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Pratapgarh News: जेल में आंवला कैंडी बनाना सीख रहे बंदी
Wed, 20 Dec 2023 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Wed, 20 Dec 2023 02:22 AM IST
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जिला कारागार में बंद लोगों को विधिक जानकारी देते अपर जिला जज नीरज बरनवाल। सूचना विभाग
जिला कारागार में निरुद्ध बंदी कौशल विकास के तहत आंवला कैंडी व कोहड़ौरी बनाने का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व जनपद न्यायाधीश अब्दुल शाहिद के आदेश पर मंगलवार को अपर जिला जज नीरज कुमार बरनवाल ने जेल का निरीक्षण किया। जेल में कुल 1122 बंदी निरुद्ध हैं, जिसमें 1028 पुरुष एवं 47 महिला और 47 किशोर बंदी शामिल हैं। विचाराधीन महिला बंदियों के साथ छह बच्चे भी हैं। दो महिला बंदी गर्भवती हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर जिला जज ने कारागार में कौशल विकास मिशन केंद्र, पुस्तकालय, महिला बैरक, बाल चक्र, पाकशाला, लीगल एड क्लीनिक, वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग रूम सहित जेल परिसर की साफ-सफाई और बंदियों के अभिलेखों को देखा।
जेल विजिटर विश्वनाथ त्रिपाठी ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता व प्लीबार गेनिंग के बारे में जागरूक किया। कहा कि जिन बंदियों के पास मुकदमे की पैरवी के लिए निजी अधिवक्ता न हो तो ऐसे लोग प्रार्थना पत्र के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता की मांग कर सकते हैं।
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कौशल विकास मिशन के तहत रीता बनर्जी द्वारा बंदियों को कोहडोरी (बड़ी) और आंवले की कैंडी बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इस अवसर पर जेल अधीक्षक रमाकांत दोहरे, उप जेलर आफताब अंसारी व शारदा देवी मौजूद रहीं।
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व जनपद न्यायाधीश अब्दुल शाहिद के आदेश पर मंगलवार को अपर जिला जज नीरज कुमार बरनवाल ने जेल का निरीक्षण किया। जेल में कुल 1122 बंदी निरुद्ध हैं, जिसमें 1028 पुरुष एवं 47 महिला और 47 किशोर बंदी शामिल हैं। विचाराधीन महिला बंदियों के साथ छह बच्चे भी हैं। दो महिला बंदी गर्भवती हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर जिला जज ने कारागार में कौशल विकास मिशन केंद्र, पुस्तकालय, महिला बैरक, बाल चक्र, पाकशाला, लीगल एड क्लीनिक, वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग रूम सहित जेल परिसर की साफ-सफाई और बंदियों के अभिलेखों को देखा।
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जेल विजिटर विश्वनाथ त्रिपाठी ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता व प्लीबार गेनिंग के बारे में जागरूक किया। कहा कि जिन बंदियों के पास मुकदमे की पैरवी के लिए निजी अधिवक्ता न हो तो ऐसे लोग प्रार्थना पत्र के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता की मांग कर सकते हैं।
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कौशल विकास मिशन के तहत रीता बनर्जी द्वारा बंदियों को कोहडोरी (बड़ी) और आंवले की कैंडी बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इस अवसर पर जेल अधीक्षक रमाकांत दोहरे, उप जेलर आफताब अंसारी व शारदा देवी मौजूद रहीं।