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रौ में आ गई ठंड नवंबर में ही जलाए जाने लगे अलाव
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 24 Nov 2017 11:11 PM IST
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उत्तरी और पश्चिमी हवाओं की जुगलबंदी ठंड का नया रिकार्ड बना रही है। नवंबर माह में ही लोग दिसंबर जैसी ठंड झेलने के लिए मजबूर हो गए हैं। महज चार दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान पांच डिग्री व अधिकतम दो डिग्री लुढ़का है। मौसम विभाग की मानें तो पिछले साल दिसंबर माह के मध्य चरण में इस तरह की ठंडक थी। शुक्रवार को भी ठंड का असर बना रहा। लोग सुबह से लेकर शाम तक गर्म कपड़ों में दिखे।
18 नवंबर तक दिनभर उमस व रात में गुलाबी ठंड का अहसास किया जा रहा था। दिन में धूप इतनी तल्ख रहती थी कि बर्दाश्त करना मुश्किल होता था। आधी रात के बाद गुलाबी ठंड शुरू हो जाती थी। लोग सोते समय साल व कंबल का सहारा ले रहे थे। माना जा रहा था कि नवंबर माह के बाद पिछले साल की ही तरह इस बार भी ठंड तेज होगी। पुरवा हवाएं पूरी तरह से वातावरण में हावी रहीं। मगर 19 नवंबर से पश्चिमी और उत्तरी हवाओं की जुगलबंदी से मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया। महज चार दिनों के भीतर अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से घटकर 26.0 पर आ गया तो न्यूनतम 15 से घटकर 8.2 पर पहुंच गया। जिससे ठंड में एकाएक तेजी से वृद्धि हुई। ठंड तेज होने से लोगों के घरों में सुबह-शाम अलाव जलने लगे। दिनभर लोग ठंड के चलते गर्म कपडे़ में देखे जा रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो पिछले साल नवंबर माह के अंतिम चरण में अधिकतम तापमान 26 व न्यूनतम 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच था। इस तरह की ठंड नहीं थी। इस तरह की ठंड दिसंबर माह में शुरू हुई थी। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पछुआ और उत्तरी हवाओं का क्रम लगातार बना हुआ है। इससे ठंड में और भी इजाफा होगा। आने वाले दिनों सर्दी बढ़ने के आसार है। गलन भी बढे़गी।
18 नवंबर तक दिनभर उमस व रात में गुलाबी ठंड का अहसास किया जा रहा था। दिन में धूप इतनी तल्ख रहती थी कि बर्दाश्त करना मुश्किल होता था। आधी रात के बाद गुलाबी ठंड शुरू हो जाती थी। लोग सोते समय साल व कंबल का सहारा ले रहे थे। माना जा रहा था कि नवंबर माह के बाद पिछले साल की ही तरह इस बार भी ठंड तेज होगी। पुरवा हवाएं पूरी तरह से वातावरण में हावी रहीं। मगर 19 नवंबर से पश्चिमी और उत्तरी हवाओं की जुगलबंदी से मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया। महज चार दिनों के भीतर अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से घटकर 26.0 पर आ गया तो न्यूनतम 15 से घटकर 8.2 पर पहुंच गया। जिससे ठंड में एकाएक तेजी से वृद्धि हुई। ठंड तेज होने से लोगों के घरों में सुबह-शाम अलाव जलने लगे। दिनभर लोग ठंड के चलते गर्म कपडे़ में देखे जा रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो पिछले साल नवंबर माह के अंतिम चरण में अधिकतम तापमान 26 व न्यूनतम 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच था। इस तरह की ठंड नहीं थी। इस तरह की ठंड दिसंबर माह में शुरू हुई थी। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पछुआ और उत्तरी हवाओं का क्रम लगातार बना हुआ है। इससे ठंड में और भी इजाफा होगा। आने वाले दिनों सर्दी बढ़ने के आसार है। गलन भी बढे़गी।
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