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मालदा टाउन एक्सप्रेस से 600 कछुआ बरामद

Fri, 01 Nov 2019 06:15 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 01 Nov 2019 06:15 PM IST
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Tortoise smuggler caught by Malda Town Express
tortoise
मालदा टाउन एक्सप्रेस ट्रेन के अनराक्षित कोच से शुक्रवार को जीआरपी व आरपीएफ ने पांच महिला समेत सात कछुआ तस्करों को दबोचा। उनके पास बोरियों में भरे विभिन्न प्रजाति के करीब 600 कछुए बरामद किए, जिन्हें पश्चिम बंगाल ले जा रहे थे। बरामद कछुओं की कीमत 90 लाख से अधिक बताई जा रही है। वन विभाग ने इन कछुओं को सई नदी में छुड़वा दिया। वहीं, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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शुक्रवार को दिल्ली से मालदा जाने वाली मालदा टाउन एक्सप्रेस प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंची। स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम यात्रियों की चेकिंग कर रही थी, तभी अनराक्षित कोच में बोरियां दिखीं। संदेह होने पर बोरियों को खोला गया तो उनमें कछुए भरे थे। जीआरपी एसओ फूल सिंह ने बताया कि कुछ लोग अमेठी तो कुछ प्रतापगढ़ से ट्रेन पर सवार हुए थे।
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यहीं से तस्करी कर कछुओं को मुजफ्फरपुर व पश्चिम बंगाल ले जा रहे थे। कोच में बैठी सात महिलाओं व दो पुरुषों को पकड़ा गया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने कुछ ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन उनके साथी नहीं मिले। कछुआ तस्करी में पवन कुमार पुत्र हजारी व उसकी पत्नी पूजा, अरुण कुमार पुत्र देहराती व उसकी मां मीना देवी, झून्नी पत्नी विक्रम, महतिन पत्नी पप्पू व सीमा पत्नी बबुआ निवासी पकड़ी जनपद सुल्तानपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।
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बोरियों में भरे कछुओं की संख्या 600 बताई गई है, जिन्हें सई नदी में छोड़ दिया गया है। सुलतानपुर का पकड़ी क्षेत्र कछुआ तस्करी को लेकर पहले काफी चर्चाओं में रहता है। बीते छह माह पहले एक पुरुष व दो महिलाएं करीब तीन सौ कछुओं के साथ गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया था।
मालदा में सजती है कछुओं की मंडी
तस्करों के पास से कछुआ बरामद होने की खबर मिलते ही डीएफओ बीआर अहिरवार फोर्स के साथ जीआरपी थाने पहुंचे और कछुओं की गिनती कराई गई। 15 कछुए करीब 20-20 किलोग्राम के थे। बरामद कछुओं को वन विभाग के अधिकारियों ने अपने कब्जे में लिया। अदालती कार्रवाई के बाद कछुओं को नदी में छोड़ दिया गया है।
डीएफओ ने कहा कि मालदा कछुओं की बड़ी मंडी है, जहां से इन्हें बड़े होटलों में सप्लाई किया जाता है। वहीं से दूसरे देशों में भी सप्लाई होता है। कछुओं का इस्तेमाल दवाओं के निर्माण व कई रेस्टोरेंट में डिश के रूप में लोग करते हैं। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ डीएफओ ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है।

शक्तिवर्धक दवाएं बनाने में प्रयोग होता है कवच
डीएफओ बीआर अहिरवार ने बताया कि शक्तिवर्धक दवाइयों में कछुआ का कवच इस्तेमाल किया जाता है। कछुए को मारने के बाद उसका कवच उतारा जाता है। उसकी खाल नहीं होती है, तेल से लेकर खाने के लिए दवा बनाने में कछुए का प्रयोग करते हैं।
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