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नवसृजित नगर पंचायतों के बहुरेंगे दिन, विकास के लिए मिलेंगे 30-30 लाख
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प्रतापगढ़। जिले की नवसृजित पृथ्वीगंज, सुवंसा व कोहड़ौर नगर पंचायत के लोगों को शहर जैसी सुविधाएं मुहैैया कराने के लिए तीस-तीस लाख रुपये दिए जाएंगे। पहली अक्तूबर से राज्यवित्त से मिलने वाली धनराशि से इन नगर पंचायतों में तेजी से काम कराए जाएंगे।
वर्ष 2019 के आखिरी माह में शासन ने जिले में तीन नगर पंचायतों के गठन को मंजूरी दी थी। नगर पालिका की सीमा का विस्तार हुआ था। नगर पंचायतों के गठन के बाद वहां अधिशाषी अधिकारी भी तैनात कर दिए गए। तीनों नगर पंचायतों में अस्थायी कार्यालय भी खुल गए, मगर शासन से नवसृजित नगर पंचायतों में लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए धनराशि नहीं मिली। जिसके चलते तीनों नगर पंचायतों में नागरिकों की सहूलियत के लिए कोई प्रयास नहीं हो सका। अधिशाषी अधिकारी कार्यालय बैठते और चले जाते।
शासन ने नगर पंचायतों में शामिल गांवों के विकास का जिम्मा पंचायत विभाग को ही सौंप दिया था। पहले 31 मार्च तक गांवों का विकास कार्य प्रधान व सेक्रेटरी को देखना था। बाद में इसका समय बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया। 25 दिसंबर को जिले के प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की अधिसूचना भी जारी कर दी है। ऐसे में नगर पंचायतों व नगर पालिका में शामिल गांवों को अलग कर पुनरीक्षण करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है।
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जिसे देखते हुए शासन से नवसृजित नगर पंचायतों को आबादी के हिसाब से राज्यवित्त मद से 30-30 लाख रुपये मिलने की संभावना जताई जा रही है। जिससे तीनों नगर पंचायतों में नागरिकों के लिए पेयजल, प्रकाश व सफाई व्यवस्था का खाका खींचा जा सके। नगर पंचायतों के नोडल अधिकारी व नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी मुदित सिंह ने बताया कि पहली अक्तूबर से नवसृजित नगर पंचायतों में विकास के लिए शासन से धनराशि मिलने की बात सामने आई है।
नगर पालिका का भी बढ़ेगा बजट
नगर पालिका में अभी तक 25 वार्ड थे। सीमा विस्तार के बाद वार्डों की संख्या 36 पहुंच गई है। शहर में शामिल गांवों का भी जोड़ लिया गया है। अभी तक शहर में शामिल गांवों में विकास कार्य पंचायत विभाग देख रहा था। अब संभावना जताई जा रही है कि अक्तूबर से नवसृजित नगर पंचायतों के साथ नगर पालिका को भी अतिरिक्त बजट विकास कार्यों के लिए मिलेगा। चूंकि सीमा विस्तार में करीब 42 हजार आबादी नगर पालिका में शामिल हुई है। अब नगर पालिका ए ग्रेड की हो चुकी है। इससे केंद्र सरकार की अमृत योजना समेत अन्य सुविधाओं का लोगों को लाभ मिलेगा।
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वर्ष 2019 के आखिरी माह में शासन ने जिले में तीन नगर पंचायतों के गठन को मंजूरी दी थी। नगर पालिका की सीमा का विस्तार हुआ था। नगर पंचायतों के गठन के बाद वहां अधिशाषी अधिकारी भी तैनात कर दिए गए। तीनों नगर पंचायतों में अस्थायी कार्यालय भी खुल गए, मगर शासन से नवसृजित नगर पंचायतों में लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए धनराशि नहीं मिली। जिसके चलते तीनों नगर पंचायतों में नागरिकों की सहूलियत के लिए कोई प्रयास नहीं हो सका। अधिशाषी अधिकारी कार्यालय बैठते और चले जाते।
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शासन ने नगर पंचायतों में शामिल गांवों के विकास का जिम्मा पंचायत विभाग को ही सौंप दिया था। पहले 31 मार्च तक गांवों का विकास कार्य प्रधान व सेक्रेटरी को देखना था। बाद में इसका समय बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया। 25 दिसंबर को जिले के प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की अधिसूचना भी जारी कर दी है। ऐसे में नगर पंचायतों व नगर पालिका में शामिल गांवों को अलग कर पुनरीक्षण करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है।
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जिसे देखते हुए शासन से नवसृजित नगर पंचायतों को आबादी के हिसाब से राज्यवित्त मद से 30-30 लाख रुपये मिलने की संभावना जताई जा रही है। जिससे तीनों नगर पंचायतों में नागरिकों के लिए पेयजल, प्रकाश व सफाई व्यवस्था का खाका खींचा जा सके। नगर पंचायतों के नोडल अधिकारी व नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी मुदित सिंह ने बताया कि पहली अक्तूबर से नवसृजित नगर पंचायतों में विकास के लिए शासन से धनराशि मिलने की बात सामने आई है।
नगर पालिका का भी बढ़ेगा बजट
नगर पालिका में अभी तक 25 वार्ड थे। सीमा विस्तार के बाद वार्डों की संख्या 36 पहुंच गई है। शहर में शामिल गांवों का भी जोड़ लिया गया है। अभी तक शहर में शामिल गांवों में विकास कार्य पंचायत विभाग देख रहा था। अब संभावना जताई जा रही है कि अक्तूबर से नवसृजित नगर पंचायतों के साथ नगर पालिका को भी अतिरिक्त बजट विकास कार्यों के लिए मिलेगा। चूंकि सीमा विस्तार में करीब 42 हजार आबादी नगर पालिका में शामिल हुई है। अब नगर पालिका ए ग्रेड की हो चुकी है। इससे केंद्र सरकार की अमृत योजना समेत अन्य सुविधाओं का लोगों को लाभ मिलेगा।