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Pratapgarh News: महाविद्यालयों में शुरू हुई चार वर्षीय स्नातक की पढ़ाई
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प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में नए सत्र से स्नातक के चार वर्षीय पाठ्यक्रम का संचालन किया जाएगा। पांच साल की पढ़ाई करने पर परास्नातक की डिग्री भी मिलेगी। चार वर्षीय स्नातक की पढ़ाई पूरी करने पर विद्यार्थियों को स्नातक ऑनर्स की डिग्री मिलगी। वह पीएचडी की पढ़ाई करने के लिए भी अर्ह हो जाएंगे। हालांकि उनको शोध के दौरान एक वर्ष का कोर्स वर्क अनिवार्य रूप से करना होगा।
विश्वविद्यालय के आदेश के बाद इस बार चार वर्षीय स्नातक की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों का दाखिला लिया जा रहा है। स्नातक में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी जितने साल पढ़ाई करेंगे, उनको उतने वर्ष की डिग्री व सर्टिफिकेट मिलेगा। स्नातक प्रथम वर्ष की पढ़ाई पूरी करने पर सार्टिफिकेट, दो वर्ष पर डिप्लोमा, तीन वर्ष पर स्नातक और अब चार वर्ष पर शोध सहित ऑनर्स स्नातक की डिग्री प्रदान की जाएगी।
वहीं, एक साल की अतिरिक्त पढ़ाई करने परास्नातक की उपाधि प्रदान की जाएगी। चतुर्थ वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर में एक लघु शोध परियोजना का प्रावधान किया गया है। जबकि पांचवें वर्ष के अंतिम सेमेस्टर में शोध कार्य होंगे। ऐसे में अब स्नातक में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी सीधे परास्नातक तक पढ़ाई कर सकेंगे।
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महाविद्यालयों में तीन साल की स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके विद्यार्थियों को चौथे साल में प्रमोट कर दिया जाएगा। यूजीसी की ओर से चार वर्ष की स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके विद्यार्थी नेट परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
परास्नातक में लेटरल इंट्री से मिलेगा प्रवेश
पीबीपीजी कॉलेज सिटी प्रतापगढ़ के प्राचार्य प्रो. अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय की गाइडलाइन के अनुसार महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को चतुर्थ वर्ष में प्रमोट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही दो वर्ष के परास्नातक पाठ्यक्रमों भी लेटरल इंट्री के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। एक वर्ष में ही परास्नातक की पढ़ाई बंद करने वाले विद्यार्थियों को परास्नातक का डिप्लोमा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन डिजिटल प्रमाण पत्र और डिप्लोमा सर्टिफिकेट दिया जाएगा। प्रमाण पत्र के लिए 100 रुपये शुल्क जमा करना होगा।
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विश्वविद्यालय के आदेश के बाद इस बार चार वर्षीय स्नातक की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों का दाखिला लिया जा रहा है। स्नातक में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी जितने साल पढ़ाई करेंगे, उनको उतने वर्ष की डिग्री व सर्टिफिकेट मिलेगा। स्नातक प्रथम वर्ष की पढ़ाई पूरी करने पर सार्टिफिकेट, दो वर्ष पर डिप्लोमा, तीन वर्ष पर स्नातक और अब चार वर्ष पर शोध सहित ऑनर्स स्नातक की डिग्री प्रदान की जाएगी।
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वहीं, एक साल की अतिरिक्त पढ़ाई करने परास्नातक की उपाधि प्रदान की जाएगी। चतुर्थ वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर में एक लघु शोध परियोजना का प्रावधान किया गया है। जबकि पांचवें वर्ष के अंतिम सेमेस्टर में शोध कार्य होंगे। ऐसे में अब स्नातक में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी सीधे परास्नातक तक पढ़ाई कर सकेंगे।
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महाविद्यालयों में तीन साल की स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके विद्यार्थियों को चौथे साल में प्रमोट कर दिया जाएगा। यूजीसी की ओर से चार वर्ष की स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके विद्यार्थी नेट परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
परास्नातक में लेटरल इंट्री से मिलेगा प्रवेश
पीबीपीजी कॉलेज सिटी प्रतापगढ़ के प्राचार्य प्रो. अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय की गाइडलाइन के अनुसार महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को चतुर्थ वर्ष में प्रमोट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही दो वर्ष के परास्नातक पाठ्यक्रमों भी लेटरल इंट्री के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। एक वर्ष में ही परास्नातक की पढ़ाई बंद करने वाले विद्यार्थियों को परास्नातक का डिप्लोमा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन डिजिटल प्रमाण पत्र और डिप्लोमा सर्टिफिकेट दिया जाएगा। प्रमाण पत्र के लिए 100 रुपये शुल्क जमा करना होगा।