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विद्युतीकरण घोटोले में आरकेईसी ब्लैकलिस्टेड
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 15 Apr 2018 12:14 AM IST
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जिले में पं. दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना में विद्युतीकरण के नाम पर करोड़ों का घपला करने वाली कार्यदायी संस्था आरकेईसी को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी ने ब्लैकलिस्टेड कर दिया है। करीब तीन महीने पहले लखनऊ व वाराणसी से आई जांच टीम की रिपोर्ट को संज्ञान में लेकर यह कार्रवाई की गई है। अब तीन जांच एजेंसियों द्वारा घोटाले का आकलन किया जाएगा।
जिले में पं. दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत 5042 मजरों का विद्युतीकरण किया जाना था। 2085 मजरों के विद्युतीकरण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था आरकेईसी को दी गई थी। संस्था ने 1425 मजरों को रोशन करने का दावा किया था, लेकिन विद्युतीकरण करने में जमकर अनियमितता बरती गई। पोल, उपकरण, तार में व्यापक हेरफेर किया गया। इतना ही नही कई गांवों को कागज पर ही रोशन कर दिया गया।
इस अनियमितता की शिकायत सांसद कुंवर हरिवंश सिंह व रानीगंज विधायक धीरज ओझा ने ऊर्जा मंत्री से कर जांच कराने की मांग की। जनवरी माह के मध्य चरण में लखनऊ व वाराणसी की टीम ने इसकी जांच की तो कार्यदायी संस्था की घपलेबाजी सामने आई गई। इसकेे बाद दिल्ली से आई केंद्रीय जांच टीम ने भी पड़ताल की। दोनों टीमों की टीम रिपोर्ट पर करीब तीन महीने तक समीक्षा की गई।
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शनिवार को एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया। इससे विद्युत विभाग के कार्यालय में हडक़ंप मचा रहा। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है। अब जिन मजरों को कार्यदायी संस्था ने रोशन करने का दावा किया है, वहां कार्यों की जांच होगी। इसके बाद घोटाले का आकलन होगा।
ये एजेंसियां करेंगी जांच
आरईसी, पीडीसीएल, एनसीपी तीन जांच एजेंसियां हैं। इन तीनों पर विद्युतीकरण जांच की जिम्मेदारी है। जांच रिपोर्ट के बाद आकलन हो जाएगा कि कंपनी द्वारा कितने का हेरफेर किया गया और कार्य कितना हुआ है।
घोटाले में अधीक्षण अभियंता हुए थे निलंबित
विद्युतीकरण घोटाले में करीब तीन महीने पहले जांच के दौरान तत्कालीन अधीक्षण अभियंता विनयचंद्र पर निलबंन की गाज गिरी थी। इसके बाद आनन-फानन में कार्यदायी संस्था के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
दूसरी फर्मों को विद्युतीकरण की जिम्मेदारी
आरकेईसी को 2085 मजरों को रोशन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसमें अब तक संस्था ने 1425 मजरों को रोशन करने का दावा किया था। ऐसे में अभी 660 मजरे विद्युतीकरण से वंचित हैं। बताया जा रहा है कि इन मजरों के विद्युतीकरण के लिए दूसरी संस्थाओं को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
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जिले में पं. दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत 5042 मजरों का विद्युतीकरण किया जाना था। 2085 मजरों के विद्युतीकरण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था आरकेईसी को दी गई थी। संस्था ने 1425 मजरों को रोशन करने का दावा किया था, लेकिन विद्युतीकरण करने में जमकर अनियमितता बरती गई। पोल, उपकरण, तार में व्यापक हेरफेर किया गया। इतना ही नही कई गांवों को कागज पर ही रोशन कर दिया गया।
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इस अनियमितता की शिकायत सांसद कुंवर हरिवंश सिंह व रानीगंज विधायक धीरज ओझा ने ऊर्जा मंत्री से कर जांच कराने की मांग की। जनवरी माह के मध्य चरण में लखनऊ व वाराणसी की टीम ने इसकी जांच की तो कार्यदायी संस्था की घपलेबाजी सामने आई गई। इसकेे बाद दिल्ली से आई केंद्रीय जांच टीम ने भी पड़ताल की। दोनों टीमों की टीम रिपोर्ट पर करीब तीन महीने तक समीक्षा की गई।
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शनिवार को एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया। इससे विद्युत विभाग के कार्यालय में हडक़ंप मचा रहा। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है। अब जिन मजरों को कार्यदायी संस्था ने रोशन करने का दावा किया है, वहां कार्यों की जांच होगी। इसके बाद घोटाले का आकलन होगा।
ये एजेंसियां करेंगी जांच
आरईसी, पीडीसीएल, एनसीपी तीन जांच एजेंसियां हैं। इन तीनों पर विद्युतीकरण जांच की जिम्मेदारी है। जांच रिपोर्ट के बाद आकलन हो जाएगा कि कंपनी द्वारा कितने का हेरफेर किया गया और कार्य कितना हुआ है।
घोटाले में अधीक्षण अभियंता हुए थे निलंबित
विद्युतीकरण घोटाले में करीब तीन महीने पहले जांच के दौरान तत्कालीन अधीक्षण अभियंता विनयचंद्र पर निलबंन की गाज गिरी थी। इसके बाद आनन-फानन में कार्यदायी संस्था के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
दूसरी फर्मों को विद्युतीकरण की जिम्मेदारी
आरकेईसी को 2085 मजरों को रोशन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसमें अब तक संस्था ने 1425 मजरों को रोशन करने का दावा किया था। ऐसे में अभी 660 मजरे विद्युतीकरण से वंचित हैं। बताया जा रहा है कि इन मजरों के विद्युतीकरण के लिए दूसरी संस्थाओं को जिम्मेदारी दी जा सकती है।