फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Three more cows died in the conservation center of padripal

पडऱीपाल में गोसंरक्षण केंद्र में तीन और गायों की मौत

Sun, 28 Jul 2019 07:48 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jul 2019 07:48 PM IST
विज्ञापन
Three more cows died in the conservation center of padripal
पड़रीपाल में गो संरक्षण केंद्र में तीन और गायों की मौत
विज्ञापन

पहले भी 17 गायों की जा चुकी है जान, अव्यवस्था से नहीं मिली निजात
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़/कोहंड़ौर। गो संरक्षण केंद्रों में कैद मवेशियों के मरने का दौर जारी है। मंगरौरा स्थित पड़रीपाल गो संरक्षण केंद्र में रविवार को तीन और गायों की मौत हो गई। अव्यवस्था का आलम यह है कि अभी टीनशेड का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। इसके पहले पड़रीपाल में 17 गायों की मौत हो चुकी है। इधर शनिवार को सीएचसी दरछुट से पकड़े गए 28 मवेशियों को किसानों की फसल नष्ट करने के लिए छोड़ दिया गया है।
आवारा पशुओं ने जिले के किसानों के साथ ही अफसरों की नींद उड़ा दी है। ग्रामीण कभी स्कूल तो कभी सीएचसी में आवारा मवेशियों को बंद करके विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिकारी भी सिर्फ कोरम पूरा करने तक ही कार्रवाई करते हैं। मंगरौरा विकास खंड के गो संरक्षण केंद्र पड़रीपाल में अभी भी अव्यवस्था का बोलबाला है। टीनशेड पूरे परिसर में नहीं होने से मवेशियों को अभी भी खुले में रहना पड़ रहा है। इससे रविवार को तीन और गायों की मौत हो गई।
विज्ञापन

इधर, सीएचसी दरछुट में कैद 45 पशुओं को गो संरक्षण केंद्र पहुंचाने का दावा पूरी तरह फेल नजर आ रहा है। शनिवार को 28 पशु आसपुर देवसरा के उमरडीहा और 17 जानवर पड़रीपाल भेजे गए थे। पड़रीपाल के प्रधान श्रीकांत पाठक ने स्वीकार किया कि उनके गो संरक्षण केंद्र में 17 जानवर आए हैं। जबकि 28 जानवरों को आसपुर देवसरा के उमरडीहा स्थित गो संरक्षण केंद्र भेजा गया था। मगर वह जानवर गो संरक्षण केंद्र पहुंचने के पहले ही किसानों की फसल नष्ट करने के लिए छोड़ दिए गए। दरअसल, गांव के पास जब ट्रक रुका तो लोगों ने लाठी-डंडे लेकर चालक को दौड़ा लिया। दो युवकों ने चालक की पिटाई भी कर दी। गांव के लोगों का कहना था कि जो जानवर पहले से हैं वह सिरदर्द बने हुए हैं। इसलिए गांव के लोगों ने जानवरों को कहीं और छोड़ने को कहा। एसडीएम पट्टी ने आसपुर देवसरा एसओ को फोनकर मौके पर पहुंचने को कहा, मगर वह नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

उमरडीहा में क्षमता से अधिक हैं जानवर
आसपुर देवसरा विकास खंड के उमरडीहा में खुले गो संरक्षण केंद्र में 262 जानवरों की क्षमता है। वर्तमान में 350 से अधिक जानवर कैद हैं। क्षमता से अधिक जानवरों को रखने से खाने-पीने की भी समस्या खड़ी होती है। इसलिए कोई और जानवरों को रखने को तैयार नहीं है।

शनिवार को आसपुर देवसरा के उमरडीहा में गांव के लोगों के विरोध करने पर सभी जानवरों को पड़रीपाल भेजा गया है। मवेशियों की सुरक्षा और खाने-पीने की व्यवस्था के लिए सभी तैयारियां हो रही हैं। जो कार्य अपूर्ण है, उसे पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। डीपी सिंह, एसडीएम, पट्टी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed