{"_id":"5fb7d124b26a461e38514cba","slug":"pratapgarh-kaala-brought-the-children-playing-in-the-procession-to-the-bolero","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतापगढ़ः बारात में गए हंसते-खेलते बच्चों को बोलेरो पर खींच लाया काल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतापगढ़ः बारात में गए हंसते-खेलते बच्चों को बोलेरो पर खींच लाया काल
Fri, 20 Nov 2020 07:52 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 20 Nov 2020 07:52 PM IST
विज्ञापन
pratapgarh news : pratapgarh accident
- फोटो : प्रतापगढ़
बृहस्पतिवार को बारात में शामिल होने के लिए बच्चों को अलग वाहन से शेख मोहम्मदपुर ले जाया गया। उनके वाहन को बहुत ही जिम्मेदारी से चालक ले गया था। रात में काल हंसते-खेलते शादी में शामिल होने गए बच्चों को बोलेरो पर खींच लाया। द्वारपूजा के बाद बोलेरो से घर लौट रहे पिता व मामा के साथ बच्चे भी घर आने की जिद करने लगे। जबकि परिवार के अन्य सदस्यों बच्चों को सुबह घर जाने के लिए रोक रहे थे।
कुंडा कोतवाली के जिरगापुर निवासी सुनील यादव पुत्र संतलाल यादव की बारात बृहस्पतिवार को नवाबगंज के शेख मोहम्मदपुर निवासी झूरी यादव के घर गई थी। बारात में बच्चों को अलग वाहन से एक साथ ले जाया गया था। द्वारपूजा के दौरान फिल्मी गीतों पर बच्चों ने जमकर धमाल मचाया। द्वारपूजा के बाद घरातियों ने सभी को खाना खिलाना शुरू कर दिया।
सुनील के चचेरे भाई राममनोहर ने बताया कि उसके भाई दिनेश व नान भइया घर जाने के लिए रात में ही बोलेरो में बैठ गए। इस पर उसका 7 साल का भांजा अंश पुत्र कमलेश भी घर जाने की जिद करने लगा। यह देख दिनेश का 10 वर्षीय बेटा पवन यादव व 7 साल का अमन भी बोलेरो में सवार हो गए। अपने चचेरे भाइयों को घर जाते देख उसका बेटा गौरव यादव (10) भी जिद कर गाड़ी में बैठ गया।
विज्ञापन
इन सभी को घर जाते देख गांव का 12 वर्षीय सचिन यादव पुत्र रामसमुझ व 12 साल का हिमांशु विश्वकर्मा पुत्र रामभवन और मिथलेश कुमार यादव (17) पुत्र दशरथ लाल भी बोलेरो में पीछे बैठ गए। जबकि परिवार के सदस्य बच्चों को रोकने की लगातार जिद कर रहे थे। यहां तक कि दो बच्चों को उतार भी दिया गया था, लेकिन बाद में उनकी जिद देख परिवार के लोगों ने सभी को बोलेरो में बैठा दिया।
विज्ञापन
कुंडा कोतवाली के जिरगापुर निवासी सुनील यादव पुत्र संतलाल यादव की बारात बृहस्पतिवार को नवाबगंज के शेख मोहम्मदपुर निवासी झूरी यादव के घर गई थी। बारात में बच्चों को अलग वाहन से एक साथ ले जाया गया था। द्वारपूजा के दौरान फिल्मी गीतों पर बच्चों ने जमकर धमाल मचाया। द्वारपूजा के बाद घरातियों ने सभी को खाना खिलाना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
सुनील के चचेरे भाई राममनोहर ने बताया कि उसके भाई दिनेश व नान भइया घर जाने के लिए रात में ही बोलेरो में बैठ गए। इस पर उसका 7 साल का भांजा अंश पुत्र कमलेश भी घर जाने की जिद करने लगा। यह देख दिनेश का 10 वर्षीय बेटा पवन यादव व 7 साल का अमन भी बोलेरो में सवार हो गए। अपने चचेरे भाइयों को घर जाते देख उसका बेटा गौरव यादव (10) भी जिद कर गाड़ी में बैठ गया।
विज्ञापन
इन सभी को घर जाते देख गांव का 12 वर्षीय सचिन यादव पुत्र रामसमुझ व 12 साल का हिमांशु विश्वकर्मा पुत्र रामभवन और मिथलेश कुमार यादव (17) पुत्र दशरथ लाल भी बोलेरो में पीछे बैठ गए। जबकि परिवार के सदस्य बच्चों को रोकने की लगातार जिद कर रहे थे। यहां तक कि दो बच्चों को उतार भी दिया गया था, लेकिन बाद में उनकी जिद देख परिवार के लोगों ने सभी को बोलेरो में बैठा दिया।