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प्रतापगढ़: आधार कार्ड पर भी देनी होगी किसानों को खा

Sun, 30 Aug 2020 12:00 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2020 12:00 AM IST
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Pratapgarh: Farmers will have to provide fertilizer on Aadhar card also
Pratapgarh: Farmers will have to provide fertilizer on Aadhar card also
ई- पास मशीन की खराबी का बहाना बनाकर समितियों एवं दुकानों के संचालक खाद की कालाबाजारी नहीं कर सकेंगे। किसानों के आधारकार्ड का नंबर व नाम, पता रजिस्टर में दर्ज कर खाद देनी होगी। किसानों को लौटाने वाली समितियों एवं दुकानों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिले में यूरिया की कालाबाजारी को देखते हुए विभाग ने यह निर्णय लिया है।
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जिले में 200 समितियां हैं। 300 से अधिक पंजीकृत खाद की दुकानें हैं। खरीफ की फसल को लेकर विभाग ने फसलों का आकलन कर खाद की डिमांड भेजी थी। सबसे ज्यादा धान की फसल में ही उर्वरक की मांग होती है। ऐसे में धान की रोपाई के दौरान 21 हजार एमटी यूरिया की पहली खेप आई थी।
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रोपाई के बाद बारिश होने से फिर से खाद की डिमांड बढ़ गई है। किसान फसलों की टाप ड्रेसिंग करने में जुटे हैं। डिमांड अधिक होने से खाद को लेकर समितियों एवं दुकानों पर मारामारी मची हुई है। इसी में समितियों ने खाद की कालाबाजारी भी शुरू कर दी है।
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अधिकांश समितियों ने ई-पास मशीन की खराबी का बहाना बताकर किसानों को लौटाना शुरू कर दिया। इस दांव को आजमा कर दुकानों एवं समितियों ने जिले में सैकड़ों बोरी खाद का हेरफेर किया। इससे यूरिया की किल्लत शुरू हो गई।
शिकायत मिलने पर विभागीय टीमों ने छापामारी शुरू कर दी। समितियों एवं दुकानों पर छापेमारी के दौरान कालाबाजारी के खेल का पर्दाफाश भी हुआ। विभागीय अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया है। विभाग ने सभी दुकानों को निर्देश जारी किया है कि यदि मशीन में किसी तरह की खामी है तो इसके बाद भी समितियों एवं दुकानों पर खाद का वितरण किया जाएगा।

किसी भी किसान को लौटाया नहीं जाएगा। किसानों के नाम व पते के साथ आधारकार्ड के जरिये खाद दी जाएगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि किसानों को खाद की जरूरत है। ऐसे में यदि मशीन में खराबी है तो उनके आधारकार्ड, नाम व पते को रजिस्टर में दर्ज कर उन्हें खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
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