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विधायक निधि के लाखों रुपये दबाकर बैठा है आरईएस
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विधायक निधि के लाखों रुपये दबाकर बैठा है आरईएस
वित्तीय वर्ष 2018-19 में धनराशि का भुगतान तो हुआ, परंतु नहीं हुआ निर्माण
सड़क का निर्माण नहीं होने से स्थानीय लोगों में रोष
सांसद संगमलाल गुप्ता ने सदर विधायक रहते हुए त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत विकास कार्य कराने के लिए जो बजट दिया था, उसे आरईएस अभी दबाकर बैठा हुआ है। दो वर्ष बीतने के बाद भी धनराशि का सदुपयोग नहीं किया है। इससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है।
जिले का आरईएस विभाग मनमानी पर उतर आया है। विधायक निधि का बजट मिलने के बाद भी निर्माण नहीं करा रहा है। इससे स्थानीय लोगों में जहां गहरी नाराजगी है, वहीं विभाग अनजान बना है। सांसद संगमलाल गुप्ता ने वर्ष 2018-19 में त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत पांच करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव भेजा था। हालांकि उस समय वह विधायक थे। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में आरईएस को यह धनराशि शासन ने मुहैया कराई थी। संडवा चंद्रिका से अर्जुनपुर गांव तक 300 मीटर इंटरलाकिंग के लिए 19.65 लाख रुपये अवमुक्त किए गए हैं, मगर अभी तक इस सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है। गड़वारा गैस एजेंसी से बाजार तक 120 मीटर इंटरलाकिंग निर्माण के लिए 7.88 लाख रुपये का भुगतान किया गया है, मगर अभी तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। विभागीय अफसरों की लापरवाही का खामियाजा स्थानीय नागरिकों को झेलना पड़ रहा है। यह तो महज उदाहरण है, ऐसे कई कार्य हैं जिसके लिए भुगतान होने के बाद भी सडक़ों का निर्माण नहीं किया गया है।
विभाग के कार्य अधिक है, सभी सड़कों का टेंडर हो चुका है, विभाग के पास धनराशि अभी उपलब्ध है। जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
एनके दुबे, अधिशासी अभियंता, आरईएस।
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वित्तीय वर्ष 2018-19 में धनराशि का भुगतान तो हुआ, परंतु नहीं हुआ निर्माण
सड़क का निर्माण नहीं होने से स्थानीय लोगों में रोष
सांसद संगमलाल गुप्ता ने सदर विधायक रहते हुए त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत विकास कार्य कराने के लिए जो बजट दिया था, उसे आरईएस अभी दबाकर बैठा हुआ है। दो वर्ष बीतने के बाद भी धनराशि का सदुपयोग नहीं किया है। इससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है।
जिले का आरईएस विभाग मनमानी पर उतर आया है। विधायक निधि का बजट मिलने के बाद भी निर्माण नहीं करा रहा है। इससे स्थानीय लोगों में जहां गहरी नाराजगी है, वहीं विभाग अनजान बना है। सांसद संगमलाल गुप्ता ने वर्ष 2018-19 में त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत पांच करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव भेजा था। हालांकि उस समय वह विधायक थे। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में आरईएस को यह धनराशि शासन ने मुहैया कराई थी। संडवा चंद्रिका से अर्जुनपुर गांव तक 300 मीटर इंटरलाकिंग के लिए 19.65 लाख रुपये अवमुक्त किए गए हैं, मगर अभी तक इस सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है। गड़वारा गैस एजेंसी से बाजार तक 120 मीटर इंटरलाकिंग निर्माण के लिए 7.88 लाख रुपये का भुगतान किया गया है, मगर अभी तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। विभागीय अफसरों की लापरवाही का खामियाजा स्थानीय नागरिकों को झेलना पड़ रहा है। यह तो महज उदाहरण है, ऐसे कई कार्य हैं जिसके लिए भुगतान होने के बाद भी सडक़ों का निर्माण नहीं किया गया है।
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विभाग के कार्य अधिक है, सभी सड़कों का टेंडर हो चुका है, विभाग के पास धनराशि अभी उपलब्ध है। जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
एनके दुबे, अधिशासी अभियंता, आरईएस।