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'मौत आने के बाद डाॅक्टर भी नहीं बचा सकते जान'
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Sun, 09 Oct 2016 12:07 AM IST
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108 नंबर पर बार-बार फोन करने के बाद भी एबुलेेंस न मिलने और वार्ड ब्वाय के इंजेक्शन लगाते ही अधेड़ की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग के मुखिया जांच और कार्रवाई के बजाए सीधे डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के बचाव में उतर आए हैं। शनिवार को घटना के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि मौत आने पर डाक्टर भी किसी को नहीं बचा सकते। अफजल की मौत डाक्टरों की नहीं उसके परिजनों की लापरवाही से हुई।
कंधई थाना के आसलपुर गांव निवासी अफजल (55) की इलाज के अभाव में शुक्रवार को मौत हो गई थी। उसका बेटा एंबुलेंस के लिए बार-बार 108 नंबर पर फोन करता रहा, लेकिन मदद नहीं मिली। वह किसी तरह साइकिल पर पिता को लादकर अस्पताल पहुंचा। यहां काफी देर तक उसे डाक्टर नहीं मिले। वार्ड ब्वाय ने अफजल को इंजेक्शन लगाया। जिसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। इसे लेकर घरवालों ने हंगामा भी किया। अब स्वास्थ्य विभाग के अफसर मामले को दबाने में जुट गए हैं। सीएमओ ने मौत के लिए डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के बजाए परिजनों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि लापरवाही चिकित्सकाें की नहीं बल्कि उसके परिजनों की है। शुक्रवार सुबह आठ बजे अफजल को बाबा बेलखरनाथ सीएचसी में भर्ती करके इलाज किया गया। हालत में सुधार होने पर उसका बेटा उसे लेकर साइकिल से घर के लिए निकल पड़ा।
कुछ ही दूर जाने पर साइकिल से अफजल गिर गया। हालत बिगड़ने पर उसे फिर से सीएचसी में लाया गया। यहां डॉक्टर नीरज यादव ने इलाज किया। हालत में सुधार होता न देखकर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस कहीं व्यस्त थी। इस लिए टेंपो से चिकित्सकों ने जिला अस्पताल भेज दिया। 102 एंबुलेंस खड़ी थी, मगर वह जच्चा-बच्चा के लिए होती है। इसलिए उससे अफजल को नहीं भेजा गया। इन दिनों बेलखरनाथ सीएचसी अधीक्षक सुनील यादव और फार्मासिस्ट परवेज के बीच विवाद चल रहा है। परवेज जानबूझ कर हंगामा करवा रहा है। अगर अफजल के परिजन लिखित में शिकायती पत्र लेकर आते हैं तो इसकी जांच की जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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ज्यादातर एंबुलेंस हो चुकी हैं खटारा
स्वास्थ्य मंत्री के गृह जनपद में ज्यादातर 108 एंबुलेंस खटारा हो गई हैं। किसी का गेट नहीं बंद होता है तो कुछ का सायरन और बत्ती ही खराब हो गई है। कुछ चालक जानबूझकर मरीजों के पास समय से पहुंचने के बजाए हीलाहवाली कर रहे हैं। ऐसे में समय से मरीजों की सेवा नहीं मिल पाती है और उनकी जान भी चली जाती है। जनपद में कुल 27 समाजवादी 108 एंबुलेंस और 40 गर्भवती और प्रसूता के लिए 102 एंबुलेंस सेवा संचालित हो रही है। इस दिनों ज्यादातर एंबुलेंस खटारा हो गई है। पांच में सायरन और बत्ती नहीं काम कर रही है। करीब 17 का गेट खराब हो गया है। इसके चलते लॉक नहीं होता है।
इसी में से कुछ ऐसे भी चालक हैं जो आराम करने के लिए झूठ पर झूठ बोलते हैं। सूचना मिलने के बाद भी समय से नहीं पहुंचते हैं। इसके चलते मरीजों की जान चली जाती है। शुक्रवार दोपहर कंधई थाना के आसलपुर निवासी अफजल (55) की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनाें ने कई बार 108 सेवा को फोन करके एंबुलेंस की मांग की। बताया गया कि एंबुलेंस अभी व्यस्त है। बेलखरनाथ सीएचसी में लगी एंबुलेंस कहीं व्यस्त थी। लखनऊ के कंट्रोल रूम से कंधई में खड़ी एंबुलेंस को तत्काल भेजने की बात कही गई। चालक जान बूझकर हीलाहवाली कर रहा था। जांच के दौरान एंबुलेंस चालक बार-बार अपना बयान बदल रहा था। उसने यह भी कहा कि अफजल की मौत हो गई थी। मृत लोगों को ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस नहीं है।
जांच की जा रही है। अगर एंबुलेंस चालक जान बूझकर समय से नहीं पहुंचा है और किसी की जान चली गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रही बात खटारा की तो रोड पर चल रही है। बिगड़ती है और मरम्मत भी समय से कराई जाती है।- सरदेंदू शुक्ला, प्रोग्राम मैनेजर, समाजवादी एंबुलेंस सेवा
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कंधई थाना के आसलपुर गांव निवासी अफजल (55) की इलाज के अभाव में शुक्रवार को मौत हो गई थी। उसका बेटा एंबुलेंस के लिए बार-बार 108 नंबर पर फोन करता रहा, लेकिन मदद नहीं मिली। वह किसी तरह साइकिल पर पिता को लादकर अस्पताल पहुंचा। यहां काफी देर तक उसे डाक्टर नहीं मिले। वार्ड ब्वाय ने अफजल को इंजेक्शन लगाया। जिसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। इसे लेकर घरवालों ने हंगामा भी किया। अब स्वास्थ्य विभाग के अफसर मामले को दबाने में जुट गए हैं। सीएमओ ने मौत के लिए डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के बजाए परिजनों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि लापरवाही चिकित्सकाें की नहीं बल्कि उसके परिजनों की है। शुक्रवार सुबह आठ बजे अफजल को बाबा बेलखरनाथ सीएचसी में भर्ती करके इलाज किया गया। हालत में सुधार होने पर उसका बेटा उसे लेकर साइकिल से घर के लिए निकल पड़ा।
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कुछ ही दूर जाने पर साइकिल से अफजल गिर गया। हालत बिगड़ने पर उसे फिर से सीएचसी में लाया गया। यहां डॉक्टर नीरज यादव ने इलाज किया। हालत में सुधार होता न देखकर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस कहीं व्यस्त थी। इस लिए टेंपो से चिकित्सकों ने जिला अस्पताल भेज दिया। 102 एंबुलेंस खड़ी थी, मगर वह जच्चा-बच्चा के लिए होती है। इसलिए उससे अफजल को नहीं भेजा गया। इन दिनों बेलखरनाथ सीएचसी अधीक्षक सुनील यादव और फार्मासिस्ट परवेज के बीच विवाद चल रहा है। परवेज जानबूझ कर हंगामा करवा रहा है। अगर अफजल के परिजन लिखित में शिकायती पत्र लेकर आते हैं तो इसकी जांच की जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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ज्यादातर एंबुलेंस हो चुकी हैं खटारा
स्वास्थ्य मंत्री के गृह जनपद में ज्यादातर 108 एंबुलेंस खटारा हो गई हैं। किसी का गेट नहीं बंद होता है तो कुछ का सायरन और बत्ती ही खराब हो गई है। कुछ चालक जानबूझकर मरीजों के पास समय से पहुंचने के बजाए हीलाहवाली कर रहे हैं। ऐसे में समय से मरीजों की सेवा नहीं मिल पाती है और उनकी जान भी चली जाती है। जनपद में कुल 27 समाजवादी 108 एंबुलेंस और 40 गर्भवती और प्रसूता के लिए 102 एंबुलेंस सेवा संचालित हो रही है। इस दिनों ज्यादातर एंबुलेंस खटारा हो गई है। पांच में सायरन और बत्ती नहीं काम कर रही है। करीब 17 का गेट खराब हो गया है। इसके चलते लॉक नहीं होता है।
इसी में से कुछ ऐसे भी चालक हैं जो आराम करने के लिए झूठ पर झूठ बोलते हैं। सूचना मिलने के बाद भी समय से नहीं पहुंचते हैं। इसके चलते मरीजों की जान चली जाती है। शुक्रवार दोपहर कंधई थाना के आसलपुर निवासी अफजल (55) की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनाें ने कई बार 108 सेवा को फोन करके एंबुलेंस की मांग की। बताया गया कि एंबुलेंस अभी व्यस्त है। बेलखरनाथ सीएचसी में लगी एंबुलेंस कहीं व्यस्त थी। लखनऊ के कंट्रोल रूम से कंधई में खड़ी एंबुलेंस को तत्काल भेजने की बात कही गई। चालक जान बूझकर हीलाहवाली कर रहा था। जांच के दौरान एंबुलेंस चालक बार-बार अपना बयान बदल रहा था। उसने यह भी कहा कि अफजल की मौत हो गई थी। मृत लोगों को ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस नहीं है।
जांच की जा रही है। अगर एंबुलेंस चालक जान बूझकर समय से नहीं पहुंचा है और किसी की जान चली गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रही बात खटारा की तो रोड पर चल रही है। बिगड़ती है और मरम्मत भी समय से कराई जाती है।- सरदेंदू शुक्ला, प्रोग्राम मैनेजर, समाजवादी एंबुलेंस सेवा