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Pratapgarh News: नशा मुक्ति केंद्र पर लटक रहा ताला, कर्मचारी फरार

Sun, 23 Jul 2023 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Updated Sun, 23 Jul 2023 11:42 PM IST
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Lock hanging on de-addiction center, employee absconding
गाय घाट रोड़ ​स्थित दहिलामऊ में युवक की मौत के बाद बंद हुआ नशा मु​क्ति केन्द्र। संवाद
शहर के गायघाट रोड दहिलामऊ में संचालित लाइफ केयर नशा मुक्ति केंद्र में इलाज कराने के लिए भर्ती युवक की संदिग्ध मौत के बाद कर्मचारी ताला बंद कर फरार हो गए। शिकायत के बाद भी पुलिस ने कर्मचारियों को हिरासत में लेने का प्रयास तक नहीं किया। मृतक की पत्नी तहरीर देने की बात कर रही है लेकिन कोतवाली पुलिस इन्कार कर रही है।
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नशा मुक्ति केंद्र में 19 जुलाई को लालजगंज कोतवाली के शीतलमऊ निवासी दीपचंद्र कौशल को अधिक नशा करने के चलते भर्ती कराया गया था। आरोप है कि शुक्रवार की रात केंद्र के कर्मचारियों ने नींद खराब होने पर दीपचंद्र की बेरहमी से पिटाई की। जिससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी उसके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में चोट के निशान मिले हैं। सूचना के बाद पुलिस ने पहुंचकर छानबीन भी की, लेकिन कर्मचारियों को हिरासत में लेने का साहस नहीं जुटा सकी। मृतक की पत्नी रेनू कौशल ने शनिवार की रात कोतवाली पुलिस को तहरीर दी लेकिन कुछ गलतियां देख उससे दूसरी तहरीर मांगी गई। रविवार की सुबह परिजनों ने दूसरी तहरीर दी लेकिन शहर कोतवाल इससे इन्कार कर रहे हैं।
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दूसरी ओर मौका पाकर केंद्र में ताला लगाकर कर्मचारी भाग निकले। केंद्र में भर्ती छह मरीजों को भी घर भेजा गया या वे अपने साथ ले गए। यह बताने वाला कोई नहीं है। आसपास के लोग भी कर्मचारियों की करतूत से हैरत में हैं। नगर कोतवाल सत्येंद्र सिंह का कहना है कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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इनसेट------
इलाज के नाम पर हर माह लेते थे 12 हजार रुपये, यातना घर जैसा था कमरा
गायघाट रोड पर अजय वर्मा के मकान में किराए पर संचालित नशा मुक्ति केंद्र का शुभारंभ इसी साल हुआ था। इलाज व खाने पीने रहने के नाम पर हर माह 12 हजार रुपये लेते थे। शनिवार को नशामुक्ति केंद्र में इलाज कराने वाले संजीत कुमार ने बताया कि दो माह पहले नशा मुक्ति केंद्र में आए थे। कर्मचारी उन लोगों को एक कमरे में बंद करके रखते थे। सोने का इंतजाम नहीं था। जमीन पर ही सोना पड़ता था। वह कमरा यातना घर से कम नहीं था। संजीत के अनुसार शुक्रवार की रात दीपचंद्र शौच जाने के लिए आवाज दे रहा था। ऐसे में तीन कर्मचारियों ने मिलकर उसे पीटा था। केंद्र पर लगे बोर्ड में दर्शाया गया मोबाइल नंबर भी बंद था।
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