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जाली नोट लेने वाले डाककर्मियों से होगी वसूली
अमर उजाला ब्यूूराे प्रतापगढ़
Updated Tue, 20 Dec 2016 11:49 PM IST
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नोटबंदी के दौरान डाकघरों में जमा हुए पांच सौ और एक हजार के पुराने जाली नोट अब कर्मचारियों की जेब पर भारी पड़ने वाले हैं। उन कर्मचारियों से वसूली की जाएगी जिन डाकघरों से जाली नोट मिले थे।
बता दें कि नोटबंदी के बाद से डाकघरों में पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट जमा कराए गए थे। मिलीभगत से प्रधान डाकघर से लेकर उपडाकघरों तक जाली नोटों का गोरखधंधा खूब चला। हालांकि जाली नोट मिलने का खुलासा केवल जामताली और कोंहड़ौर के उपडाकघर से ही हुआ।
इन डाकघरों से मिले रुपये जमा करने के लिये प्रधान डाकघर के खजाने में पहुंचे। यहां पर मशीन की पड़ताल में जाली नोट पकड़ में आए थे। ‘अमर उजाला’ ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद प्रधान डाकघर ने बाकी जाली नोटों का खुलासा नहीं किया। दोनों उपडाकघरों से मिले जाली नोट का खुलासा होेने के बाद इसको पचाना डाकविभाग के लिये आसान नहीं था। पता चला है कि अभी भी डाकघरों में काफी जाली नोट हैं। कोहड़ौंर और जामताली के डाकघरों में पांच सौ और हजार के पुराने जाली नोटों का क्या किया जाएगा। इस बारे में सीनियर पोस्ट मास्टर एसके पांडेय का कहना है कि जिन डाकघरों से जाली नोट मिले हैं, उसकी वसूली वहां के कर्मचारियों से की जाएगी। ज्यादा नोट नहीं मिले थे। उधर, कर्मचारियों का कहना है कि नोट की पहचान करने के लिये मशीन की सुविधा नहीं मिली है। ऐसे में वे जाली और असली की पहचान कैसे कर सकते हैं।
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बता दें कि नोटबंदी के बाद से डाकघरों में पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट जमा कराए गए थे। मिलीभगत से प्रधान डाकघर से लेकर उपडाकघरों तक जाली नोटों का गोरखधंधा खूब चला। हालांकि जाली नोट मिलने का खुलासा केवल जामताली और कोंहड़ौर के उपडाकघर से ही हुआ।
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इन डाकघरों से मिले रुपये जमा करने के लिये प्रधान डाकघर के खजाने में पहुंचे। यहां पर मशीन की पड़ताल में जाली नोट पकड़ में आए थे। ‘अमर उजाला’ ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद प्रधान डाकघर ने बाकी जाली नोटों का खुलासा नहीं किया। दोनों उपडाकघरों से मिले जाली नोट का खुलासा होेने के बाद इसको पचाना डाकविभाग के लिये आसान नहीं था। पता चला है कि अभी भी डाकघरों में काफी जाली नोट हैं। कोहड़ौंर और जामताली के डाकघरों में पांच सौ और हजार के पुराने जाली नोटों का क्या किया जाएगा। इस बारे में सीनियर पोस्ट मास्टर एसके पांडेय का कहना है कि जिन डाकघरों से जाली नोट मिले हैं, उसकी वसूली वहां के कर्मचारियों से की जाएगी। ज्यादा नोट नहीं मिले थे। उधर, कर्मचारियों का कहना है कि नोट की पहचान करने के लिये मशीन की सुविधा नहीं मिली है। ऐसे में वे जाली और असली की पहचान कैसे कर सकते हैं।
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