{"_id":"5a85c7b44f1c1b4e588b8cfe","slug":"101518716852-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"55 लाख बकाए पर 11 सरकारी दफ्तरों की बती काटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
55 लाख बकाए पर 11 सरकारी दफ्तरों की बती काटी
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
55 लाख बकाए पर 11 सरकारी दफ्तरों की बत्ती काटी
रायबरेली। विकास भवन में गुरुवार को 11 दफ्तरों को बत्ती काट दी गई। करीब 55 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने पर बिजली कटते ही दफ्तरों में हड़कंप मच गया।
इससे कामकाज भी ठप हो गया। बाद में चार विभागों ने तीन दिन में बिल जमा करने का वादा करके कनेक्शन को जोड़वा लिया। बिजली न होने के कारण अन्य दफ्तरों में दिनभर कामकाज प्रभावित रहा।
गुरुवार सुबह पॉवर कॉर्पोरेशन के जेई जय प्रकाश पटेल ने टीम के साथ विकास भवन पहुंचकर 11 दफ्तरों की बत्ती काट दी। बिजली कटने ही विकास भवन में हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
दफ्तरों में कामकाज प्रभावित हो गया। बाद में बेसिक शिक्षा विभाग, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, डूडा और जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय से तीन दिन में बिल जमा करने का वादा करने के बाद इन दफ्तरों की बत्ती जोड़ दी गई। अन्य सात दफ्तरों में बिजली के अभाव में कामकाज प्रभावित रहा।
विज्ञापन
रायबरेली। विकास भवन में गुरुवार को 11 दफ्तरों को बत्ती काट दी गई। करीब 55 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने पर बिजली कटते ही दफ्तरों में हड़कंप मच गया।
इससे कामकाज भी ठप हो गया। बाद में चार विभागों ने तीन दिन में बिल जमा करने का वादा करके कनेक्शन को जोड़वा लिया। बिजली न होने के कारण अन्य दफ्तरों में दिनभर कामकाज प्रभावित रहा।
विज्ञापन
गुरुवार सुबह पॉवर कॉर्पोरेशन के जेई जय प्रकाश पटेल ने टीम के साथ विकास भवन पहुंचकर 11 दफ्तरों की बत्ती काट दी। बिजली कटने ही विकास भवन में हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
दफ्तरों में कामकाज प्रभावित हो गया। बाद में बेसिक शिक्षा विभाग, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, डूडा और जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय से तीन दिन में बिल जमा करने का वादा करने के बाद इन दफ्तरों की बत्ती जोड़ दी गई। अन्य सात दफ्तरों में बिजली के अभाव में कामकाज प्रभावित रहा।