजना निदेशक अब्दुल बासिद ने बताया कि निर्माण कार्य में कोई कमी नहीं है। गुणवत्ता पूर्ण कार्य कराया जा रहा है। ट्रैफिक अधिक होने के चलते निर्माण में बाधा आ रही है। काम कराने के दौरान हाईवे से भारी वाहन निकाल दिए गए। इस वजह से हाईवे उखड़ गया। दुबारा फिर से मरम्मत कराई जाएगी।