{"_id":"63c2f58f773c8f034f53eb73","slug":"na-pratapgarh-news-c-3-1-ald1011-32417-2023-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: एंबुलेंस चालक की जिद से नवजात को मिली नई जिंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: एंबुलेंस चालक की जिद से नवजात को मिली नई जिंदगी
Sun, 15 Jan 2023 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sun, 15 Jan 2023 12:03 AM IST
विज्ञापन
नवजात बच्चे को दुनिया से फना समझकर परिजन रोते हुए एंबुलेंस चालक से घर लौटने की जिद करते रहे, मगर चालक व ईएमटी की सूझबूझ से नवजात को नई जिंदगी मिल गई। बच्चे के रोने की आवाज सुनने के बाद गम का माहौल खुशी में बदल गया। परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।
विश्वनाथगंज के कसेरुआ निवासी मोहम्मद रफीक की पत्नी गर्भवती थी। दो दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। नार्मल प्रसव के दौरान बच्चा पैदा हुआ। हालांकि उसकी हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उसे एसएनसीयू में रखकर उपचार शुरू कर दिया। शुक्रवार को अचानक नवजात की हालत बिगड़ने लगी।
चिकित्सकों ने उसे प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस के ईएमटी विजय कुमार के अनुसार वह नवजात बच्चे को लेकर चिल्ड्रेन हॉस्पिटल प्रयागराज जा रहा था। सोरांव के करीब बच्चे की धड़कन बंद होने लगी। परिजन नवजात भी उसके जिंदा होने की उम्मीद छोड़कर रोने लगे। वे बच्चे को लेकर घर लौटने की जिद करने लगे, मगर चालक व ईएमटी ने भी बच्चे की जान बचाने की ठान ली थी।
विज्ञापन
परिजनों को किसी तरह शांत कराया। तेजी से हूटर बजाते हुए एबुंलेंस से अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने बच्चे की जिंदगी बचाने की कोशिश शुरू की। जिस बच्चे की परिजन उम्मीद छोड़ चुके थे, डॉक्टरों के प्रयास से अचानक वह रोने लगा। बच्चे के रोने की आवाज ने माहौल खुशनुमा हो गया।
परिजन 108 एंबुलेंस के चालक रामकृष्ण वर्मा और ईएमटी विजय कुमार को दुआएं देने लगे। रफीक भी चालक व ईएमटी की कोशिश की सराहना करते नहीं थक रहा। मामले की जानकारी मिलने पर 108 एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर व् चालक और ईएमटी को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
विश्वनाथगंज के कसेरुआ निवासी मोहम्मद रफीक की पत्नी गर्भवती थी। दो दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। नार्मल प्रसव के दौरान बच्चा पैदा हुआ। हालांकि उसकी हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उसे एसएनसीयू में रखकर उपचार शुरू कर दिया। शुक्रवार को अचानक नवजात की हालत बिगड़ने लगी।
विज्ञापन
चिकित्सकों ने उसे प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस के ईएमटी विजय कुमार के अनुसार वह नवजात बच्चे को लेकर चिल्ड्रेन हॉस्पिटल प्रयागराज जा रहा था। सोरांव के करीब बच्चे की धड़कन बंद होने लगी। परिजन नवजात भी उसके जिंदा होने की उम्मीद छोड़कर रोने लगे। वे बच्चे को लेकर घर लौटने की जिद करने लगे, मगर चालक व ईएमटी ने भी बच्चे की जान बचाने की ठान ली थी।
विज्ञापन
परिजनों को किसी तरह शांत कराया। तेजी से हूटर बजाते हुए एबुंलेंस से अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने बच्चे की जिंदगी बचाने की कोशिश शुरू की। जिस बच्चे की परिजन उम्मीद छोड़ चुके थे, डॉक्टरों के प्रयास से अचानक वह रोने लगा। बच्चे के रोने की आवाज ने माहौल खुशनुमा हो गया।
परिजन 108 एंबुलेंस के चालक रामकृष्ण वर्मा और ईएमटी विजय कुमार को दुआएं देने लगे। रफीक भी चालक व ईएमटी की कोशिश की सराहना करते नहीं थक रहा। मामले की जानकारी मिलने पर 108 एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर व् चालक और ईएमटी को सम्मानित किया गया।