{"_id":"6912258ece1a15fdac0afc38","slug":"mnrega-construction-material-dues-of-rs-77-crore-development-work-stalled-pratapgarh-news-c-262-1-ptp1005-151587-2025-11-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: मनरेगा निर्माण सामग्री का 77 करोड़ बकाया, विकास कार्य ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: मनरेगा निर्माण सामग्री का 77 करोड़ बकाया, विकास कार्य ठप
विज्ञापन
जिले में मनरेगा निर्माण सामग्री का करीब 77 करोड़ रुपये बकाया होने से ग्राम प्रधानों की परेशानी बढ़ गई है। पंचायत चुनाव जल्द होने के कारण प्रधान धनराशि भुगतान के लिए विकास भवन का चक्कर लगा रहे हैं। भुगतान नहीं होने से ग्राम पंचायतों का विकास कार्य ठप है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 1148 ग्राम पंचायतों में 78 करोड़ से भूमिगत बांध, मिट्टी के बांध, चेकडैम, स्कूलों की चहारदीवारी, इंटरलाकिंग, नाली निर्माण और संपर्क मार्ग बनवाया गया। पौधरोपण कर वनों के विकास का कार्य भी किया गया। मनरेगा योजना से ग्राम प्रधानों ने कार्य कराए।
काम पूरा होने के बाद धनराशि का भुगतान कराने के लिए ग्राम प्रधानों ने सीडीओ को ज्ञापन भी सौंपा। ग्राम प्रधानों की मांग पर शासन ने 14 अक्तूबर को महज 25 लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराया। बजट की धनराशि कम होने से ग्राम प्रधानों के चेहरे पर मायूसी छा गई।
विज्ञापन
जिले को अब 77.75 करोड़ रुपये बजट की दरकार है। डीसी मनरेगा संतोष सिंह ने बताया कि बजट की उपलब्धता के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। बजट उपलब्ध होने के बाद वितरण किया जा सकेगा।
निर्माण सामग्री उधार लेकर मनरेगा योजना से इंटरलाकिंग, नाली और संपर्क मार्ग का निर्माण कराया गया। निर्माण सामग्री देने वाले दुकानदार पैसे की मांग कर रहे हैं।
ममता सिंह, जमुआ
ईंट, सीमेंट, रेत उधार लेकर दो साल तक काम कराया गया। बजट देने में देरी होने से विकास कार्य रुक गए हैं। निर्माण सामग्री के भुगतान के लिए आश्वासन ही दिया जा रहा है।
राजेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान संघ अध्यक्ष
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 1148 ग्राम पंचायतों में 78 करोड़ से भूमिगत बांध, मिट्टी के बांध, चेकडैम, स्कूलों की चहारदीवारी, इंटरलाकिंग, नाली निर्माण और संपर्क मार्ग बनवाया गया। पौधरोपण कर वनों के विकास का कार्य भी किया गया। मनरेगा योजना से ग्राम प्रधानों ने कार्य कराए।
विज्ञापन
काम पूरा होने के बाद धनराशि का भुगतान कराने के लिए ग्राम प्रधानों ने सीडीओ को ज्ञापन भी सौंपा। ग्राम प्रधानों की मांग पर शासन ने 14 अक्तूबर को महज 25 लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराया। बजट की धनराशि कम होने से ग्राम प्रधानों के चेहरे पर मायूसी छा गई।
विज्ञापन
जिले को अब 77.75 करोड़ रुपये बजट की दरकार है। डीसी मनरेगा संतोष सिंह ने बताया कि बजट की उपलब्धता के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। बजट उपलब्ध होने के बाद वितरण किया जा सकेगा।
निर्माण सामग्री उधार लेकर मनरेगा योजना से इंटरलाकिंग, नाली और संपर्क मार्ग का निर्माण कराया गया। निर्माण सामग्री देने वाले दुकानदार पैसे की मांग कर रहे हैं।
ममता सिंह, जमुआ
ईंट, सीमेंट, रेत उधार लेकर दो साल तक काम कराया गया। बजट देने में देरी होने से विकास कार्य रुक गए हैं। निर्माण सामग्री के भुगतान के लिए आश्वासन ही दिया जा रहा है।
राजेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान संघ अध्यक्ष