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प्रतापगढ़: मंडल अध्यक्ष चुनाव में धांधली व गुटबाजी, नहीं घोषित हुआ जिलाध्यक्ष का नाम

Sun, 08 Dec 2019 11:30 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 08 Dec 2019 11:30 PM IST
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Pratapgarh: rigging and factionalism in the election of the divisional president, the name of the district president has not been announced
भाजपा के मंडल अध्यक्ष चुनाव में धांधली व गुटबाजी की चर्चा महज जिले के सियासी गलियारों तक ही सीमित नहीं है। इसकी खबर पार्टी हाईकमान तक पहुंच चुकी है। यही वजह है कि जिलाध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी 59 जिलाध्यक्षों की सूची में जिले का नाम नहीं शामिल किया गया है। जिलाध्यक्ष का चयन अभी तक नहीं हो सका है। पार्टी सूत्रों की मानें तो ऐसा चुनाव में धांधली व गुटबाजी के चलते हुआ है।
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भाजपा जिलाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया से पहले जिले में मंडल अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पार्टी द्वारा शुरू की गई थी। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष सुभाष यदुवंश चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए थे। जिले के 32 मंडलों में चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई तो भाजपा के खेमे में गुटबाजी सामने आने लगी। सदर, सिटी, नगर, कोहड़ौर, गौरा में अनियमितता, पक्षपात, गुटबाजी सामने आई थी। यही वजह थी कि 31 मंडल अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद भी महज 19 मंडल अध्यक्षों के नामों की घोषणा हुई।
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12 मंडल अध्यक्षों के नाम नहीं घोषित किए गए। 19 मंडल अध्यक्षों की सूची पर भी सवाल खड़े किए गए। सदर सीट पर मंडल अध्यक्ष के दावेदार विकास सिंह ने आरोप लगाया था कि 24 मत पाने पर भी उन्हें मंडल अध्यक्ष की सूची से बाहर कर दिया गया जबकि 2 मत पाने वाले को अध्यक्ष बना दिया गया। इसकी शिकायत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, संगठन मंत्री से हुई थी। शिकायत व विरोध के बाद भी 19 मंडल अध्यक्ष व 15 जिला प्रतिनिधि के साथ जिले में जिलाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई।
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जिलाध्यक्ष के लिए 35 लोगों ने दावेदारी ठोंकी थी। चुनाव के दौरान जबरदस्त गुटबाजी भी सामने आई थी। हालांकि इसे पार्टी हाईकमान ने संज्ञान में ले लिया था। जिन जिलों में अनियमितता व पक्षपात जैसी बात सामने आई है, उन जिलों के जिलाध्यक्ष के नामों पर मंथन चल रहा है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा जारी जिलाध्यक्षों की दूसरी सूची में भी जिले का नाम न होने की मुख्य वजह चुनाव में धांधली, पक्षपात व गुटबाजी है। दूसरी सूची में 79 जिलाध्यक्षों की सूची जारी की गई है। अभी 10 जिलाध्यक्षों की सूची पर ब्रेक लगा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो इस पर मंथन व जांच जारी है। इस बारे में जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र से बात करने का प्रयास किया गया, मगर उनका फोन नहीं लगा।

35 में 25 आवेदन ही वैध
जिलाध्यक्ष पद के लिए कुल 35 लोगों ने दावेदारी ठोकी थी। सभी ने बाकायदा आवेदन प्रक्रिया पूर्ण की थी। पार्टी सूत्रों की मानें तो 35 आवेदन में 25 ही वैध मिले हैं।
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