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खलिहान में सो रहे ट्रांसपोर्ट मैनेजर की गोली मारकर हत्या
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लालगंज कोतवाली के घरौरा में ट्रांसपोर्ट मैनेजर की हत्या के बाद बिस्तर पर बिखरा पड़ा खून।
- फोटो : PRATAPGARH
फसल की रखवाली कर रहे ट्रांसपोर्ट मैनेजर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारोपियों ने उसके सीने के नीचे व कूल्हे में दो गोलियां मारीं। घटना की खबर मिलने पर घर में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद रंजिश रखने वाले को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
लालगंज कोतवाली के घरौरा निवासी फकरे आलम (50) पुत्र जाफर अली शाहीन पालनपुर महाराष्ट्र में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में मैनेजर थे। कुछ दिनों पहले वह गांव आए थे। रविवार रात को वह धान की फसल की रखवाली के लिए खलिहान में ही सो गए। ग्रामीणों की मानें तो रात करीब एक बजे अज्ञात लोगों ने चारपाई पर सो रहे फकरे आलम के सीने के नीचे और कूल्हे में गोली मार दी।
फायरिंग की आवाज सुनकर आस-पास के खेतों में सो रहे लोग जग गए और शोर मचाया। इस पर हत्यारोपी भाग निकले। सूचना पर कुछ देर में परिजन भी आ गए। खून से लथपथ फकरे आलम को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां से डाक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देख प्रयागराज रेफर कर दिया।
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प्रयागराज ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। सीओ रमेशचंद्र ने बताया कि परिवार के लोगों से पूछताछ के बाद गांव के ही दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सात बीघे बाग को लेकर चल रही थी मुकदमेबाजी
फकरे आलम के पिता जाफर के समय से घर के बगल सात बीघे बाग को लेकर पड़ोसियों से मुकदमेबाजी चली आ रही थी। एक सप्ताह पहले न्यायालय से फकरे आलम को डिग्री मिल गई थी। पंद्रह दिन पहले कुछ विवाद हुआ था। जिसके बारे में पता चलते ही पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
पत्नी से रास्ते भर बातचीत करते गया था फकरे
लालगंज थाना क्षेत्र के घरौरा निवासी फकरे आलम गोली लगने के बाद भी बातचीत कर रहा था। घटना की बाबत वह पत्नी से बातचीत करते हुए प्रयागराज गया। पुलिस का मानना है कि घटना के बारे में जरूर फकरे ने उसे बताया होगा। करीब पांच बजे उसकी सांसें थमी हैं। घटना को लेकर तनाव है।
मुकदमे के बावजूद दोनों परिवार कभी नहीं हुए थे आमने-सामने
कई दशकों से सात बीघे बाग को लेकर न्यायालय में चल रहे मुकदमे से इतर फकरे आलम व दूसरे पक्ष के लोगों के बीच कभी भी मारपीट की घटना तक नहीं हुई। लालगंज कोतवाल ने बताया कि न्यायालय में विचाराधीन वाद में दोनों पक्ष पैरवी करते रहे, लेकिन कभी आमने-सामने नहीं हुए। इतना ही नहीं एक दूसरे के सुख-दुख में भी शामिल हुआ करते थे। दोनों का घर अगल-बगल होने के कारण एहतियात बरती जा रही है।
19 साल पहले पहली बीवी की हो चुकी है मौत
फकरे आलम की पहली बीवी राबिया का 19 साल पहले निधन हो चुका है। पहली बीवी से एक बेटी बेबी व बेटा अफसर है। बाद में फकरे आलम ने मतरबुन निशा से दूसरी शादी की। इनसे पांच बच्चे हैं। घर पर सबसे छोटा बेटा अरमान व बेटी ही मौजूद मिली। परिवार के अन्य सदस्य बाहर रहते हैं। घटना की जानकारी मिलने पर रिश्तेदार व आसपास के लोग पहुंचते रहे। हर कोई घटना को लेकर हैरत में था। लोगों का कहना था कि फकरे का कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ था।
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लालगंज कोतवाली के घरौरा निवासी फकरे आलम (50) पुत्र जाफर अली शाहीन पालनपुर महाराष्ट्र में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में मैनेजर थे। कुछ दिनों पहले वह गांव आए थे। रविवार रात को वह धान की फसल की रखवाली के लिए खलिहान में ही सो गए। ग्रामीणों की मानें तो रात करीब एक बजे अज्ञात लोगों ने चारपाई पर सो रहे फकरे आलम के सीने के नीचे और कूल्हे में गोली मार दी।
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फायरिंग की आवाज सुनकर आस-पास के खेतों में सो रहे लोग जग गए और शोर मचाया। इस पर हत्यारोपी भाग निकले। सूचना पर कुछ देर में परिजन भी आ गए। खून से लथपथ फकरे आलम को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां से डाक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देख प्रयागराज रेफर कर दिया।
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प्रयागराज ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। सीओ रमेशचंद्र ने बताया कि परिवार के लोगों से पूछताछ के बाद गांव के ही दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सात बीघे बाग को लेकर चल रही थी मुकदमेबाजी
फकरे आलम के पिता जाफर के समय से घर के बगल सात बीघे बाग को लेकर पड़ोसियों से मुकदमेबाजी चली आ रही थी। एक सप्ताह पहले न्यायालय से फकरे आलम को डिग्री मिल गई थी। पंद्रह दिन पहले कुछ विवाद हुआ था। जिसके बारे में पता चलते ही पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
पत्नी से रास्ते भर बातचीत करते गया था फकरे
लालगंज थाना क्षेत्र के घरौरा निवासी फकरे आलम गोली लगने के बाद भी बातचीत कर रहा था। घटना की बाबत वह पत्नी से बातचीत करते हुए प्रयागराज गया। पुलिस का मानना है कि घटना के बारे में जरूर फकरे ने उसे बताया होगा। करीब पांच बजे उसकी सांसें थमी हैं। घटना को लेकर तनाव है।
मुकदमे के बावजूद दोनों परिवार कभी नहीं हुए थे आमने-सामने
कई दशकों से सात बीघे बाग को लेकर न्यायालय में चल रहे मुकदमे से इतर फकरे आलम व दूसरे पक्ष के लोगों के बीच कभी भी मारपीट की घटना तक नहीं हुई। लालगंज कोतवाल ने बताया कि न्यायालय में विचाराधीन वाद में दोनों पक्ष पैरवी करते रहे, लेकिन कभी आमने-सामने नहीं हुए। इतना ही नहीं एक दूसरे के सुख-दुख में भी शामिल हुआ करते थे। दोनों का घर अगल-बगल होने के कारण एहतियात बरती जा रही है।
19 साल पहले पहली बीवी की हो चुकी है मौत
फकरे आलम की पहली बीवी राबिया का 19 साल पहले निधन हो चुका है। पहली बीवी से एक बेटी बेबी व बेटा अफसर है। बाद में फकरे आलम ने मतरबुन निशा से दूसरी शादी की। इनसे पांच बच्चे हैं। घर पर सबसे छोटा बेटा अरमान व बेटी ही मौजूद मिली। परिवार के अन्य सदस्य बाहर रहते हैं। घटना की जानकारी मिलने पर रिश्तेदार व आसपास के लोग पहुंचते रहे। हर कोई घटना को लेकर हैरत में था। लोगों का कहना था कि फकरे का कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ था।

मृतक ट्रांसपोर्ट मैनेजर फकरे आलम उर्फ घर्राऊ। फाइल फोटो- फोटो : PRATAPGARH