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झटके से दहले लोग, मची भगदड़
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Tue, 12 May 2015 11:51 PM IST
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भूकंप से झटके से एक बार फिर लोग दहल उठे। शहर में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए घरों से निकलकर बाहर भागना शुरू कर दिया। पल झपकते ही घर खाली हो गए। सारी भीड़ सड़क पर खुले स्थान पर आकर जमा हो गई।
मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजकर 35 मिनट भूकंप का झटका लगा। घरों में पंखा और गिलास में रखा पानी हिलने लगा। लोगों को मालूम चल गया कि हो न हो भूकंप की आफत फिर से आ गई है। पलक झपकते ही पूरे शहर में भूकंप के शोर के साथ भगदड़ मची। सियाराम कॉलोनी में शिक्षक प्रेम यादव का पुत्र शानू कंप्यूटर चला रहा था। झटके लगने से मेज हिलने लगी। वह भूकंप-भूकंप चिल्लाता हुआ भागा।
परिजन भी बाहर निकल आए। नया मालगोदाम रोड पर अमन कमरे में पढ़ रहा था। अचानक गिलास का पानी हिलने लगा। वह जोर से चिल्लाया। घर के लोग बाहर भागने लगे। मकान मालिक मुन्ना लाल चौरसिया के परिवार के लोग भी दहशत में आकर घर से भागने लगे। पूरे शहर का यही हाल था। शहरवासियों के चेहरों पर भूकंप का खौफ साफ दिखा।
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मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजकर 35 मिनट भूकंप का झटका लगा। घरों में पंखा और गिलास में रखा पानी हिलने लगा। लोगों को मालूम चल गया कि हो न हो भूकंप की आफत फिर से आ गई है। पलक झपकते ही पूरे शहर में भूकंप के शोर के साथ भगदड़ मची। सियाराम कॉलोनी में शिक्षक प्रेम यादव का पुत्र शानू कंप्यूटर चला रहा था। झटके लगने से मेज हिलने लगी। वह भूकंप-भूकंप चिल्लाता हुआ भागा।
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परिजन भी बाहर निकल आए। नया मालगोदाम रोड पर अमन कमरे में पढ़ रहा था। अचानक गिलास का पानी हिलने लगा। वह जोर से चिल्लाया। घर के लोग बाहर भागने लगे। मकान मालिक मुन्ना लाल चौरसिया के परिवार के लोग भी दहशत में आकर घर से भागने लगे। पूरे शहर का यही हाल था। शहरवासियों के चेहरों पर भूकंप का खौफ साफ दिखा।
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