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तूफानी हवाओं संग पड़ी फुहारें, गर्मी से राहत
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कंधई थाना क्षेत्र के दीवानगंज उडैयाडीह मार्ग पर आंधी के दौरान गिरा आम का पेड़। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
सप्ताह भर से वातावरण में पैठ जमाए पुरवा हवाओं ने सोमवार की शाम मौसम का मिजाज बदल दिया। तूफानी हवाओं संग रिमझिम फुहारें पड़ी। थोड़ी देर तक बारिश की फुहारों के बाद मौसम खुशनुमा हो गया। उमसभरी गर्मी से बेहाल लोगों को काफी राहत मिली। इधर, मौसम साफ होने के बाद बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 36.6 व न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
एक सप्ताह से वातावरण में पुरवा हवाओं ने अपनी पैठ मजबूत कर रखी थी। इससे आसमान में बादलों की उमड़- घुमड़ बनी हुई थी। पुरवा की दखल से उमसभरी गर्मी का कहर जारी रहा। गर्मी से लोगों का बुरा हाल था। सोमवार को भी गर्मी चरम पर थी। दोपहर तक तेज धूप के कारण लोगों का बुरा हाल था। दोपहर बाद आसमान में बादलों की सक्रियता बढ़ने लगी। अपराह्न करीब तीन बजे अचानक मौसम ने तेजी से करवट बदली। तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई।
हवाओं की रफ्तार इतनी तेज थी कि बाहर निकलना मुश्किल था। तूफानी हवाओं से शहर में अफरातफरी मच गई। थोड़ी ही देर बाद हवाओं के साथ बारिश होने लगी। इससे मौसम सुहाना हो गया। आधे घंटे तक पड़ी रिमझिम फुहारों से गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली।
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अंधड़ शांत होने के बाद शहर के बाबागंज, पल्टनबाजार, सदर बाजार, अंबेडकर चौराहा, घंटाघर, भगवाचुंगी सहित प्रमुख भीड़-भाड़ वाले बाजारों में चहल-पहल हो गईं। हालांकि बारिश से शहर में किचपिच से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पुरवा हवाओं की सक्रियता वातावरण में बनी हुई है। आगे भी बारिश के आसार बने हुए हैं।
तीन मिमी हुई बारिश
तूफानी हवाओं संग रिमझिम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। शहर में तीन मिमी बारिश रिकार्ड की गई। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पुरवा हवाओं के दबाव से मौसम में अभी भी परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं।
सब्जी, उड़द, मूंग की फसलों को संजीवनी
रिमझिम बारिश से जायद की फसलों की संजीवनी मिली है। नहरों में पानी न आने से किसान फसलों की सिंचाई को लेकर परेशान थे। सोमवार को बारिश होने के बाद किसानों के चेहरे खिल उठे। इधर, सब्जी व हरे चारों की खेती को भी लाभ पहुुंचा है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि बारिश से जायद की फसलों को काफी लाभ पहुंचा है। फसलों की सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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एक सप्ताह से वातावरण में पुरवा हवाओं ने अपनी पैठ मजबूत कर रखी थी। इससे आसमान में बादलों की उमड़- घुमड़ बनी हुई थी। पुरवा की दखल से उमसभरी गर्मी का कहर जारी रहा। गर्मी से लोगों का बुरा हाल था। सोमवार को भी गर्मी चरम पर थी। दोपहर तक तेज धूप के कारण लोगों का बुरा हाल था। दोपहर बाद आसमान में बादलों की सक्रियता बढ़ने लगी। अपराह्न करीब तीन बजे अचानक मौसम ने तेजी से करवट बदली। तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई।
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हवाओं की रफ्तार इतनी तेज थी कि बाहर निकलना मुश्किल था। तूफानी हवाओं से शहर में अफरातफरी मच गई। थोड़ी ही देर बाद हवाओं के साथ बारिश होने लगी। इससे मौसम सुहाना हो गया। आधे घंटे तक पड़ी रिमझिम फुहारों से गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली।
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अंधड़ शांत होने के बाद शहर के बाबागंज, पल्टनबाजार, सदर बाजार, अंबेडकर चौराहा, घंटाघर, भगवाचुंगी सहित प्रमुख भीड़-भाड़ वाले बाजारों में चहल-पहल हो गईं। हालांकि बारिश से शहर में किचपिच से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पुरवा हवाओं की सक्रियता वातावरण में बनी हुई है। आगे भी बारिश के आसार बने हुए हैं।
तीन मिमी हुई बारिश
तूफानी हवाओं संग रिमझिम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। शहर में तीन मिमी बारिश रिकार्ड की गई। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पुरवा हवाओं के दबाव से मौसम में अभी भी परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं।
सब्जी, उड़द, मूंग की फसलों को संजीवनी
रिमझिम बारिश से जायद की फसलों की संजीवनी मिली है। नहरों में पानी न आने से किसान फसलों की सिंचाई को लेकर परेशान थे। सोमवार को बारिश होने के बाद किसानों के चेहरे खिल उठे। इधर, सब्जी व हरे चारों की खेती को भी लाभ पहुुंचा है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि बारिश से जायद की फसलों को काफी लाभ पहुंचा है। फसलों की सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सोमवार को दोपहर में चली धूल भरी आंधी से बचने का प्रयास करते बच्चे के साथ। संवाद- फोटो : PRATAPGARH