Court : नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 15 वर्ष की कारावास, कोर्ट ने 60 हजार रुपये अर्थदंड से किया दंडित
एडीजे एवं विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अधिनियम पारुल वर्मा ने नाबालिग से दुष्कर्म करने एवं जान से मारने की धमकी देने के दोषी कोहड़ौर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी दीपचंद्र को 15 वर्ष कारावास एवं 60 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
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एडीजे एवं विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अधिनियम पारुल वर्मा ने नाबालिग से दुष्कर्म करने एवं जान से मारने की धमकी देने के दोषी कोहड़ौर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी दीपचंद्र को 15 वर्ष कारावास एवं 60 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि को पीड़िता की चिकित्सा एवं मानसिक आघात की पूर्ति एवं पुनर्वास के लिए देने का आदेश दिया। राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक निर्भय सिंह ने की।
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के वादी मुकदमा पीड़िता के पिता के मुताबिक घटना नवंबर 2015 की है। उसकी 17 वर्षीय पुत्री से गांव के दीपचंद्र बहला फुसलाकर दुष्कर्म किया। आठ माह बाद बेटी का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया तो जांच में उसके गर्भवती होने की बात सामने आई। बेटी से पूछा गया तो उसने बताया कि दीपचंद्र ने धमकी देकर कई बार मेरे साथ दुष्कर्म किया। डर के कारण उसने किसी से यह बात नहीं बताई।
अभियोजन की ओर से नौ गवाहों बयान दर्ज कराया। पीड़िता ने न्यायालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया। उसने कोर्ट को बताया कि रात आठ से नौ बजे के बीच जब मैं नल पर हाथ धोने गई थी तभी गांव का दीपचंद्र पीछे से आकर मेरा मुंह दबा लिया। अपने घर के बगल खाली भूमि पर ले जाकर मेरे साथ दुष्कर्म किया। उसने धमकी कि किसी से भी इस बारे में बताओगी तो तुमको व तुम्हारे माता-पिता को जान से मार दूंगा। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषी को 15 वर्ष की कारावास व अर्थदंड से दंडित किया।