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स्टेशन पर पसरा सन्नाटा, नहीं दिख रहे यात्री, काम छोड़ घर चले गए वेंडर
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Silent silence at the station, no visible passengers, vendors left home and left work
- फोटो : PRATAPGARH
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जिले में भले ही कोरोना वायरस से पीड़ित एक भी मरीज नहीं मिला है, लेकिन लोगों के दिल-दिमाग में उसका खौफ छाया हुआ है। रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा हुआ है। एक भी यात्री, वेंडर और कर्मचारी प्लेटफार्म पर दिखाई नहीं पड़ रहे हैं।
प्रतापगढ़ जंक्शन 24 घंटे यात्रियों से गुलजार रहता था। दिनभर खाद्य सामग्री बेचने वाले वेंडर दिखाई पड़ते थे। कोरोना के चलते ट्रेनों के संचालन पर 31 मार्च तक रोक लगने के बाद अब स्टेशन पर एक भी आदमी नहीं दिख रहा। चारों तरफ सन्नाटा पसरा रहा है।
सोमवार को स्टेशन पर एक भी यात्री नहीं दिखाई पड़ा। प्लेटफार्म सूना पड़ा था। वेंडर काम छोड़कर घर को चले गए। रेल अफसर और कर्मचारी दफ्तर से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
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यात्रियों के न होने के चलते पोर्टिको के पास जहां टेंपो और ई-रिक्शा चालको की भीड़ लगी रहती थी वहां अब कोई नहीं है। स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार दूबे ने बताया कि यात्री ट्रेनों से सफर नहीं कर रहे हैं। जिसके चलते रेलवे को प्रतिदिन लाखों का नुकसान हो रहा है।
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प्रतापगढ़ जंक्शन 24 घंटे यात्रियों से गुलजार रहता था। दिनभर खाद्य सामग्री बेचने वाले वेंडर दिखाई पड़ते थे। कोरोना के चलते ट्रेनों के संचालन पर 31 मार्च तक रोक लगने के बाद अब स्टेशन पर एक भी आदमी नहीं दिख रहा। चारों तरफ सन्नाटा पसरा रहा है।
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सोमवार को स्टेशन पर एक भी यात्री नहीं दिखाई पड़ा। प्लेटफार्म सूना पड़ा था। वेंडर काम छोड़कर घर को चले गए। रेल अफसर और कर्मचारी दफ्तर से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
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यात्रियों के न होने के चलते पोर्टिको के पास जहां टेंपो और ई-रिक्शा चालको की भीड़ लगी रहती थी वहां अब कोई नहीं है। स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार दूबे ने बताया कि यात्री ट्रेनों से सफर नहीं कर रहे हैं। जिसके चलते रेलवे को प्रतिदिन लाखों का नुकसान हो रहा है।

Silent silence at the station, no visible passengers, vendors left home and left work- फोटो : PRATAPGARH

Silent silence at the station, no visible passengers, vendors left home and left work- फोटो : PRATAPGARH