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रानीगंज में आग से जल मरी महिला
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 04 Jun 2015 11:20 PM IST
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रानीगंज थाना क्षेत्र के लच्छीपुर गांव की एक महिला अपने मायके में गुरुवार को आग की चपेट में आने से जल मरी। घटना के समय वह घर में अकेली थी। परिवार के लोग रिश्तेदारी गए थे। रानीगंज थाना क्षेत्र के लच्छीपुर निवासी लाला पटेल की बेटी सुशीला (27) की शादी कई वर्ष पहले संडिला गांव में हुई थी। ससुराली जनों से विवाद होने के बाद वह मायके में आकर रहने लगी। एक वर्ष पहले सुशीला के पिता ने उसकी दूसरी शादी फतनपुर थाना क्षेत्र के सुवंसा निवासी राजकु मार के साथ कर दी। शादी के बाद वह अपने दूसरे पति के घर चली गई। विवाह के छह माह बाद ही राजकुमार और सुशीला के बीच विवाद होने लगा। घरेलू कलह से परेशान पति राजकुमार ने सुशीला को उसके मायके पहुंचा दिया।
कई माह व्यतीत होने के बाद भी ससुराल से उसकी विदाई कराने के लिए कोई नही पहुंचा। इससे सुशीला काफी परेशान चल रही थी। परिजनों की मानें तो बुधवार को परिवार के लोग रिश्तेदारी में आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए थे। गुरुवार की सुबह सुशीला घर में अकेली थी। अचानक वह आग की चपेट में आ गई। शोर शराबा सुनकर गांव के लोग दौड़ पड़े। किसी तरह सुशीला की आग बुझाई और उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलते पर परिजन रोते बिलखते हुए अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने बताया कि सुशीला खाना बनाते समय आग की चपेट में आने से जल गई। गांव में इस बात की चर्चा है कि दूसरे पति के न आने से सुशीला परेशान रहती थी। इसी वजह से खुद को आग के हवाले कर दिया। अस्पताल में देर शाम सदर तहसीलदार की मौजूदगी में पंचायतनामा भरा गया।
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कई माह व्यतीत होने के बाद भी ससुराल से उसकी विदाई कराने के लिए कोई नही पहुंचा। इससे सुशीला काफी परेशान चल रही थी। परिजनों की मानें तो बुधवार को परिवार के लोग रिश्तेदारी में आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए थे। गुरुवार की सुबह सुशीला घर में अकेली थी। अचानक वह आग की चपेट में आ गई। शोर शराबा सुनकर गांव के लोग दौड़ पड़े। किसी तरह सुशीला की आग बुझाई और उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलते पर परिजन रोते बिलखते हुए अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने बताया कि सुशीला खाना बनाते समय आग की चपेट में आने से जल गई। गांव में इस बात की चर्चा है कि दूसरे पति के न आने से सुशीला परेशान रहती थी। इसी वजह से खुद को आग के हवाले कर दिया। अस्पताल में देर शाम सदर तहसीलदार की मौजूदगी में पंचायतनामा भरा गया।
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