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बदल जाएंगे विकास के पैमाने
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:16 AM IST
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रायबरेली। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में अक्सर विकास को लेकर सियासत हावी दिखती है, लेकिन यह जिला एक के बाद एक प्रोजेक्टों का हब बनता जा रहा है। कांग्रेस के गढ़ में सोमवार से एम्स की भी शुरुआत हो गई। पहले एनटीपीसी, रेल कोच फैक्ट्री और अब अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान।
इस तरह देखा जाए तो जिले के लिए यह एक तीसरा सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यूपी में सबसे पहले दरियापुर स्थित एम्स की शुरुआत हुई। यह सिर्फ मायने नहीं रखता, बल्कि इससे विकास के पैमाने बदल जाएंगे
।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 27 जून 1981 में फिरोज गांधी तापीय परियोजना ऊंचाहार की आधारशिला रखी थी। इसके बाद 13 फरवरी 1992 को इसको एनटीपीसी ने टेकओवर कर लिया था। मौैजूदा समय में एनटीपीसी बिजली उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आलम ये है कि एनटीपीसी से कई राज्यों में बिजली उत्पादन हो रहा है।
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एनटीपीसी शुरू होने के बाद से ऊंचाहार क्षेत्र ही नहीं, बल्कि दूरदराज के लोगों के लिए रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2007 में सांसद सोनिया गांधी, तत्कालीन केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव ने रेल कोच फैक्ट्री की आधारशिला रखी थी। यहां रेल डिब्बे बनाने का कार्य चल रहा है। रेल पहिया बनना शुरू होने की उम्मीद है। मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्री के शुरू होने के बाद क्षेत्रीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ क्षेत्र का विकास हो रहा है।
केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वर्ष 2007 में रायबरेली में एम्स स्थापित करने की घोषणा की थी। वर्ष 2012 में जब उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार आई तो एम्स को स्थापित करने के लिए जमीन मुहैया कराई गई थी। वर्ष 2013 में सांसद सोनिया गांधी ने एम्स की आधारशिला रखी थी।
13 अगस्त 2018 में एम्स की ओपीडी की भी शुरुआत हो गई। एम्स के अफसरों की मानें तो यूपी में एम्स की शुरुआत रायबरेली से हो रही है। जिले के हिसाब से यह तीसरा सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। एम्स की ओपीडी शुरू होने से जहां रोगियों को इलाज कराने में आसानी मिलेगी, वहीं लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। जैसे सुरक्षा गार्ड के रूप में कई युवाओं को रोजगार मिला है, जिससे उनके परिवार में खुशी है। जमीनों के भाव में बढ़ोतरी हो गई। लोग चाय-पान की दुकान रखकर कमाने लगे हैं। एम्स के विस्तार के साथ क्षेत्र के लोगों की रोजगार की संभावनाएं बढ़ती जाएंगी।
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इस तरह देखा जाए तो जिले के लिए यह एक तीसरा सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यूपी में सबसे पहले दरियापुर स्थित एम्स की शुरुआत हुई। यह सिर्फ मायने नहीं रखता, बल्कि इससे विकास के पैमाने बदल जाएंगे
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पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 27 जून 1981 में फिरोज गांधी तापीय परियोजना ऊंचाहार की आधारशिला रखी थी। इसके बाद 13 फरवरी 1992 को इसको एनटीपीसी ने टेकओवर कर लिया था। मौैजूदा समय में एनटीपीसी बिजली उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आलम ये है कि एनटीपीसी से कई राज्यों में बिजली उत्पादन हो रहा है।
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एनटीपीसी शुरू होने के बाद से ऊंचाहार क्षेत्र ही नहीं, बल्कि दूरदराज के लोगों के लिए रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2007 में सांसद सोनिया गांधी, तत्कालीन केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव ने रेल कोच फैक्ट्री की आधारशिला रखी थी। यहां रेल डिब्बे बनाने का कार्य चल रहा है। रेल पहिया बनना शुरू होने की उम्मीद है। मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्री के शुरू होने के बाद क्षेत्रीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ क्षेत्र का विकास हो रहा है।
केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वर्ष 2007 में रायबरेली में एम्स स्थापित करने की घोषणा की थी। वर्ष 2012 में जब उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार आई तो एम्स को स्थापित करने के लिए जमीन मुहैया कराई गई थी। वर्ष 2013 में सांसद सोनिया गांधी ने एम्स की आधारशिला रखी थी।
13 अगस्त 2018 में एम्स की ओपीडी की भी शुरुआत हो गई। एम्स के अफसरों की मानें तो यूपी में एम्स की शुरुआत रायबरेली से हो रही है। जिले के हिसाब से यह तीसरा सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। एम्स की ओपीडी शुरू होने से जहां रोगियों को इलाज कराने में आसानी मिलेगी, वहीं लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। जैसे सुरक्षा गार्ड के रूप में कई युवाओं को रोजगार मिला है, जिससे उनके परिवार में खुशी है। जमीनों के भाव में बढ़ोतरी हो गई। लोग चाय-पान की दुकान रखकर कमाने लगे हैं। एम्स के विस्तार के साथ क्षेत्र के लोगों की रोजगार की संभावनाएं बढ़ती जाएंगी।