{"_id":"6754878239b86104e402fe83","slug":"investigation-into-scam-in-sbi-leelapur-begins-account-holders-will-record-statement-before-cbi-pratapgarh-news-c-262-1-slp1001-129838-2024-12-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: एसबीआई लीलापुर में घपले की जांच शुरू, सीबीआई के समक्ष बयान दर्ज कराएंगे खाताधारक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: एसबीआई लीलापुर में घपले की जांच शुरू, सीबीआई के समक्ष बयान दर्ज कराएंगे खाताधारक
विज्ञापन
भारतीय स्टेट बैंक लीलापुर शाखा में पांच करोड़ के घपले के मामले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। मूल दस्तावेज के साथ पीड़ित खाताधारकों को अलग-अलग तिथियों को लखनऊ स्थित कार्यालय पर उपस्थित होने को कहा गया है। नोटिस मिलने के बाद खाताधारक सीबीआई कार्यालय जाने की तैयारी में लग गए हैं।
जनपद के लीलापुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में तैनात तत्कालीन शाखा प्रबंधक जयनाथ सरोज, सहायक शाखा प्रबंधक दीपक वर्मा ने मिलकर 4,98,30,000 रुपये का गबन किया था। 20 मार्च 2024 को शाखा प्रबंधक शिखर अग्रवाल ने लीलापुर थाने में घपले का मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले का खुलासा होने के बाद बैंक में एफडी करने वाले ग्राहक जब शाखा में अपने अभिलेखों की जांच कराने लगे, तो पता चला था कि घपले की रकम करीब पांच करोड़ रुपये है। बैंक अफसरों और पुलिस का सहयोग नहीं मिलने पर खाताधारकों ने पूरे मामले की जांच कराने के लिए सीबीआई से मांग करते हुए उच्च न्यायालय इलाहाबाद की खंडपीठ लखनऊ में वाद दायर किया।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और ओम प्रकाश शुक्ल ने पीड़ित ग्राहक मिथलेश कुमार तिवारी निवासी मिसिरपुर नंदू का पुरवा सहित अन्य खाताधारकों की मांग को सही ठहराते हुए पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने को कहा।
सीबीआई ने बैंक घोटाले की जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना कर रहे सीबीआई निरीक्षक ने पीड़ित खाताधारकों मिथलेश कुमार तिवारी, पूणेंदु तिवारी, विजय पाठक, राम शिरोमणि, नरेंद्र तिवारी सहित पीड़ित खाताधारकों को डाक से नोटिस भेजा है। जिसमें खाताधारकों को अपने मूल दस्तावेजों के साथ सीबीआई कार्यालय लखनऊ में को उपस्थित होने को कहा गया है।
पीड़ित खाताधारकों के अधिवक्ता बृजेश कुमार शुक्ल एवं हिमांशु मिश्र ने बताया कि जांच की प्रक्रिया चल रही है। पीड़ित खाताधारक अपने मूल दस्तावेजों के साथ सीबीआई के समक्ष प्रस्तुत होंगे।
विज्ञापन
जनपद के लीलापुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में तैनात तत्कालीन शाखा प्रबंधक जयनाथ सरोज, सहायक शाखा प्रबंधक दीपक वर्मा ने मिलकर 4,98,30,000 रुपये का गबन किया था। 20 मार्च 2024 को शाखा प्रबंधक शिखर अग्रवाल ने लीलापुर थाने में घपले का मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
मामले का खुलासा होने के बाद बैंक में एफडी करने वाले ग्राहक जब शाखा में अपने अभिलेखों की जांच कराने लगे, तो पता चला था कि घपले की रकम करीब पांच करोड़ रुपये है। बैंक अफसरों और पुलिस का सहयोग नहीं मिलने पर खाताधारकों ने पूरे मामले की जांच कराने के लिए सीबीआई से मांग करते हुए उच्च न्यायालय इलाहाबाद की खंडपीठ लखनऊ में वाद दायर किया।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और ओम प्रकाश शुक्ल ने पीड़ित ग्राहक मिथलेश कुमार तिवारी निवासी मिसिरपुर नंदू का पुरवा सहित अन्य खाताधारकों की मांग को सही ठहराते हुए पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने को कहा।
सीबीआई ने बैंक घोटाले की जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना कर रहे सीबीआई निरीक्षक ने पीड़ित खाताधारकों मिथलेश कुमार तिवारी, पूणेंदु तिवारी, विजय पाठक, राम शिरोमणि, नरेंद्र तिवारी सहित पीड़ित खाताधारकों को डाक से नोटिस भेजा है। जिसमें खाताधारकों को अपने मूल दस्तावेजों के साथ सीबीआई कार्यालय लखनऊ में को उपस्थित होने को कहा गया है।
पीड़ित खाताधारकों के अधिवक्ता बृजेश कुमार शुक्ल एवं हिमांशु मिश्र ने बताया कि जांच की प्रक्रिया चल रही है। पीड़ित खाताधारक अपने मूल दस्तावेजों के साथ सीबीआई के समक्ष प्रस्तुत होंगे।