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मानाे किसी ने एक सूत्र में पिरो दिया हो...
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 11 Jan 2015 11:12 PM IST
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पूर्ण गणवेश...हाथों में लाठी..कदम से कदम मिलाकर ऐसे चल रहे थे मानों किसी ने उनको एक सूत्र में पिरो दिया हो...। हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे हुजूम के बीच कहीं से भी अनुशासनहीनता नहीं दिखी। चेहरे पर दिखा तो केवल संयम व समर्पण। इनके पथ संचलन को देख हर कोई कह रहा था, अनुशासन तो इनसे सीखें।
मौका था नगर के केपी कॉलेज में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एकत्रीकरण कार्यक्रम का। इसमें शामिल होने के लिए समूचे जनपद से सेवकों का हुजूम उमड़ पड़ा था। भंगवा चुंगी, दहिलामऊ, सदर बाजार चौराहा, चौक घंटाघर के रास्ते केपी कॉलेज पहुंचने वाले हजारों की संख्या में स्वयं सेवक पथ संचलन के दौरान बड़े ही संयमित रहे। शाखाओं की पाठशाला में देश सेवा, समर्पण व अनुशासहीनता का पाठ पढ़ने वाले युवकों के चेहरों पर मातृभूमि की सेवा का जज्बा दिखा। सिर पर काली टोपी, सफेद शर्ट, खाकी हाफ पैंट व हाथों में लाठी लिए सेवक उत्साह से लवरेज दिखे। पथ संचलन से लेकर आयोजन स्थल तक केवल ‘वंदे मातरम्’ व ‘भारत माता की जय’ के ही नारे लगते रहे है। संचलन के दौरान कोई भी सेवक विचलित नहीं हुआ। मैदान में पहुंचने के बाद सेवक अपनी-अपनी पंक्तियों में जाकर बैठ गए। तब तक बैठे रहे जब तक मुख्य वक्ता का भाषण खत्म नहीं हो गया।
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मौका था नगर के केपी कॉलेज में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एकत्रीकरण कार्यक्रम का। इसमें शामिल होने के लिए समूचे जनपद से सेवकों का हुजूम उमड़ पड़ा था। भंगवा चुंगी, दहिलामऊ, सदर बाजार चौराहा, चौक घंटाघर के रास्ते केपी कॉलेज पहुंचने वाले हजारों की संख्या में स्वयं सेवक पथ संचलन के दौरान बड़े ही संयमित रहे। शाखाओं की पाठशाला में देश सेवा, समर्पण व अनुशासहीनता का पाठ पढ़ने वाले युवकों के चेहरों पर मातृभूमि की सेवा का जज्बा दिखा। सिर पर काली टोपी, सफेद शर्ट, खाकी हाफ पैंट व हाथों में लाठी लिए सेवक उत्साह से लवरेज दिखे। पथ संचलन से लेकर आयोजन स्थल तक केवल ‘वंदे मातरम्’ व ‘भारत माता की जय’ के ही नारे लगते रहे है। संचलन के दौरान कोई भी सेवक विचलित नहीं हुआ। मैदान में पहुंचने के बाद सेवक अपनी-अपनी पंक्तियों में जाकर बैठ गए। तब तक बैठे रहे जब तक मुख्य वक्ता का भाषण खत्म नहीं हो गया।
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