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Pratapgarh News: राखी के उत्साह पर बाधक नहीं बनेगी भद्रा, दिनभर सजेगी कलाई
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इस बार रक्षाबंधन के पर्व पर भरणी व भद्रा की अड़चन नहीं रहेगी। रक्षाबंधन का पर्व दिनभर उत्साहपूर्वक बनाया जाएगा। पर्व पर ग्रहों का बेहतर संयोग रहेगा। इसे लेकर भाई- बहनों का उत्साह और बढ़ गया है।
आमतौर पर पर्व पर भरणी, भद्रा का चक्कर रहता है। इसकी वजह से पर्व का उल्लास सीमित समय के लिए रह जाता है लेकिन इस बार राखी के त्योहार पर ऐसा नहीं रहेगा। ग्रहों एवं नक्षत्रों का बेहतर संयोग है। आचार्य आलोक ऋषिवंश ने बताया कि 27 अगस्त को भद्रा सुबह 8.31 बजे से लग जाएगी। रात 8.54 बजे तक इसका प्रभाव रहेगा।
28 अगस्त को पूर्णिमा तिथि सुबह 9.48 बजे तक ही रहेगी। उदया तिथि के आधार पर इसी दिन रक्षाबंधन मनाना शुभ माना गया है। राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5.47 बजे से शुरू होगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.44 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक रहेगा। हालांकि, रक्षाबंधन का पर्व शाम तक मना सकते हैं।
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ऐसे बांधे रक्षा-सूत्र
आचार्य आलोक ऋषिवंश ने बताया कि राखी बांधते समय रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई, पुष्प और फल रखें। गणेश व इष्टदेव का स्मरण कर भाई को आसन पर बैठाएं। तिलक, अक्षत और आरती के बाद दाहिनी कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधें। राखी में तीन गांठ लगाकर मिठाई खिलाएं और भाई की सुख-समृद्धि व रक्षा की कामना करें।
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आमतौर पर पर्व पर भरणी, भद्रा का चक्कर रहता है। इसकी वजह से पर्व का उल्लास सीमित समय के लिए रह जाता है लेकिन इस बार राखी के त्योहार पर ऐसा नहीं रहेगा। ग्रहों एवं नक्षत्रों का बेहतर संयोग है। आचार्य आलोक ऋषिवंश ने बताया कि 27 अगस्त को भद्रा सुबह 8.31 बजे से लग जाएगी। रात 8.54 बजे तक इसका प्रभाव रहेगा।
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28 अगस्त को पूर्णिमा तिथि सुबह 9.48 बजे तक ही रहेगी। उदया तिथि के आधार पर इसी दिन रक्षाबंधन मनाना शुभ माना गया है। राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5.47 बजे से शुरू होगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.44 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक रहेगा। हालांकि, रक्षाबंधन का पर्व शाम तक मना सकते हैं।
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ऐसे बांधे रक्षा-सूत्र
आचार्य आलोक ऋषिवंश ने बताया कि राखी बांधते समय रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई, पुष्प और फल रखें। गणेश व इष्टदेव का स्मरण कर भाई को आसन पर बैठाएं। तिलक, अक्षत और आरती के बाद दाहिनी कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधें। राखी में तीन गांठ लगाकर मिठाई खिलाएं और भाई की सुख-समृद्धि व रक्षा की कामना करें।