फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   There will be relief, CT scan of patients will start from January 20

Pratapgarh News: मिलेगी राहत, 20 से होगा सीटी स्कैन

Sat, 06 Jan 2024 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Updated Sat, 06 Jan 2024 02:38 AM IST
विज्ञापन
There will be relief, CT scan of patients will start from January 20
प्रताप बहादुर चिकित्सालय में लगायी जा रही सिटी स्कैन मशीन। संवाद
मेडिकल कॉलेज में 20 जनवरी से मरीजों के सीटी स्कैन की सुविधा मिलने लगेगी। कॉलेज में इसकी तैयारी अंतिम दौर में है। हर दिन निजी केंद्रों पर 25 से 30 मरीज सीटी स्कैन कराने जाते हैं। निजी केद्रों के संचालक मरीजों से तीन हजार रुपये तक शुल्क लेते हैं। मुफ्त परामर्श के बाद यह रकम मरीजों की जेब पर भारी पड़ रही है।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ रहती है। आर्थों, मेडिसिन, सर्जरी, ईएनटी सहित अन्य विभागों में मरीजों की लंबी कतार लगती है। डॉक्टर जरूरत के मुताबिक मरीजों को सीटी स्कैन और एक्स-रे कराते हैं। मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन की व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को निजी केंद्रों पर जाना पड़ता हैं।
विज्ञापन

इसका फायदा चिकित्सक के साथ निजी केंद्रों के सीटी स्कैन संचालक उठाते हैं। मरीजों से ढाई से तीन हजार रुपये जांच के नाम पर लिए जा रहे हैं। अब मरीजों को जल्द ही इससे छुटकारा मिल जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सौभाग्य प्रकाश ने बताया कि सीटी स्कैन मशीन स्थापित हो गई है। मशील इंस्टॉल करने के लिए लखनऊ से इंजीनियर बुलाए गए हैं। इसके बाद लाइसेंस के लिए आवेदन किया जाएगा। प्रयास रहेगा कि सीटी स्कैन जांच 15 दिन के अंदर शुरू कर दी जाए। 20 जनवरी तक सीटी स्कैन सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

128 स्लाइस की मशीन से छोटी गांठ का भी चल जाएगा पता
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने करीब डेढ़ करोड़ की लागत से इस्राइल से अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन मंगाई है। जिसकी क्षमता 128 स्लाइस की है। इससे बारीक से बारीक जांच होगी और छोटी गांठ, नस में दिक्कत का भी पता चल सकेगा।


मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन मशीन स्थापित हो गई है। इंजीनियर बुलाए गए हैं। जांच में कितना शुल्क लगेगा यह शासन तय करेगा। जांच के पहले लाइसेंस लिया जाएगा, फिर सेवा शुरू की जाएगी। लाइसेंस के लिए आवेदन भी कर दिया गया है।
- डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed