{"_id":"ca23eb21ffd348e32fb7a09a967eecb8","slug":"train-accident-hindi-news-3","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनता के गार्ड का दावा, ड्राइवर ने नहीं दी थी ब्रेक फेल होने की सूचना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनता के गार्ड का दावा, ड्राइवर ने नहीं दी थी ब्रेक फेल होने की सूचना
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 22 Mar 2015 11:41 PM IST
विज्ञापन
रायबरेली के पास बछरावां में जनता एक्सप्रेस हादसे में एक नया मोड़ आ गया है। जांच अभी ठीक से शुरू भी नहीं हो पाई है कि ट्रेन के गार्ड एके गुप्ता ने अपना बचाव शुरू कर दिया है। उसका दावा है कि ड्राइवर पारसनाथ मिश्र ने उन्हें ब्रेक फेल होने की सूचना नहीं दी थी।
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि पारसनाथ झूठ बोल रहा है। उसने वाकी-टाकी या मोबाइल पर ब्रेक फेल होने के बारे में कोई बात भी नहीं की। हादसे के बाद वह मौके से भागकर किसी रिश्तेदार के यहां छिप गया था। गौरतलब है कि ड्राइवर ने बताया था कि ब्रेक ने स्टेशन से 1400 मीटर पहले ही काम करना बंद कर दिया था। इसकी सूचना वॉकी-टॉकी से गार्ड और स्टेशन अधीक्षक को दिया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला।
गार्ड ने कहा कि इंजन स्पीड का ग्राफ निकाला गया है। इसमें दुर्घटना के समय जनता एक्सप्रेस की स्पीड 55 किमी/घंटा मिली है जबकि संकेत सिग्नल पार करते समय स्पीड 15 होनी चाहिए थी। साफ है कि ड्राइवर स्पीड नियंत्रित नहीं कर सका और यह हादसा हो गया। गुप्ता ने दावा किया कि सीनियर डीओएम (जी) की जांच में भी इसका खुलासा हुआ है। गार्ड के मुताबिक संकेत सिग्नल पार करने के बाद भी जब गाड़ी की स्पीड नहीं कम हुई तो उन्होंने धीरे-धीरे प्रेशर ब्रेक का इस्तेमाल कर गाड़ी की स्पीड कम की। अगर एकबारगी प्रेशर ब्रेक लगा देता तो हादसा और बड़ा हो सकता था। पूरी ट्रेन पलट सकती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि पारसनाथ झूठ बोल रहा है। उसने वाकी-टाकी या मोबाइल पर ब्रेक फेल होने के बारे में कोई बात भी नहीं की। हादसे के बाद वह मौके से भागकर किसी रिश्तेदार के यहां छिप गया था। गौरतलब है कि ड्राइवर ने बताया था कि ब्रेक ने स्टेशन से 1400 मीटर पहले ही काम करना बंद कर दिया था। इसकी सूचना वॉकी-टॉकी से गार्ड और स्टेशन अधीक्षक को दिया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला।
विज्ञापन
गार्ड ने कहा कि इंजन स्पीड का ग्राफ निकाला गया है। इसमें दुर्घटना के समय जनता एक्सप्रेस की स्पीड 55 किमी/घंटा मिली है जबकि संकेत सिग्नल पार करते समय स्पीड 15 होनी चाहिए थी। साफ है कि ड्राइवर स्पीड नियंत्रित नहीं कर सका और यह हादसा हो गया। गुप्ता ने दावा किया कि सीनियर डीओएम (जी) की जांच में भी इसका खुलासा हुआ है। गार्ड के मुताबिक संकेत सिग्नल पार करने के बाद भी जब गाड़ी की स्पीड नहीं कम हुई तो उन्होंने धीरे-धीरे प्रेशर ब्रेक का इस्तेमाल कर गाड़ी की स्पीड कम की। अगर एकबारगी प्रेशर ब्रेक लगा देता तो हादसा और बड़ा हो सकता था। पूरी ट्रेन पलट सकती थी।
विज्ञापन