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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नहीं सुन रहे अफसर
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:34 AM IST
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बुलंद की आवाज
रायबरेली। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का बेमियादी धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को विकास भवन में धरना देकर कार्यकर्ताओं ने आवाज बुलंद की। कहा कि 27 अक्तूबर को होने वाले सबरी संकल्प योजना (वजन दिवस) का बहिष्कार किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी दबाव बनाकर किसी कार्यकर्ता से काम कराता है तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान सभी ने लंबित मांगों को पूरा किए जाने की मांग की।
जिला संरक्षक राकेश कुमार शुक्ला, जिलाध्यक्ष लीना पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चुनाव से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समस्याओं को दूर करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका है। सभी ने कार्यकर्ताओं को 15 हजार और सहायिकाओं को 10 हजार रुपये मानदेय दिए जाने की मांग की। जिला महामंत्री सीता सिंह ने कहा कि इसके पहले कई बार धरना, अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के बाद भी समस्याएं दूर नहीं हो रही है। इसलिए आंदोलन को जारी रखा जाएगा।
प्रियंका सिंह, मधुलता मिश्रा, बीना श्रीवास्तव, सुनीता त्रिपाठी ने वार्षिक मानदेय में बढ़ोत्तरी किए जाने की मांग की। शहनाज बानो, सोनी बाजपेयी ने स्कूलों की भांति आंगनबाड़ी केंद्रों को भी ग्रीष्म एवं शीतकालीन अवकाश प्रदान किए जाने, मृतक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के आश्रितों को सेवा में लिए जाने की बात कही।
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रायबरेली। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का बेमियादी धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को विकास भवन में धरना देकर कार्यकर्ताओं ने आवाज बुलंद की। कहा कि 27 अक्तूबर को होने वाले सबरी संकल्प योजना (वजन दिवस) का बहिष्कार किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी दबाव बनाकर किसी कार्यकर्ता से काम कराता है तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान सभी ने लंबित मांगों को पूरा किए जाने की मांग की।
जिला संरक्षक राकेश कुमार शुक्ला, जिलाध्यक्ष लीना पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चुनाव से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समस्याओं को दूर करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका है। सभी ने कार्यकर्ताओं को 15 हजार और सहायिकाओं को 10 हजार रुपये मानदेय दिए जाने की मांग की। जिला महामंत्री सीता सिंह ने कहा कि इसके पहले कई बार धरना, अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के बाद भी समस्याएं दूर नहीं हो रही है। इसलिए आंदोलन को जारी रखा जाएगा।
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प्रियंका सिंह, मधुलता मिश्रा, बीना श्रीवास्तव, सुनीता त्रिपाठी ने वार्षिक मानदेय में बढ़ोत्तरी किए जाने की मांग की। शहनाज बानो, सोनी बाजपेयी ने स्कूलों की भांति आंगनबाड़ी केंद्रों को भी ग्रीष्म एवं शीतकालीन अवकाश प्रदान किए जाने, मृतक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के आश्रितों को सेवा में लिए जाने की बात कही।
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