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शहर में बनेगी 13 एमएलडी की एसटीपी, बिछेगी सीवर लाइन

Mon, 03 Oct 2022 01:04 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2022 01:04 AM IST
सार

उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2028 तक दूसरा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा।कल-कारखानों के साथ ही शहरी क्षेत्र का गंदा पानी जाने से सई नदी का पानी दिनोंदिन प्रदूषित होता जा रहा है। मगर इस एसटीपी की क्षमता पूरे शहर के लिए पर्याप्त नहीं है।सई नदी जल प्रदूषण के नियंत्रण के लिए न्यायाधिकरण ने 14 सितंबर को अपर मुख्य सचिव नगर विकास विभाग समेत नौ उच्च स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर छह माह के भीतर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।यह भी कहा है कि नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवर लाइन की विस्तृत रिपोर्ट बनाई जाए। शहर के बीच से गुजरी सई नदी के तटों को पर्यटन के रूप में विकसित करने की भी तैयारी है।राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के निर्देश पर कार्ययोजना तैयार हो रही है।

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STP of 13 MLD will be built in the city, sewer line will be laid

विस्तार

शहर में जल्द ही 13 एमएलडी के एसटीपी का निर्माण होगा और सीवर लाइन बिछाई जाएगी, ताकि जिले से गुजरी सई नदी को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। इसके लिए गठित कमेटी रिपोर्ट बनाने में जुटी है। उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2028 तक दूसरा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा।
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कल-कारखानों के साथ ही शहरी क्षेत्र का गंदा पानी जाने से सई नदी का पानी दिनोंदिन प्रदूषित होता जा रहा है। शहर व गांव के नालों का गंदा पानी अभी भी सई नदी में गिर रहा है।
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सई नदी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए शहर के अष्टभुजानगर निवासी अधिवक्ता टीएस सिंह ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण में याचिका दाखिल की। जिसकी सुनवाई के दौरान न्यायाधिकरण ने सई नदी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए किए जा रहे उपायों की रिपोर्ट तलब की थी।
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बेल्हा घाट पर सालों से बनकर तैयार एसटीपी को जल्द से जल्द चालू कराने का निर्देश दिया। जिसके बाद शहर के नालों को एसटीपी से जोड़ने के लिए निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। मगर इस एसटीपी की क्षमता पूरे शहर के लिए पर्याप्त नहीं है।
सई नदी जल प्रदूषण के नियंत्रण के लिए न्यायाधिकरण ने 14 सितंबर को अपर मुख्य सचिव नगर विकास विभाग समेत नौ उच्च स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर छह माह के भीतर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।
यह भी कहा है कि नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवर लाइन की विस्तृत रिपोर्ट बनाई जाए। ताकि सई नदी में शहर के नालों से गंदा पानी न गिरे।
नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्रों व पुराने छूटे वार्डों में भी सीवर लाइन बिछाने व 13 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए कार्ययोजना तैयार होगी। रायबरेली, जौनपुर और प्रतापगढ़ तीनों जनपदों को मिलाकर करीब सौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार होगा।
बेल्हा देवी घाट पर बने एसटीपी की क्षमता है कम
शहर की आबादी के हिसाब से बेल्हा घाट पर बने एसटीपी की क्षमता कम है। इसकी कुल क्षमता 8.57 एमएलडी है। न्यायाधिकरण ने साफ निर्देश दिया है कि हर हाल में निर्माणाधीन सीवेज लाइन व एसटीपी 31 अक्तूबर तक तैयार होकर काम करने लगे। विभागीय अधिकारी लगातार निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
नदी के किनारे होगा वृक्षारोपण
सई नदी के किनारे पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए वेटलैंड को संरक्षित किया जाएगा। इसके अलावा नदी के तट पर वृक्षारोपण कराया जाएगा। ताकि पर्यावरण को शुद्ध रखा जा सके। शहर के बीच से गुजरी सई नदी के तटों को पर्यटन के रूप में विकसित करने की भी तैयारी है।

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के निर्देश पर कार्ययोजना तैयार हो रही है। नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र को मिलाकर पुराने वार्डों में सीवर लाइन बिछाई जाएगी। 13 एमएलडी के एसटीपी का निर्माण कराया जाएगा। मुदित सिंह, ईओ, नगर पालिका
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