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Pratapgarh News: समय सीमा खत्म... सिर्फ 2.56 लाख की ही बनी अपार आईडी
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जिले के परिषदीय व माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा एक से 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों की अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी बुधवार तक बनाने के निर्देश दिए गए थे। अंतिम दिन तक सिर्फ 2.56 लाख विद्यार्थियों की अपार आईडी बन सकी है। जबकि जिले में 5.76 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय पर सभी 17 विकास खंड़ों के नोडल अफसरों को तैनात कर अपार आईडी बनवाने में लगाया गया। लेकिन पंजीकृत छात्रों के मुकाबले सिर्फ 56 फीसदी छात्रों की ही अपार आईडी बन सकी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अपार आईडी बनाने में सबसे अधिक समस्या यू-डायस पोर्टल पर गलत डाटा फीड होने से हुई।
वहीं, जिले के कई विद्यालयों ने विद्यार्थियों का डाटा ही यू-डायस पोर्टल पर अपलोड नहीं किया था। आधार कार्ड में गलत जानकारी दर्ज होने से अपार आईडी में अडंगा लगा। यू-डायस पोर्टल पर बच्चों के नाम, जन्मतिथि समेत अन्य जानकारी का मिलान करने पर त्रुटियां सामने आईं। जिससे बच्चों की अपार आईडी जनरेट नहीं हो सकी।
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माध्यमिक स्कूलों में 56 फीसदी बच्चों की बनी आईडी
डीआईओएस कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार तक माध्यमिक विद्यालयों में करीब 56 फीसदी विद्यार्थियों की अपार आईडी बन चुकी थी। राजकीय विद्यालयों में 70.53 फीसदी अपार आईडी बनी। यहां पंजीकृत 7225 के सापेक्ष 5096 विद्यार्थियों की आईडी बनाई गई। वहीं, परिषदीय विद्यालयों में 1.99 लाख के सापेक्ष 1.39 लाख बच्चों की अपार आई बनाई जा चुकी है।
...............
अपार आईडी बनाने में सबसे अधिक दिक्कत गलत डाटा की वजह से हो रही है। बच्चों के नाम, जन्मतिथि व आधार में दर्ज जानकारी सही नहीं है। बुधवार तक जिले में पंजीकृत 5.76 लाख के सापेक्ष करीब 2.56 लाख बच्चों की अपार आईडी बन चुकी है। - ओमकार राणा, जिला विद्यालय निरीक्षक
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जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय पर सभी 17 विकास खंड़ों के नोडल अफसरों को तैनात कर अपार आईडी बनवाने में लगाया गया। लेकिन पंजीकृत छात्रों के मुकाबले सिर्फ 56 फीसदी छात्रों की ही अपार आईडी बन सकी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अपार आईडी बनाने में सबसे अधिक समस्या यू-डायस पोर्टल पर गलत डाटा फीड होने से हुई।
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वहीं, जिले के कई विद्यालयों ने विद्यार्थियों का डाटा ही यू-डायस पोर्टल पर अपलोड नहीं किया था। आधार कार्ड में गलत जानकारी दर्ज होने से अपार आईडी में अडंगा लगा। यू-डायस पोर्टल पर बच्चों के नाम, जन्मतिथि समेत अन्य जानकारी का मिलान करने पर त्रुटियां सामने आईं। जिससे बच्चों की अपार आईडी जनरेट नहीं हो सकी।
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माध्यमिक स्कूलों में 56 फीसदी बच्चों की बनी आईडी
डीआईओएस कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार तक माध्यमिक विद्यालयों में करीब 56 फीसदी विद्यार्थियों की अपार आईडी बन चुकी थी। राजकीय विद्यालयों में 70.53 फीसदी अपार आईडी बनी। यहां पंजीकृत 7225 के सापेक्ष 5096 विद्यार्थियों की आईडी बनाई गई। वहीं, परिषदीय विद्यालयों में 1.99 लाख के सापेक्ष 1.39 लाख बच्चों की अपार आई बनाई जा चुकी है।
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अपार आईडी बनाने में सबसे अधिक दिक्कत गलत डाटा की वजह से हो रही है। बच्चों के नाम, जन्मतिथि व आधार में दर्ज जानकारी सही नहीं है। बुधवार तक जिले में पंजीकृत 5.76 लाख के सापेक्ष करीब 2.56 लाख बच्चों की अपार आईडी बन चुकी है। - ओमकार राणा, जिला विद्यालय निरीक्षक