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छोटी बचत से बड़े लाभ में जिला
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 15 Jan 2015 11:29 PM IST
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पैसे की बचत करने के मामले में जिले की महिलाएं पुरुषों से काफी आगे हैं। कुछ ही पुरुष ऐसे हैं जिनमें पैसा बचाने की अच्छी आदत है। बचत कार्यालय की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पैसा बचाने के मामले में जिला मंडल में पहले स्थान पर है। जिले को यह ख्याति दिलाने में यहां की महिलाओं और युवतियाें का बड़ा योगदान है। लोगों के जरिए की गई इस बचत से सरकारी खजाना भी नोटों की गड्डी से फुल है।
दरअसल कमाई के मुताबिक पुरुष समाज पैसे की बचत नहीं कर पा रहा। पाई-पाई पैसा जोड़कर बचत करने में महिलाएं पुरुषों से काफी आगे हैं। बचत कार्यालय की ओर से जिले में 211 पुरुष और 384 महिला एजेंट तैनात हैं। उनका काम है कि वे पुरुषों व महिलाओं को मोटिवेट कर उनमें पैसा बचाने की ललक पैदा करें। विभाग की मानें तो 133 महिला एजेंट निष्क्रिय हो चुकी हैं। फिर भी बची महिला एजेंट भी मोटिवेशन के काम में काफी अगे हैं। उनके जरिए डाकघर में महिलाओं का खाता खुलवा कर पैसा जमा कराने का काम किया जा रहा है।
बचत कार्यालय के अफसरों की मानें तो पैसा बचाने में महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की संख्या काफी कम है। हर साल करोड़ों रुपए की बचत महिलाओं के जरिए की जा रही है। बचत करने में सबसे ज्यादा ग्रामीण महिलाएं हैं। थोड़ा-थोड़ा जमा किए गए पैसे से सरकारी खजाने में करोड़ों रुपए इकट्ठा हुआ है। हाल ही में हुई समीक्षा के दौरान बचत के मामले में जिले को मंडल में पहला स्थान मिला है। शीर्ष अफसरों ने महिलाओं में बढ़ती बचत की आदत की सराहना की है। डीएम को भेजे गए समीक्षा पत्र में अनुमान लगाया गया है कि जिला इसी तरह बचत करने में आगे रहा तो इसका नाम प्रदेश में जल्द ही पहले स्थान पर होगा। साथ ही पैसा बचाने वालों की एक बड़ी पूंजी भी इकट्ठा हो जाएगी। खजाने में जमा हुए करोड़ों रुपए में सरकारी कर्मचारियों का भी योगदान सराहनीय है। वे भी हर माह बचत खाते में पैसा जमा करने से तनिक भी गुरेज नहीं कर रहे।
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बचत कार्यालय के लोगों की मानें तो नौकरी, व्यापार और ठेकेदारी प्रथा के लोग इन दिनों ज्यादातर बचत पत्र की चाह में पैसा जमा कर रहे हैं। वजह यह है कि बचत पत्र के आधार पर पैसा जमाकर्ता को आयकर में छूट मिलती है। लोक भविष्य निधि में भी करीब एक लाख रुपये के निवेश पर आयकर में छूट का प्रावधान है। इस लिए लोग लोक भविष्य निधि में भी पैसा जमा कर रहे हैं।
जिला बचत अधिकारी कमलाकांत ने बताया कि जिले में बचत की और भी संभावनाएं हैं। यह देखते हुए एजेंटों को मोटिवेशन में सक्रियता लाने का निर्देश दिया गया है। पुरुषों की अपेक्षा पैसा जमा करने वालों में महिलाओं की तादाद अधिक है। खुशी की बात यह है कि बचत के मामले में जिला मंडल में टॉप पर है।
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दरअसल कमाई के मुताबिक पुरुष समाज पैसे की बचत नहीं कर पा रहा। पाई-पाई पैसा जोड़कर बचत करने में महिलाएं पुरुषों से काफी आगे हैं। बचत कार्यालय की ओर से जिले में 211 पुरुष और 384 महिला एजेंट तैनात हैं। उनका काम है कि वे पुरुषों व महिलाओं को मोटिवेट कर उनमें पैसा बचाने की ललक पैदा करें। विभाग की मानें तो 133 महिला एजेंट निष्क्रिय हो चुकी हैं। फिर भी बची महिला एजेंट भी मोटिवेशन के काम में काफी अगे हैं। उनके जरिए डाकघर में महिलाओं का खाता खुलवा कर पैसा जमा कराने का काम किया जा रहा है।
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बचत कार्यालय के अफसरों की मानें तो पैसा बचाने में महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की संख्या काफी कम है। हर साल करोड़ों रुपए की बचत महिलाओं के जरिए की जा रही है। बचत करने में सबसे ज्यादा ग्रामीण महिलाएं हैं। थोड़ा-थोड़ा जमा किए गए पैसे से सरकारी खजाने में करोड़ों रुपए इकट्ठा हुआ है। हाल ही में हुई समीक्षा के दौरान बचत के मामले में जिले को मंडल में पहला स्थान मिला है। शीर्ष अफसरों ने महिलाओं में बढ़ती बचत की आदत की सराहना की है। डीएम को भेजे गए समीक्षा पत्र में अनुमान लगाया गया है कि जिला इसी तरह बचत करने में आगे रहा तो इसका नाम प्रदेश में जल्द ही पहले स्थान पर होगा। साथ ही पैसा बचाने वालों की एक बड़ी पूंजी भी इकट्ठा हो जाएगी। खजाने में जमा हुए करोड़ों रुपए में सरकारी कर्मचारियों का भी योगदान सराहनीय है। वे भी हर माह बचत खाते में पैसा जमा करने से तनिक भी गुरेज नहीं कर रहे।
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बचत कार्यालय के लोगों की मानें तो नौकरी, व्यापार और ठेकेदारी प्रथा के लोग इन दिनों ज्यादातर बचत पत्र की चाह में पैसा जमा कर रहे हैं। वजह यह है कि बचत पत्र के आधार पर पैसा जमाकर्ता को आयकर में छूट मिलती है। लोक भविष्य निधि में भी करीब एक लाख रुपये के निवेश पर आयकर में छूट का प्रावधान है। इस लिए लोग लोक भविष्य निधि में भी पैसा जमा कर रहे हैं।
जिला बचत अधिकारी कमलाकांत ने बताया कि जिले में बचत की और भी संभावनाएं हैं। यह देखते हुए एजेंटों को मोटिवेशन में सक्रियता लाने का निर्देश दिया गया है। पुरुषों की अपेक्षा पैसा जमा करने वालों में महिलाओं की तादाद अधिक है। खुशी की बात यह है कि बचत के मामले में जिला मंडल में टॉप पर है।