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काशी में गंगा की तर्ज पर हुई सई की आरती, जयकारों से गूंज उठा वाराही धाम
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रानीगंज बाराही महोत्सव में गंगा आरती करते श्रद्धालु।
- फोटो : PRATAPGARH
मां वाराही देवी धाम में आयोजित दो दिवसीय वाराही महोत्सव के अंतिम दिन सई नदी के तट पर आदि गंगा सई की आरती के दौरान भक्ति और आस्था का विहंगम नजारा दिखा। घंट- घडिय़ाल व शंख ध्वनि के बीच महाआरती के स्वर से पूरा वातावरण झंकृत हो उठा। काशी में गंगा की तर्ज पर आयोजित महाआरती का दृश्य देख हर किसी की आस्था हिलारे मार रही थी।
आदि गंगा सई के जयकारे से पूरा वातावरण गूंजायमान हो उठा। वाराणसी से आए पुरोहितों ने पूरे विधि-विधान से सई की आरती संपन्न कराई। इस दौरान भक्तों ने सई को अविरल व निर्मल बनाए जाने का संकल्प लिया। देर रात तक देवीमय माहौल बना रहा।
वाराही महोत्सव के अंतिम दिन सई की महाआरती का कार्यक्रम मुख्य था। जिसे लेकर रविवार को सुबह से ही कार्यकर्ता व प्रशासन की टीम जुटी थी। घाट को साफ-सुथरा किया गया था। आकर्षक लाइटिंग के साथ ही महाआरती के दृश्य को कैमरे के कैद करने के लिए डिजिटल टीम की तैनाती की गई थी। शाम को सात बजे महाआरती का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था।
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शाम लगभग 5 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमडने लगी। आदि गंगा सई की महाआरती वाराणसी की तर्ज पर करने की तैयारी थी। इसके लिए वाराणसी से पंडितों की टीम आई थी। वाराणसी की तर्ज पर ही आरती की थाल की व्यवस्था की गई थी। शाम छह बजे के बाद सई घाट पर तिल रखने तक की जगह नहीं थी।
शाम 7 बजे वैदिक मंत्रों के बीच के पूजन-अर्चन शुरू हुआ तो जय मां वाराही, आदि गंगा मां सई के जयकारे गूंजने लगे। मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री नीलकंठ तिवारी, विशिष्ठ अतिथि कैबिनेट मंत्री मोती सिंह, विधायक धीरज ओझा, ओमप्रकाश पांडेय, जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी, मंत्री प्रतिनिधि दिनेश शर्मा, नीरज ओझा सहित लोगों ने विधि-विधान से पूजन अर्चन किया। इसके बाद घंट-घडिय़ाल व शंख ध्वनि के बीच भक्तों ने मां की महाआरती की। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। देर रात तक भक्तिमय माहौल बना रहा।
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आदि गंगा सई के जयकारे से पूरा वातावरण गूंजायमान हो उठा। वाराणसी से आए पुरोहितों ने पूरे विधि-विधान से सई की आरती संपन्न कराई। इस दौरान भक्तों ने सई को अविरल व निर्मल बनाए जाने का संकल्प लिया। देर रात तक देवीमय माहौल बना रहा।
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वाराही महोत्सव के अंतिम दिन सई की महाआरती का कार्यक्रम मुख्य था। जिसे लेकर रविवार को सुबह से ही कार्यकर्ता व प्रशासन की टीम जुटी थी। घाट को साफ-सुथरा किया गया था। आकर्षक लाइटिंग के साथ ही महाआरती के दृश्य को कैमरे के कैद करने के लिए डिजिटल टीम की तैनाती की गई थी। शाम को सात बजे महाआरती का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था।
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शाम लगभग 5 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमडने लगी। आदि गंगा सई की महाआरती वाराणसी की तर्ज पर करने की तैयारी थी। इसके लिए वाराणसी से पंडितों की टीम आई थी। वाराणसी की तर्ज पर ही आरती की थाल की व्यवस्था की गई थी। शाम छह बजे के बाद सई घाट पर तिल रखने तक की जगह नहीं थी।
शाम 7 बजे वैदिक मंत्रों के बीच के पूजन-अर्चन शुरू हुआ तो जय मां वाराही, आदि गंगा मां सई के जयकारे गूंजने लगे। मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री नीलकंठ तिवारी, विशिष्ठ अतिथि कैबिनेट मंत्री मोती सिंह, विधायक धीरज ओझा, ओमप्रकाश पांडेय, जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी, मंत्री प्रतिनिधि दिनेश शर्मा, नीरज ओझा सहित लोगों ने विधि-विधान से पूजन अर्चन किया। इसके बाद घंट-घडिय़ाल व शंख ध्वनि के बीच भक्तों ने मां की महाआरती की। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। देर रात तक भक्तिमय माहौल बना रहा।

रानीगंज बाराही महोत्सव में गंगा आरती के दौरान पूजन करते श्रद्धालु।- फोटो : PRATAPGARH

रानीगंज बाराही महोत्सव में गंगा आरती करते श्रद्धालु।- फोटो : PRATAPGARH