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Pratapgarh : सड़क हादसे में सुरक्षाकर्मी की मौत, इलाज में लापरवाही पर तीन जूनियर डॉक्टर सस्पेंड

Fri, 27 Sep 2024 05:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 27 Sep 2024 05:59 PM IST
सार

रानीगंज के रामगढ़ निवासी रविशंकर तिवारी (48) जल जीवन मिशन योजना की एजेंसी में सुरक्षाकर्मियों के सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। बुधवार देर रात वह कंपनी में काम करने वाले शमशेरगंज निवासी गार्ड जगन्नाथ के साथ कार्यस्थल पर लगे सुरक्षाकर्मियों को देखने निकले थे।

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Security personnel killed in road accident, three junior doctors suspended for negligence in treatment
तीन डॉक्टर निलंबित। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कोतवाली देहात के बड़नपुर में बुधवार की देर रात अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार जल जीवन मिशन के सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई। जबकि उसका साथी घायल हो गया। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान लापरवाही को लेकर हंगामा किया। रात में पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। बृहस्पतिवार को प्राचार्य ने तीन जूनियर रेजिडेंट को सस्पेंड कर दिया।

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रानीगंज के रामगढ़ निवासी रविशंकर तिवारी (48) जल जीवन मिशन योजना की एजेंसी में सुरक्षाकर्मियों के सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। बुधवार देर रात वह कंपनी में काम करने वाले शमशेरगंज निवासी गार्ड जगन्नाथ के साथ कार्यस्थल पर लगे सुरक्षाकर्मियों को देखने निकले थे। बड़नपुर के करीब अज्ञात वाहन की टक्कर से दोनों घायल हो गए। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया।
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परिजनों ने किया हंगामा, जमकर हुई झड़प

चिकित्सकों ने रविशंकर की हालत गंभीर देख प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) रेफर कर दिया। इस बीच इमरजेंसी पहुंचे एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र ने खुद को जूनियर चिकित्सक बताकर रविशंकर का उपचार किया। अस्थि रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. सचिन से बात भी कराई। परिजनों का आरोप है कि रात में हालत बिगड़ने पर ऑन काल सर्जन व डॉ. सचिन को बुलाते रहे लेकिन वह आए नहीं। रात करीब 3.25 बजे उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन हंगामा करने लगे। सुरक्षाकर्मियों से तीखी झड़प हुई।
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बृहस्पतिवार की सुबह सूचना मिलने पर सीएमएस पहुंचे। उनके सामने परिजन जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग करने लगे। अस्पताल चौकी की पुलिस परिजनों को समझाती रही। करीब साढ़े दस बजे परिजन शांत हुए। नगर कोतवाल अर्जुन यादव ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। छोटी बेटी की शादी का सपना रह गया अधूरा : मृतक रवि शंकर के तीन बेटी व एक बेटा है। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी की शादी के लिए रिश्ते की तलाश में थे। बेटा अभी बीए की पढ़ाई कर रहा है।

डॉ. सचिन को बुलाने की जिद करते रहे परिजन

रविशंकर की मौत से आक्रोशित परिजन इमरजेंसी में सीएमएस शैलेंद्र कुशवाहा से बार-बार डॉ. सचिन को बुलाने की जिद करते रहे। कई बार प्राचार्य को भी लोगों ने फोन लगाया, मगर काल रिसीव नहीं हुई। लोगों में चिकित्सक सचिन के रवैये पर गुस्सा था। उनका कहना था कि इलाज के रोकने के बाद भी वह नहीं आए।

तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित

प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने डॉ. शोभनाथ, डॉ. मनोज खत्री और डाॅ. एसके पांडेय की तीन सदस्यी जांच टीम गठित की है। कर जांच करने का आदेश दिया। इमरजेंसी में तैनात डाॅ. सचिन मौर्य, डाॅ. संजय और डाॅ. नीरज को निलंबित करते हुए जांच पूरी होने तक सेवा देने से रोक दिया गया है। उधर, हंगामे की सूचना पर रानीगंज के पूर्व विधायक धीरज ओझा पहुंचे। सीएमएस से मिलकर कार्रवाई की मांग की। 

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