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चतुसागर योग में मनेगा जन्माष्टमी पर्व
Mon, 30 Aug 2021 04:20 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 30 Aug 2021 04:20 PM IST
सार
जिले भर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व की तैयारी को लेकर जुटे हुए है। बाजारों में कान्हा पोशाक व कान्हा पालकी व पूजन सामग्री की दुकानें सज गई है। मंदिर भी सजाए जा रहे हैं। कोरोना काल में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मंदिरों में सोशल डिस्टेसिंग के बीच मनेगा।
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श्रीकृष्ण बने सावि पांडेय।
- फोटो : PRATAPGARH
विस्तार
भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव इस बार चतुसागर योग में मनाया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व इस बार चंद्रमा, राहु, केतु व बुध उच्चराशि में होने से चतुसागर योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिषचार्यों के अनुसार चतुसागर योग करीब 35 साल बाद आया है। वहीं रविवार को दिनभर लोग श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व की तैयारी को लेकर जुटे रहे।
जिले भर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व की तैयारी को लेकर जुटे हुए है। बाजारों में कान्हा पोशाक व कान्हा पालकी व पूजन सामग्री की दुकानें सज गई है। मंदिर भी सजाए जा रहे हैं। कोरोना काल में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मंदिरों में सोशल डिस्टेसिंग के बीच मनेगा। घरों में भी पर्व की तैयारी को लेकर लोग जुटे हुए है। इस बार जन्माष्टमी पर पूरे दिन और रात रोहणी नक्षत्र रहेगा। इस बार वह सभी दुर्लभ संयोग रहेंगे जो कान्हा के जन्म के समय बने थे।
अष्टमी 29 अगस्त की रात शुरू हो जाएगी और नक्षत्र के कारण 30 अगस्त की रात तक मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य पंडित आलोक मिश्रा के अनुसार भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। जन्माष्टमी पर छह तत्वों का एक साथ मिलना बहुत ही दुर्लभ होता है। इस जन्माष्टमी पर भी भाद्र कृष्ण पक्ष, अर्द्ध कालीन अष्टमी तिथि, रोहणी नक्षत्र, वृष राशि में चंद्रमा और इसके साथ सोमवार को होना मंगलकारी है। व्रत के लिए उदया तिथि मान्य है। अष्टमी तिथि 29 अगस्त रात 11.25 बजे से शुरू होगी और 30 अगस्त रात 1.59 बजे तक रहेगी।
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इसलिए जन्माष्टमी में पूजन और व्रत 30 अगस्त को होगा। 30 अगस्त को अर्द्धरात्रि को रोहणी नक्षत्र व अष्टमी तिथि दोनों पड़ रही है। पं. आलोक मिश्रा ने बताया कि इस दिन सूर्य मंगल सिंह राशि में रहेंगे। चंद्रमा, राहु, केतु उच्च राशि में रहेंगे। बुुध उच्च राशि में है। शनि अपनी राशि में है। इसलिए कुंडली में चतुसागरयोग बन रहा है। यही वजह है कि जन्माष्टमी पर अद्भुत योग बन रहा है। इस बार जन्माष्टमी का पर्व एक ही दिन मनाया जाएगा। चतुसागर योग में कृष्णजन्माष्टमी बहुत ही फलदायी होगी।
दिनभर रहीं बाजारों में चहल- पहल
जन्माष्टमी के पर्व को लेकर बाजारों मेें दिनभर चहल- पहल रहीं। शहर के पल्टनबाजार, आंबेडकर चौराहा, सदर बाजार, घंटाघर, बाबागंज सहित शहर के प्रमुख बाजारों में कान्हा झूला, मोरपंख, आकर्षक पोशाक से दुकानें सजीं रहीं। पूजन सामग्री की दुकानों पर भी भक्तों की भीड़ खरीदारी करती रहीं।
धूमधाम से मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। बाबा बेलखरनाथ धाम में स्थित राधा कृष्ण मंदिर को माला फूल व इलेक्ट्रानिक झालरों से सजाया गया है। 30 अगस्त की रात 12 बजे जन्मोत्सव के बाद महाआरती होगी। वहीं, शीतला गंज बाजार में राम जानकी मंदिर में रुदा पुर गांव में व दिलिप पुर दीवानगंज बाजार में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के लिए पंडाल श्रद्धालुओं द्वारा सजाया गया है। राधा कृष्ण मंदिर के संस्थापक महेंद्र कुमार दुबे तथा मेला समिति के मदन सिंह ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी।
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जिले भर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व की तैयारी को लेकर जुटे हुए है। बाजारों में कान्हा पोशाक व कान्हा पालकी व पूजन सामग्री की दुकानें सज गई है। मंदिर भी सजाए जा रहे हैं। कोरोना काल में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मंदिरों में सोशल डिस्टेसिंग के बीच मनेगा। घरों में भी पर्व की तैयारी को लेकर लोग जुटे हुए है। इस बार जन्माष्टमी पर पूरे दिन और रात रोहणी नक्षत्र रहेगा। इस बार वह सभी दुर्लभ संयोग रहेंगे जो कान्हा के जन्म के समय बने थे।
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अष्टमी 29 अगस्त की रात शुरू हो जाएगी और नक्षत्र के कारण 30 अगस्त की रात तक मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य पंडित आलोक मिश्रा के अनुसार भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। जन्माष्टमी पर छह तत्वों का एक साथ मिलना बहुत ही दुर्लभ होता है। इस जन्माष्टमी पर भी भाद्र कृष्ण पक्ष, अर्द्ध कालीन अष्टमी तिथि, रोहणी नक्षत्र, वृष राशि में चंद्रमा और इसके साथ सोमवार को होना मंगलकारी है। व्रत के लिए उदया तिथि मान्य है। अष्टमी तिथि 29 अगस्त रात 11.25 बजे से शुरू होगी और 30 अगस्त रात 1.59 बजे तक रहेगी।
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इसलिए जन्माष्टमी में पूजन और व्रत 30 अगस्त को होगा। 30 अगस्त को अर्द्धरात्रि को रोहणी नक्षत्र व अष्टमी तिथि दोनों पड़ रही है। पं. आलोक मिश्रा ने बताया कि इस दिन सूर्य मंगल सिंह राशि में रहेंगे। चंद्रमा, राहु, केतु उच्च राशि में रहेंगे। बुुध उच्च राशि में है। शनि अपनी राशि में है। इसलिए कुंडली में चतुसागरयोग बन रहा है। यही वजह है कि जन्माष्टमी पर अद्भुत योग बन रहा है। इस बार जन्माष्टमी का पर्व एक ही दिन मनाया जाएगा। चतुसागर योग में कृष्णजन्माष्टमी बहुत ही फलदायी होगी।
दिनभर रहीं बाजारों में चहल- पहल
जन्माष्टमी के पर्व को लेकर बाजारों मेें दिनभर चहल- पहल रहीं। शहर के पल्टनबाजार, आंबेडकर चौराहा, सदर बाजार, घंटाघर, बाबागंज सहित शहर के प्रमुख बाजारों में कान्हा झूला, मोरपंख, आकर्षक पोशाक से दुकानें सजीं रहीं। पूजन सामग्री की दुकानों पर भी भक्तों की भीड़ खरीदारी करती रहीं।
धूमधाम से मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। बाबा बेलखरनाथ धाम में स्थित राधा कृष्ण मंदिर को माला फूल व इलेक्ट्रानिक झालरों से सजाया गया है। 30 अगस्त की रात 12 बजे जन्मोत्सव के बाद महाआरती होगी। वहीं, शीतला गंज बाजार में राम जानकी मंदिर में रुदा पुर गांव में व दिलिप पुर दीवानगंज बाजार में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के लिए पंडाल श्रद्धालुओं द्वारा सजाया गया है। राधा कृष्ण मंदिर के संस्थापक महेंद्र कुमार दुबे तथा मेला समिति के मदन सिंह ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी।

कचहरी के समीप दुकान पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी में कान्हा के श्रृंगार का सामान खरीदते लो?- फोटो : PRATAPGARH