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धुआं बनकर उड़ गए करोड़ों रुपये
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जीआईसी मैदान में लगी पटाखों की दुकानों पर दीपावली पर खरीदारी करते लोग।
- फोटो : PRATAPGARH
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दिवाली की शाम खुशियां बटोरने के लिए लोगों ने आतिशबाजी का शानदार नजारा प्रस्तुत किया। शहर और ग्रामीण इलाकों में करोड़ों रुपये के पटाखे धुआं बनकर उड़ गए। रोक का कोई असर देखने को नहीं मिला। रात दस बजे के बाद भी पटाखे फोड़े गए।
सुख, समृद्धि का पर्व दिवाली को धूमधाम से मनाने के लिए लोगों ने खुशियां बांटने में कोई कमी नहीं दिखाई। खाद्य पदार्थों के साथ ही पटाखा की जमकर खरीदारी की। शहर के रामलीला मैदान, जीआईसी में पटाखे की दुकानें सजी रही। शहर से लेकर गांव तक शाम होने तक आतिशबाजी की दुकानों सजी रहीं। जिले के सभी छोटी-बड़ी बाजारों में लाई, चिउरा की भांति ही पटाखों से दुकानें सजी रही।
योगी, मोदी के साथ ही राकेट, लांचर, दबंग, हल्लाबोल , सर्जिकल स्ट्राइक और हीरो-हीरोइन के नाम से तेज आवाज और तेज रोशनी के पटाखें लोग शाम तक खरीदते रहे। अग्निशमन विभाग के कर्मचारी शहर में भ्रमण कर लोगों को हिदायत बरतने की सलाह देते रहे। मगर आलम यह रहा कि रात दस बजे के बाद भी लोग पटाखे दागते रहे, मगर कोई रोकने वाला नहीं था।
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सुख, समृद्धि का पर्व दिवाली को धूमधाम से मनाने के लिए लोगों ने खुशियां बांटने में कोई कमी नहीं दिखाई। खाद्य पदार्थों के साथ ही पटाखा की जमकर खरीदारी की। शहर के रामलीला मैदान, जीआईसी में पटाखे की दुकानें सजी रही। शहर से लेकर गांव तक शाम होने तक आतिशबाजी की दुकानों सजी रहीं। जिले के सभी छोटी-बड़ी बाजारों में लाई, चिउरा की भांति ही पटाखों से दुकानें सजी रही।
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योगी, मोदी के साथ ही राकेट, लांचर, दबंग, हल्लाबोल , सर्जिकल स्ट्राइक और हीरो-हीरोइन के नाम से तेज आवाज और तेज रोशनी के पटाखें लोग शाम तक खरीदते रहे। अग्निशमन विभाग के कर्मचारी शहर में भ्रमण कर लोगों को हिदायत बरतने की सलाह देते रहे। मगर आलम यह रहा कि रात दस बजे के बाद भी लोग पटाखे दागते रहे, मगर कोई रोकने वाला नहीं था।
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