{"_id":"1c3c8813287d6b195b68340e56f678da","slug":"pratapgarh-crime-news-hindi-news-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम कार्यालय के सामने आत्महत्या का प्रयास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डीएम कार्यालय के सामने आत्महत्या का प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 19 Feb 2016 11:29 PM IST
विज्ञापन
समस्या का समाधान न होने से क्षुब्ध एक अधेड़ ने डीएम कार्यालय
विज्ञापन
के सामने जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। जहर खाने से उसकी हालत
बिगड़ गई। इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई तो पुलिस बुलाकर उसे अस्पताल में
भर्ती कराया गया। हालत नाजुक देख कर चिकित्सकों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया।
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के पूरे धनीपुर निवासी अरुण कुमार उपाध्याय की भूमि पर गांव के ही कुछ लोग कब्जा कर लिए हैं। आरोप है कि उसका पेड़ भी काटकर बेच दिया। इससे वह काफी परेशान था। बताया जाता है कि कई बार इलाकाई पुलिस के साथ पट्टी एसडीएम व सीओ से भी शिकायत की, मगर कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार को वह फरियाद लेकर डीएम कार्यालय गया था। उसकी फरियाद नहीं सुनी गई तो उसने डीएम कार्यालय के सामने पोर्टिको के पास जहर खा लिया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। अधिकारियों की सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंच गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
हालत में सुधार होता न देखकर चिकित्सकों ने उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। इसके पहले भी उसने 23 अप्रैल वर्ष 15 में कचहरी परिसर में आत्मदाह करने का प्रयास किया था। कोतवाली पुलिस उसे थाने लेकर चली गई और उसके खिलाफ लिखापढ़ी। 18 फरवरी 2015 को टक्करगंज के पास जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। बताते हैं कि एक बार मुख्यमंत्री आवास पर भी वह शिकायत लेकर गया था। वहां पर भी उसकी शिकायत सुनने के लिए कोई नहीं तैयार हुआ तो उसने आत्मदाह करने का प्रयास किया था। कोतवाल हरपाल सिंह ने बताया कि अभी अरुण की हालत गंभीर है।
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के पूरे धनीपुर निवासी अरुण कुमार उपाध्याय की भूमि पर गांव के ही कुछ लोग कब्जा कर लिए हैं। आरोप है कि उसका पेड़ भी काटकर बेच दिया। इससे वह काफी परेशान था। बताया जाता है कि कई बार इलाकाई पुलिस के साथ पट्टी एसडीएम व सीओ से भी शिकायत की, मगर कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार को वह फरियाद लेकर डीएम कार्यालय गया था। उसकी फरियाद नहीं सुनी गई तो उसने डीएम कार्यालय के सामने पोर्टिको के पास जहर खा लिया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। अधिकारियों की सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंच गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
हालत में सुधार होता न देखकर चिकित्सकों ने उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। इसके पहले भी उसने 23 अप्रैल वर्ष 15 में कचहरी परिसर में आत्मदाह करने का प्रयास किया था। कोतवाली पुलिस उसे थाने लेकर चली गई और उसके खिलाफ लिखापढ़ी। 18 फरवरी 2015 को टक्करगंज के पास जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। बताते हैं कि एक बार मुख्यमंत्री आवास पर भी वह शिकायत लेकर गया था। वहां पर भी उसकी शिकायत सुनने के लिए कोई नहीं तैयार हुआ तो उसने आत्मदाह करने का प्रयास किया था। कोतवाल हरपाल सिंह ने बताया कि अभी अरुण की हालत गंभीर है।